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अनुशासित व फिट रहने का संदेश देने सिरसा पहुंची नौसेना मैराथन
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नैवी सदस्य मैराथन में दौड़ लगाते हुए। विज्ञप्ति
- फोटो : Sirsa
सिरसा। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत नौसेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित मैराथन सोमवार सुबह सिरसा पहुंची। गांव पतली डाबड़ में मैराथन का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पर प्रशासन ने धावकों का भव्य स्वागत किया। मैराथन का मकसद युवाओं को अनुशासन के साथ-साथ फिट रहने का संदेश देना व उन्हें प्रेरित करना है।
मैराथन की अगुवाई कर रहे लेफ्टिनेंट कमांडेंट देवदत्त शर्मा ने गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को कहा कि हमेशा सकारात्मक सोचें और जीवन में कोई भी एक लक्ष्य बनाएं। उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सेहत के लिए एक से डेढ़ घंटा जरूर दें। स्वस्थ शरीर मानसिक रुप से भी स्वस्थ होगा, जिससे पढ़ाई भी अच्छी तरह से होगी। उन्होंने कहा कि स्वयं को मानसिक रुप से मजबूत बनाएं और जीवन की कठिनाइयों पर पछतावा करने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों को नौसेना के साथ-साथ अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया।
मैराथन में शामिल धावक 1500 किलोमीटर दौड़ेंगे
लेफ्टिनेंट कमांडर देवदत्त शर्मा ने बताया कि मैराथन में शामिल धावक 1500 किलोमीटर दौड़ेंगे। हर दिन एक पूर्ण मैराथन करीब 42 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी की होगी। अब तक 700 किलोमीटर की दूरी पूरी हो चुकी है, जोकि दिल्ली से पानीपत, करनाल, यमुनानगर, जगाधरी, पंचकूला से अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद से बरवाला होते हुए सिरसा पहुंची है। इस यात्रा का उद्देश्य आजादी का अमृत महोत्सव मनाना और नौसेना दिवस को याद करना है। धावक स्कूल-कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को हमेशा आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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धावकों को फूल मालाओं से किया अभिवादन
जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह, एसएचओ डिंग सुरेश कुमार, एसएचओ ट्रेफिक शमशेर सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने धावकों को फूल माला पहनाकर अभिवादन किया। इस अवसर पर क्रिकेट कोच शंकर सैनी, एथलेटिक कोच प्रियंका, हॉकी कोच सुरेंद्र आदि उपस्थित रहे। इस मैराथन का 30 अक्तूबर को दिल्ली से शुभारंभ हुआ था, जोकि हरियाणा, चंडीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों से होकर तीन दिसंबर को नौसेना दिवस पर दिल्ली में समाप्त होगी।
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मैराथन की अगुवाई कर रहे लेफ्टिनेंट कमांडेंट देवदत्त शर्मा ने गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को कहा कि हमेशा सकारात्मक सोचें और जीवन में कोई भी एक लक्ष्य बनाएं। उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सेहत के लिए एक से डेढ़ घंटा जरूर दें। स्वस्थ शरीर मानसिक रुप से भी स्वस्थ होगा, जिससे पढ़ाई भी अच्छी तरह से होगी। उन्होंने कहा कि स्वयं को मानसिक रुप से मजबूत बनाएं और जीवन की कठिनाइयों पर पछतावा करने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों को नौसेना के साथ-साथ अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया।
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मैराथन में शामिल धावक 1500 किलोमीटर दौड़ेंगे
लेफ्टिनेंट कमांडर देवदत्त शर्मा ने बताया कि मैराथन में शामिल धावक 1500 किलोमीटर दौड़ेंगे। हर दिन एक पूर्ण मैराथन करीब 42 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी की होगी। अब तक 700 किलोमीटर की दूरी पूरी हो चुकी है, जोकि दिल्ली से पानीपत, करनाल, यमुनानगर, जगाधरी, पंचकूला से अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद से बरवाला होते हुए सिरसा पहुंची है। इस यात्रा का उद्देश्य आजादी का अमृत महोत्सव मनाना और नौसेना दिवस को याद करना है। धावक स्कूल-कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को हमेशा आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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धावकों को फूल मालाओं से किया अभिवादन
जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह, एसएचओ डिंग सुरेश कुमार, एसएचओ ट्रेफिक शमशेर सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने धावकों को फूल माला पहनाकर अभिवादन किया। इस अवसर पर क्रिकेट कोच शंकर सैनी, एथलेटिक कोच प्रियंका, हॉकी कोच सुरेंद्र आदि उपस्थित रहे। इस मैराथन का 30 अक्तूबर को दिल्ली से शुभारंभ हुआ था, जोकि हरियाणा, चंडीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों से होकर तीन दिसंबर को नौसेना दिवस पर दिल्ली में समाप्त होगी।