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मृतिका के परिजन बोले: कपड़े देखकर अस्पताल डॉक्टर ने नहीं किया था मां को दाखिल
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ओवरब्रिज के नीचे स्थित संजीवनी अस्पताल में बीते दिन सोमवार को एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल में दाखिल न करने पर बुजुर्ग महिला की व्हीलचेयर पर मौत होने का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाए कि डॉक्टर द्वारा उनकी मां को अस्पताल में दाखिल नहीं किया गया और उनके कपड़े देखकर ही उनकी मां को अस्पताल से बाहर भेज दिया और किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा था।
कोटली निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला तुलसी देवी को सांस की दिक्कत होने के पश्चात उसका बेटा अमर सिंह उसे पहले सोमवार को नागरिक अस्पताल में लेकर गए। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑक्सीजन न होने की जानकारी दी। जिसके पश्चात वह अपनी मां को ई रिक्शा पर बैठाकर संजीवनी अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर से मिले तो डॉक्टर ने उनकी मां को भर्ती नहीं किया और किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की बात कह दी। जबकि जिन मरीजों की हालत ठीक थी उन्हें भर्ती किया जा रहा था। मां को भर्ती करवाने के लिए वह बार-बार कर्मचारियों से मिलते रहे और मां को दाखिल करवाने की फरियाद करते रहे, लेकिन डॉक्टर ने उनके कपड़े देख मां को दाखिल नहीं किया। करीब डेढ़ घंटे पश्चात भी उनकी मां को दाखिल नहीं किया तो उनकी मां ने उनके सामने व्हीलचेयर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं उन्होंने कहा कि उनका आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी दाखिल नहीं किया गया।
जब महिला के परिजन महिला को लेकर आए थे तो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तीन मरीज पहले से थे और ऑक्सीजन के बेड खाली नहीं थे। महिला के परिजनों को महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कहा था लेकिन वह अस्पताल के बाहर ही बैठे रहे। -डॉ. अंजनी अग्रवाल, मालिक संजीवनी हॉस्पिटल
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महिला की अस्पताल के बाहर मौत मामले में जांच की जाएगी और शिकायत मिलने के बाद अस्पताल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना महामारी के कारण किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी जिसके लिए अस्पताल प्रशासन ने टीम बनाई गई है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, एडमिट नहीं करने संबंधी शिकायतों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मुनीश बंसल , सीएमओ , नागरिक अस्पताल।
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कोटली निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला तुलसी देवी को सांस की दिक्कत होने के पश्चात उसका बेटा अमर सिंह उसे पहले सोमवार को नागरिक अस्पताल में लेकर गए। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑक्सीजन न होने की जानकारी दी। जिसके पश्चात वह अपनी मां को ई रिक्शा पर बैठाकर संजीवनी अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर से मिले तो डॉक्टर ने उनकी मां को भर्ती नहीं किया और किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की बात कह दी। जबकि जिन मरीजों की हालत ठीक थी उन्हें भर्ती किया जा रहा था। मां को भर्ती करवाने के लिए वह बार-बार कर्मचारियों से मिलते रहे और मां को दाखिल करवाने की फरियाद करते रहे, लेकिन डॉक्टर ने उनके कपड़े देख मां को दाखिल नहीं किया। करीब डेढ़ घंटे पश्चात भी उनकी मां को दाखिल नहीं किया तो उनकी मां ने उनके सामने व्हीलचेयर पर ही दम तोड़ दिया। वहीं उन्होंने कहा कि उनका आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी दाखिल नहीं किया गया।
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जब महिला के परिजन महिला को लेकर आए थे तो अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तीन मरीज पहले से थे और ऑक्सीजन के बेड खाली नहीं थे। महिला के परिजनों को महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए कहा था लेकिन वह अस्पताल के बाहर ही बैठे रहे। -डॉ. अंजनी अग्रवाल, मालिक संजीवनी हॉस्पिटल
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महिला की अस्पताल के बाहर मौत मामले में जांच की जाएगी और शिकायत मिलने के बाद अस्पताल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना महामारी के कारण किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी जिसके लिए अस्पताल प्रशासन ने टीम बनाई गई है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, एडमिट नहीं करने संबंधी शिकायतों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मुनीश बंसल , सीएमओ , नागरिक अस्पताल।