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Sirsa News: पहले दिन नहीं हुई एक भी पेपर लेस रजिस्ट्री, लोग करते रहे इंतजार
Tue, 30 Sep 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:36 AM IST
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सिरसा। लघु सचिवालय परिसर में डिजिटल रजिस्ट्री सिस्टम की शुरूआत करवाते हुए राज्य सभा सदस्य सुभाष
सिरसा। लघु सचिवालय के सभागार में राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने राजस्व विभाग की चार सेवाओं के डिजिटलाइजेशन का शुभारंभ किया। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाइव कुरुक्षेत्र से किया। उपमंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। लेकिन पहले दिन ई दिशा केंद्र में भले ही टोकन काटने पर जोर देखने को मिला। लेकिन कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। आरसी और रजिस्ट्रार की आईडी लॉगिन सिस्टम नहीं चला। ऐसे में लोगों को मायूस ही लौटना पड़ा।
वहीं, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि राजस्व विभाग की चार सेवाओं का डिजिटलाइजेशन का कार्य व्यापक परिवर्तन लाने का काम करेगा। पेपरलेस रजिस्ट्री, निशानदेही प्रणाली से जनता को मिलेगा घर बैठे लाभ मिलेगा और काम में तत्परता व पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली व व्हाट्सएप चैटबोट से कार्य में पारदर्शिता के साथ-साथ आमजन को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने होंगे बल्कि घर बैठे ही उन्हें ज्यादातर कार्य करने में मदद मिलेगी।
प्रतिदिन जिले में कटते हैं 1200 टोकन
जानकारी के अनुसार तहसील में प्रतिदिन 1200 टोकन काटे जाते हैं। सोमवार को डिजिटल रजिस्ट्री की जानकारी मिलने के बाद टोकन काटने की स्थिति धीमी रही। जिले भर में 700 के आसपास टोकन काटे गए। हर कोई नये सिस्टम को लेकर चिंतित दिखा। इसलिए ई दिशा केंद्र में भी रजिस्ट्री करवाने वालों की भीड़ दिखी। शाम तक कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। एसडीएम राजेंद्र कुमार के अनुसार अभी प्रकिया शुरू हुई है ओर उसे पूरी तरह से चलने में वक्त लगेगा । सभी को यह प्रक्रिया सीखनी होगी ताकि कोई गलती न रहे। इसी आमजन को धैर्य रखना होगा।
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इन बदलावों का किया दावा
- कोई भी व्यक्ति राजस्व संबंधी कार्यों के बारे में व्हाट्सएप चैट बोट से ही पूरी जानकारी हासिल कर सकता है। जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान उसे घर बैठे पूरा रिकॉर्ड हासिल हो जाएगा। केवल रजिस्ट्री के दौरान क्रेता और विक्रेता को तहसील में जाना होगा।
- दूसरा बड़ा बदलाव जमीन की पैमाइश को लेकर आएगा। अब तक जरीब से पैमाइश की जाती थी, जिसमें कमियां रहने की शिकायत होती थी। लेकिन अब सारा ऑनलाइन होगा और इससे जमीन की पैमाइश के विवाद कम होंगे।
- जमीन के बंटवारे से संबंधित मामलों में वर्षों लग जाते थे और इनका निपटारा फिर भी नहीं हो पाता। नई व्यवस्था में पूरे मामले में मॉनिटरिंग रहेगी और फैसले जल्द आएंगे। इसके लिए हर केस की समीक्षा डिजिटल रूप से होगी।
इस दौरान ये रहे मौजूद
उपायुक्त शांतनु शर्मा, एसडीएम राजेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, अमन चोपड़ा, हनुमान कुंड्ड, रोहताश जांगड़ा, वीरेंद्र तिन्ना, पार्षद सुमन शर्मा, बिमला सिंवर, सुमन सैनी, सागर केहरवाला, गुरदेव सिंह राही, अमर सिंह घोटिया आदि गणमान्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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वहीं, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि राजस्व विभाग की चार सेवाओं का डिजिटलाइजेशन का कार्य व्यापक परिवर्तन लाने का काम करेगा। पेपरलेस रजिस्ट्री, निशानदेही प्रणाली से जनता को मिलेगा घर बैठे लाभ मिलेगा और काम में तत्परता व पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली व व्हाट्सएप चैटबोट से कार्य में पारदर्शिता के साथ-साथ आमजन को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने होंगे बल्कि घर बैठे ही उन्हें ज्यादातर कार्य करने में मदद मिलेगी।
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प्रतिदिन जिले में कटते हैं 1200 टोकन
जानकारी के अनुसार तहसील में प्रतिदिन 1200 टोकन काटे जाते हैं। सोमवार को डिजिटल रजिस्ट्री की जानकारी मिलने के बाद टोकन काटने की स्थिति धीमी रही। जिले भर में 700 के आसपास टोकन काटे गए। हर कोई नये सिस्टम को लेकर चिंतित दिखा। इसलिए ई दिशा केंद्र में भी रजिस्ट्री करवाने वालों की भीड़ दिखी। शाम तक कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। एसडीएम राजेंद्र कुमार के अनुसार अभी प्रकिया शुरू हुई है ओर उसे पूरी तरह से चलने में वक्त लगेगा । सभी को यह प्रक्रिया सीखनी होगी ताकि कोई गलती न रहे। इसी आमजन को धैर्य रखना होगा।
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इन बदलावों का किया दावा
- कोई भी व्यक्ति राजस्व संबंधी कार्यों के बारे में व्हाट्सएप चैट बोट से ही पूरी जानकारी हासिल कर सकता है। जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान उसे घर बैठे पूरा रिकॉर्ड हासिल हो जाएगा। केवल रजिस्ट्री के दौरान क्रेता और विक्रेता को तहसील में जाना होगा।
- दूसरा बड़ा बदलाव जमीन की पैमाइश को लेकर आएगा। अब तक जरीब से पैमाइश की जाती थी, जिसमें कमियां रहने की शिकायत होती थी। लेकिन अब सारा ऑनलाइन होगा और इससे जमीन की पैमाइश के विवाद कम होंगे।
- जमीन के बंटवारे से संबंधित मामलों में वर्षों लग जाते थे और इनका निपटारा फिर भी नहीं हो पाता। नई व्यवस्था में पूरे मामले में मॉनिटरिंग रहेगी और फैसले जल्द आएंगे। इसके लिए हर केस की समीक्षा डिजिटल रूप से होगी।
इस दौरान ये रहे मौजूद
उपायुक्त शांतनु शर्मा, एसडीएम राजेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, अमन चोपड़ा, हनुमान कुंड्ड, रोहताश जांगड़ा, वीरेंद्र तिन्ना, पार्षद सुमन शर्मा, बिमला सिंवर, सुमन सैनी, सागर केहरवाला, गुरदेव सिंह राही, अमर सिंह घोटिया आदि गणमान्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।