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Sirsa News: सरकारी हड़ताल पर, एनएचएम और डेरे के चिकित्सकों ने संभाली कमान
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सिरसा। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले मांगों को लेकर शुक्रवार को जिले के सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। पूर्व में सूचना होने के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या भी कम रहीं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देेने के लिए एनएचएम और डेरे के चिकित्सकों को अलग-अलग सेवाओं की कमान सौंपी। इसके चलते इमरजेंसी से लेकर अन्य सभी सेवाएं शुरू हो गईं। हालांकि जिले में पूरे दिन में करीब 600 ओपीडी हुई। हालांकि आंख, नाक, कान व अन्य करीब 15 ऑपरेशन स्थगित किए गए। हड़ताली चिकित्सकों ने शुक्रवार को लीव अप्लाई की, जिससे विभाग ने तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस के जिला प्रधान डॉ. गौरव भाटी ने बताया कि मांगे पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। सरकार से मांग है कि एसएमओ की सीधी भर्ती न की जाए। चौथी एसीपी का लाभ दिया जाए। सर्विस के दौरान पीजी पर एक करोड़ के बांड की जगह 50 लाख किया जाए। डॉक्टरों के लिए विशेष कैडर का गठन किया जाए। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते नगारिक अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। एनएचएम और डेरे के चिकित्सकों ने दिनभर में करीब 300 ओपीडी देखी। मरीजों को दवा काउंटर पर दवा भी मिली।
चिकित्सकों की मौजूदा स्थिति
कुल पद : 216
चिकित्सकों की स्थिति : 112 चिकित्सक
छुट्टी लेकर हड़ताल पर रहे : 95 चिकित्सक।
केंद्रों पर इस प्रकार रहीं चिकित्सकों की स्थिति
नागरिक अस्पताल में पीएमओ व एसएसओ को मिलाकर 19 चिकित्सक ड्यूटी पर रहे।
जिले में आठ सीएचसी है। सभी सीएचसी पर दो-दो डाक्टर की तैनाती की गई।
जिले में 28 पीएचसी है। सभी पीएचसी पर एक-एक डाक्टर की तैनाती की गई।
यह सेवाएं रहेगी सुचारू
1 एमरजेंसी सेवाएं मिलीं।
2 शवों का पोस्टमार्टम हुआ।
3 बच्चों के टीकाकरण हुआ।
4 दवाओं के काउंटर खुले ।
5 टीबी अस्पताल की दवाइयां मिली।
6 सिटी स्कैन की सुविधा मिली।
7 महिलाओं की डिलीवरी हुईं।
8 नीकू सेवाएं चलीं।
9 ओपीडी की सेवाएं चलीं।
ऑपरेशन व अल्ट्रासाउंड रहे प्रभावित
हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन व अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिली। ड्यूटी पर होने के कारण चिकित्सकों ने कई ऑपरेशन को आगे बढ़ा दिया था। शुक्रवार को ऑपरेशन के तहत होने वाली डिलीवरी के केस नहीं आए। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच सिजेरियन डिलीवरी होती है। नसबंदी के तीन केस प्रतिदिन आते हैं। आंखों के 10 के करीब ऑपरेशन होते हैं। ये सब हड़ताल के चलते नहीं हुए।
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हड़ताल का लोगों की जुबानी यह रहे हालात
मेरे बेटे के कान में दर्द है। चिकित्सकों ने जांच कर बेटे को दवाई दी है। टेबलेट तो अस्पताल से ही मिल गई, लेकिन कुछ दवाई मिली नहीं है, वह बाहर से लेनी पड़ेगी। -गुलाबों बाई
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पिछले एक साल से घुटने में दर्द है। दवाई लेने के लिए नागरिक अस्पताल में आई हूं। डाक्टर तो मिले नहीं हैं, लेकिन एक सप्ताह की दवाई ले ली है। - गुलाब कौर, गांव ओढ़ा
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मुझे शुगर है और पिछले डेढ़ साल से दवाई ले रही हूं। सुबह अस्पताल में आई तो पता चला डाक्टरों की हड़ताल है। अंदर आई तो देखा कि नए डाक्टर दवाई लिख रहे हैं तो मैंने भी अपनी पर्ची उन्हें दिखाई। डाक्टर ने मुझे दवाई लिखकर दी है। शुक्र है कि अंदर आकर देख लिया, वरना बाहर से ही ठंड में वापस चली जाती। -72 वर्षीय शर्मी बाई, गांव शहीदांवाली
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस के जिला प्रधान डॉ. गौरव भाटी ने बताया कि मांगे पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। सरकार से मांग है कि एसएमओ की सीधी भर्ती न की जाए। चौथी एसीपी का लाभ दिया जाए। सर्विस के दौरान पीजी पर एक करोड़ के बांड की जगह 50 लाख किया जाए। डॉक्टरों के लिए विशेष कैडर का गठन किया जाए। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते नगारिक अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। एनएचएम और डेरे के चिकित्सकों ने दिनभर में करीब 300 ओपीडी देखी। मरीजों को दवा काउंटर पर दवा भी मिली।
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चिकित्सकों की मौजूदा स्थिति
कुल पद : 216
चिकित्सकों की स्थिति : 112 चिकित्सक
छुट्टी लेकर हड़ताल पर रहे : 95 चिकित्सक।
केंद्रों पर इस प्रकार रहीं चिकित्सकों की स्थिति
नागरिक अस्पताल में पीएमओ व एसएसओ को मिलाकर 19 चिकित्सक ड्यूटी पर रहे।
जिले में आठ सीएचसी है। सभी सीएचसी पर दो-दो डाक्टर की तैनाती की गई।
जिले में 28 पीएचसी है। सभी पीएचसी पर एक-एक डाक्टर की तैनाती की गई।
यह सेवाएं रहेगी सुचारू
1 एमरजेंसी सेवाएं मिलीं।
2 शवों का पोस्टमार्टम हुआ।
3 बच्चों के टीकाकरण हुआ।
4 दवाओं के काउंटर खुले ।
5 टीबी अस्पताल की दवाइयां मिली।
6 सिटी स्कैन की सुविधा मिली।
7 महिलाओं की डिलीवरी हुईं।
8 नीकू सेवाएं चलीं।
9 ओपीडी की सेवाएं चलीं।
ऑपरेशन व अल्ट्रासाउंड रहे प्रभावित
हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन व अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिली। ड्यूटी पर होने के कारण चिकित्सकों ने कई ऑपरेशन को आगे बढ़ा दिया था। शुक्रवार को ऑपरेशन के तहत होने वाली डिलीवरी के केस नहीं आए। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच सिजेरियन डिलीवरी होती है। नसबंदी के तीन केस प्रतिदिन आते हैं। आंखों के 10 के करीब ऑपरेशन होते हैं। ये सब हड़ताल के चलते नहीं हुए।
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हड़ताल का लोगों की जुबानी यह रहे हालात
मेरे बेटे के कान में दर्द है। चिकित्सकों ने जांच कर बेटे को दवाई दी है। टेबलेट तो अस्पताल से ही मिल गई, लेकिन कुछ दवाई मिली नहीं है, वह बाहर से लेनी पड़ेगी। -गुलाबों बाई
पिछले एक साल से घुटने में दर्द है। दवाई लेने के लिए नागरिक अस्पताल में आई हूं। डाक्टर तो मिले नहीं हैं, लेकिन एक सप्ताह की दवाई ले ली है। - गुलाब कौर, गांव ओढ़ा
मुझे शुगर है और पिछले डेढ़ साल से दवाई ले रही हूं। सुबह अस्पताल में आई तो पता चला डाक्टरों की हड़ताल है। अंदर आई तो देखा कि नए डाक्टर दवाई लिख रहे हैं तो मैंने भी अपनी पर्ची उन्हें दिखाई। डाक्टर ने मुझे दवाई लिखकर दी है। शुक्र है कि अंदर आकर देख लिया, वरना बाहर से ही ठंड में वापस चली जाती। -72 वर्षीय शर्मी बाई, गांव शहीदांवाली