फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   New plan: Preparation to legalize 772 illegal colonies, merged to form 97, now drone survey starts

नई योजना : 772 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी, मर्ज करके 97 बनाई, अब ड्रोन सर्वे शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
New plan: Preparation to legalize 772 illegal colonies, merged to form 97, now drone survey starts
भूपेंद्र पंवार
विज्ञापन

सिरसा। अवैध कॉलोनियों में मकान बना चुके लोगों के लिए अच्छी खबर है। आधी से ज्यादा आबादी बसने वाली अवैध कॉलोनियों को सरकार जल्द ही वैध कॉलोनी की श्रेणी में लाने की घोषणा कर सकती है। सरकार के आदेश पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे में जिले की 772 अवैध कॉलोनियो को चिन्हित कर लिया गया है। छोटी-छोटी कॉलोनियों को मर्ज करके बड़ी कॉलोनियां दर्शाया और अब इनकी संख्या 97 बनी है। सरकार के आदेश पर अब जिला नगर योजनाकार विभाग ने ड्रोन से सर्वे भी शुरू कर दिया है। ये योजना सिरे चढ़ती है तो अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 5 लाख से ज्यादा लोगों को सीधा लाभ होगा।
सरकार की मंजूरी लिए बिना कॉलोनी स्थापित करना गैर कानूनी है। लेकिन पुरानी कॉलोनियां, जो इस समय आधी से ज्यादा आबाद हो चुकी है, उन्हें सरकार वैध करने की तैयारी कर रही है। इसीलिए सरकार ने जिला नगर योजनाकार विभाग को सर्वे का आदेश दिए। इस आदेश पर काम शुरु हुआ। जिला नगर योजनाकार विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। सर्वे में खुलासा हुआ है कि जिला भर में 772 कॉलोनियां ऐसी हैं जो अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आती हैं।
विज्ञापन

लेकिन इन सभी कॉलोनियों को वैध करना संभव नहीं है। ऐसे में इसका विकल्प ढूंढा गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि फैसला हुआ है कि साथ-साथ लगती कई अवैध कॉलोनियों को मर्ज करके बड़ी कॉलोनी रिकार्ड में दिखाया जाए। ताकि आमजन को लाभ मिल सके। इसलिए विभाग ने ये काम किया और अब 772 कॉलोनियों को मर्ज करके 97 बड़ी कॉलोनियों के रूप में चिन्हित करके सर्वे फाइनल कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीटीपी ने किया ले-आउट प्लान तैयार, अब ड्रोन से सर्वे हुआ शुरू
डीटीपी विभाग ने अवैध कॉलोनियों का सर्वे करके ले-आउट प्लान तैयार कर लिया है। इस प्लान को सरकार के पास भेज दिया गया है। अब सरकार ने आदेश दिया है कि इन कॉलोनियों में बने मकानों और अन्य निर्माण को लेकर पूरा ब्यौरा दिया जाए। इसका ड्रोन से सर्वे करने के आदेश दिए। ड्रोन से सर्वे के लिए दिल्ली की एक कंपनी गरुड़ के साथ अनुबंध किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि ड्रोन से सर्वे शुरू करने से पहले बाकायदा ना केवल जिला प्रशासन बल्कि वायुसेना केंद्र सहित अन्य विभागों से भी मंजूरी ली गई है। मंगलवार को ड्रोन से सर्वे शुरू कर दिया गया है। पहले दिन शहर के कंगनपुर और कीर्तिनगर क्षेत्र में ड्रोन से सर्वे शुरू किया गया है। अब डीटीपी विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर एजेंसी के कर्मचारी सभी चिन्हित कॉलोनियों में जाकर ड्रोन से सर्वे करेंगे।

बिना सीएलयू काम शुरू करने वालों पर चलता है पीला पंजा
डीटीपी विभाग से बिना मंजूरी लिए कॉलोनियां स्थापित करने वालों के खिलाफ विभाग के अधिकारी कार्रवाई करते हैं। इसके अलावा कृषि भूमि पर बिना सीएलयू लिए उद्योग स्थापित करने और अन्य कारोबार करने वालों के खिलाफ भी विभाग अभियान चलाता है। विभाग की ओर से सर्वे के बाद नोटिस दिए जाते हैं। जो नोटिस पर ध्यान ना दे तो पुलिस बल को साथ लेकर अवैध निर्माण पर पीला पंजा भी चलवा दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed