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Sirsa News: तीन पीढ़ियों की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाएंगी नीतू
Fri, 19 Jun 2026 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:51 PM IST
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नीतू का स्वागत करते ग्रामीण।
चोपटा। जिले के गांव लुदेसर की नाती और भारतीय वायुसेना में चयनित नीतू का गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। नीतू का सिरसा और उनके ननिहाल गांव लुदेसर से बचपन से गहरा जुड़ाव रहा है। उनका बचपन यहीं बीता तथा प्रारंभिक शिक्षा दयानंद स्कूल, सिरसा से हुई। अब नीतू तीन पीढ़ियों की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाएंगी।
भारतीय वायुसेना की एरोनॉटिकल इंजीनियर इलेक्ट्रॉनिक्स शाखा में चयन होने के बाद जब नीतू अपने ननिहाल गांव पहुंचीं तो उन्हें बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग एकत्रित हुए। राजस्थान के भादरा क्षेत्र से जुड़ी होनहार बेटी नीतू का चयन भारतीय वायुसेना एईएल ब्रांच के लिए हुआ है।
नीतू ने AFCAT-2 2025 परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एसएसबी इंटरव्यू एवं पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट सफलतापूर्वक पास किया। भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
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ग्रामीणों के अनुसार नीतू का पैतृक संबंध राजस्थान के अनूपशहर (भादरा) से है। उनके दादाजी रामस्वरूप कसवान हैं तथा उनके पिता सूबेदार (सेवानिवृत्त) वेद प्रकाश भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 25 ग्रेनेडियर्स यूनिट में सेवाएं दे चुके हैं। नीतू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, श्रीगंगानगर से प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पूरी की।
पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एनसीसी एयर विंग 3 पंजाब एयर स्क्वाड्रन, पटियाला में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2023 की गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली में उन्होंने अपने डायरेक्ट्रेट पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
इस प्रतिष्ठित कैंप में उन्होंने 'बेस्ट कैडेट' कैटेगरी में अपनी डायरेक्ट्रेट की तरफ से हिस्सा लिया और पूरे देश में टॉप 7 में अपनी जगह बनाई, जो किसी भी कैडेट के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
नीतू ने कहा कि वे बचपन से ही अपने पिता सूबेदार वेद प्रकाश और परनाना सूबेदार भीम सिंह गोदारा की वीरता एवं अनुशासन की कहानियां सुनकर उनके मन में देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ। उनके परनाना सूबेदार भीम सिंह गोदारा मूल रूप से गांव लुदेसर, जिला सिरसा के निवासी थे।
उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में सेवा दी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा मोर्चे पर बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 'बर्मा स्टार' सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य पदकों से सम्मानित किया गया था।
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भारतीय वायुसेना की एरोनॉटिकल इंजीनियर इलेक्ट्रॉनिक्स शाखा में चयन होने के बाद जब नीतू अपने ननिहाल गांव पहुंचीं तो उन्हें बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग एकत्रित हुए। राजस्थान के भादरा क्षेत्र से जुड़ी होनहार बेटी नीतू का चयन भारतीय वायुसेना एईएल ब्रांच के लिए हुआ है।
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नीतू ने AFCAT-2 2025 परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एसएसबी इंटरव्यू एवं पायलट एप्टीट्यूड टेस्ट सफलतापूर्वक पास किया। भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
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ग्रामीणों के अनुसार नीतू का पैतृक संबंध राजस्थान के अनूपशहर (भादरा) से है। उनके दादाजी रामस्वरूप कसवान हैं तथा उनके पिता सूबेदार (सेवानिवृत्त) वेद प्रकाश भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 25 ग्रेनेडियर्स यूनिट में सेवाएं दे चुके हैं। नीतू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, श्रीगंगानगर से प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पूरी की।
पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एनसीसी एयर विंग 3 पंजाब एयर स्क्वाड्रन, पटियाला में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2023 की गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली में उन्होंने अपने डायरेक्ट्रेट पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
इस प्रतिष्ठित कैंप में उन्होंने 'बेस्ट कैडेट' कैटेगरी में अपनी डायरेक्ट्रेट की तरफ से हिस्सा लिया और पूरे देश में टॉप 7 में अपनी जगह बनाई, जो किसी भी कैडेट के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
नीतू ने कहा कि वे बचपन से ही अपने पिता सूबेदार वेद प्रकाश और परनाना सूबेदार भीम सिंह गोदारा की वीरता एवं अनुशासन की कहानियां सुनकर उनके मन में देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ। उनके परनाना सूबेदार भीम सिंह गोदारा मूल रूप से गांव लुदेसर, जिला सिरसा के निवासी थे।
उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में सेवा दी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा मोर्चे पर बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 'बर्मा स्टार' सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य पदकों से सम्मानित किया गया था।