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मां दुर्गा के दरबार में नहीं चढ़ता चढ़ावा, प्रतिदिन श्रद्धालु करते है सवा लाख जाप
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दरबार में जाप करती संचालिका किरण मूंड व अन्य श्रद्धालु
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर के एडिशनल मंडी में स्थित मां दुर्गा दरबार में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता। अपितु चढ़ावे की जगह प्रतिदिन सवा लाख माता का जाप किया जाता है। दरबार में हर समय एक अखंड ज्योति जलती रहती है। जिसे श्रद्धालुओं द्वारा माता की कृपा माना जाता है।
मां दुर्गा दरबार शहरवासियों के लिए एक अलग से ही आस्था का केंद्र है। जिसमें दिन रात भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए आते है। भक्तों का मानना है कि माता के दरबार में एक नारियल चढ़ाने मात्र से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। दरबार की खास बात यह है कि दरबार में किसी प्रकार कोई चढ़ावा नहीं चढ़ता । जो भक्त दरबार में आते है माता के नाम का जाप रूपी चढ़ावा ही चढ़ाते है। वहीं नवरात्रों के नौ दिन कंजक पूजन व हवन होता है। दूसरी ओर हर महीने अष्टमी पर हवन कर लंगर चलाया जाता है जिसके लिए भी किसी प्रकार का चंदा या चढ़ावा नहीं मांगा जाता। श्रद्धालु अपने-अपने घर-घर से खाना बनाकर भक्तों में वितरित करते है।
25 साल से जल रही है अखंड ज्योति
दरबार की संचालिका किरण मूंड ने बताया कि मां दुर्गा दरबार में पिछले 25 साल से मां की अखंड ज्योति दिन रात जल रहती है। जिसके दर्शन मात्र से भक्तों का कष्ट दूर होता है। संचालिका के अनुसार जिस भक्त की शादी न हो रही हो, बच्चे न हो रहे हो, कोई काम न हो, कोई किसी बीमारी से ग्रस्त हो व अन्य कोई दुख हो तो मां की कृपा से दूर होते है।
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मंदिर में नहीं चढ़ता चढ़ावा
माता के दरबार में किसी प्रकार का कोई चंदा या चढ़ावा नहीं चढ़ता है। चढ़ावे के तौर पर माता के जाप यहां महिलाओं द्वारा किए जाते है। वहीं माता के नाम का एक नारियल भक्तों द्वारा चढ़ाया जाता है। भक्त प्रवीन रानी ने बताया कि वह पिछले 11 सालों से दरबार में आ रही है। जो भी मन्नत मांगती है मां पूर्ण करती है। भक्त ने बताया कि उसने कभी दरबार में किसी प्रकार का कोई चढ़ावा नहीं चढ़ाया है।
समिति द्वारा की जाती है जरूरतमंदों की मदद
संचालिका ने बताया कि कुछ भक्तों ने मिलकर मां दुर्गा दरबार सेवा समिति के नाम से एक समिति बनाई हुई है। जिसमें अगर किसी को किसी प्रकार जरूरत होती है तो उसे हर प्रकार की मद्द दी जाती है। समिति स्वयं ही खर्चा वहन कर जरूरतमंद की मदद करती है।
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मां दुर्गा दरबार शहरवासियों के लिए एक अलग से ही आस्था का केंद्र है। जिसमें दिन रात भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए आते है। भक्तों का मानना है कि माता के दरबार में एक नारियल चढ़ाने मात्र से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। दरबार की खास बात यह है कि दरबार में किसी प्रकार कोई चढ़ावा नहीं चढ़ता । जो भक्त दरबार में आते है माता के नाम का जाप रूपी चढ़ावा ही चढ़ाते है। वहीं नवरात्रों के नौ दिन कंजक पूजन व हवन होता है। दूसरी ओर हर महीने अष्टमी पर हवन कर लंगर चलाया जाता है जिसके लिए भी किसी प्रकार का चंदा या चढ़ावा नहीं मांगा जाता। श्रद्धालु अपने-अपने घर-घर से खाना बनाकर भक्तों में वितरित करते है।
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25 साल से जल रही है अखंड ज्योति
दरबार की संचालिका किरण मूंड ने बताया कि मां दुर्गा दरबार में पिछले 25 साल से मां की अखंड ज्योति दिन रात जल रहती है। जिसके दर्शन मात्र से भक्तों का कष्ट दूर होता है। संचालिका के अनुसार जिस भक्त की शादी न हो रही हो, बच्चे न हो रहे हो, कोई काम न हो, कोई किसी बीमारी से ग्रस्त हो व अन्य कोई दुख हो तो मां की कृपा से दूर होते है।
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मंदिर में नहीं चढ़ता चढ़ावा
माता के दरबार में किसी प्रकार का कोई चंदा या चढ़ावा नहीं चढ़ता है। चढ़ावे के तौर पर माता के जाप यहां महिलाओं द्वारा किए जाते है। वहीं माता के नाम का एक नारियल भक्तों द्वारा चढ़ाया जाता है। भक्त प्रवीन रानी ने बताया कि वह पिछले 11 सालों से दरबार में आ रही है। जो भी मन्नत मांगती है मां पूर्ण करती है। भक्त ने बताया कि उसने कभी दरबार में किसी प्रकार का कोई चढ़ावा नहीं चढ़ाया है।
समिति द्वारा की जाती है जरूरतमंदों की मदद
संचालिका ने बताया कि कुछ भक्तों ने मिलकर मां दुर्गा दरबार सेवा समिति के नाम से एक समिति बनाई हुई है। जिसमें अगर किसी को किसी प्रकार जरूरत होती है तो उसे हर प्रकार की मद्द दी जाती है। समिति स्वयं ही खर्चा वहन कर जरूरतमंद की मदद करती है।