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Sirsa News: बोरवेल बंद होने से नरमे की फसल पानी में डूबी
Sun, 07 Jul 2024 05:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 07 Jul 2024 05:30 AM IST
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सिरसा। भारत माला हाईवे के तहत ऐलनाबाद के पास बने टोल प्लाजा के पास वर्षा जल संचयन प्रणाली के तहत लगे दो बोरवेल की व्यवस्था शनिवार को हुई तेज बारिश में ध्वस्त हो गई। एक किलोमीटर हाईवे का पानी हाईवे के दोनों ओर लगे खेतों में भर गया। इससे नरमे की फसल खराब हो गई। गांव अलीकां के किसानों के विरोध पर कंपनी के कर्मचारी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और मौजूदा व्यवस्था को सुधारने का आश्वासन दिया।
गांव अलीकां के किसान बलविंद्र सिंह, बेअंत सिंह व सुखविंदर सिंह ने बताया कि भारत माला हाईवे के पास गांव अलीकां के खेत लगते हैं। खेतों में बरसात का पानी न जाए, इसको लेकर वीआरएस कंपनी ने दो जगह वर्षा जल संचयन प्रणाली के तहत बोरवेल बनाए हैं। ताकि उनके माध्यम से पानी भूमि में चला जाए।
ये बोरवेल पहले से बंद थे। एक माह पहले ही कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर वर्षा जल संचयन प्रणाली की हकीकत दिखाई गई थी। एक टैंकर पानी डालने के बाद वह पानी भूमि में नहीं गया और बाहर आ गया।
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उस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वर्षा जल संचयन प्रणाली को दुरुस्त किया जाएगा। ताकि बारिश के दिनों में किसानों को परेशान न होना पड़े। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इससे शनिवार को हुई बारिश में हाईवे के दोनों ओर बने खेतों की नरमे की फसल में पानी भर गया। इससे नरमे की फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
इस प्रकार बनानी थी वर्षा जल संचयन प्रणाली
किसानों ने बताया कि अधिकारियों ने बताया था कि वर्षा जल संचयन प्रणाली के लिए 60 फीट गहरे बोरवेल खोदे जाएंगे। सात से आठ फीट बोरवेल खोदकर खानापूर्ति कर दी गई। इससे बरसात के दौरान यह प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
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गांव अलीकां के किसान बलविंद्र सिंह, बेअंत सिंह व सुखविंदर सिंह ने बताया कि भारत माला हाईवे के पास गांव अलीकां के खेत लगते हैं। खेतों में बरसात का पानी न जाए, इसको लेकर वीआरएस कंपनी ने दो जगह वर्षा जल संचयन प्रणाली के तहत बोरवेल बनाए हैं। ताकि उनके माध्यम से पानी भूमि में चला जाए।
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ये बोरवेल पहले से बंद थे। एक माह पहले ही कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर वर्षा जल संचयन प्रणाली की हकीकत दिखाई गई थी। एक टैंकर पानी डालने के बाद वह पानी भूमि में नहीं गया और बाहर आ गया।
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उस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वर्षा जल संचयन प्रणाली को दुरुस्त किया जाएगा। ताकि बारिश के दिनों में किसानों को परेशान न होना पड़े। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इससे शनिवार को हुई बारिश में हाईवे के दोनों ओर बने खेतों की नरमे की फसल में पानी भर गया। इससे नरमे की फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
इस प्रकार बनानी थी वर्षा जल संचयन प्रणाली
किसानों ने बताया कि अधिकारियों ने बताया था कि वर्षा जल संचयन प्रणाली के लिए 60 फीट गहरे बोरवेल खोदे जाएंगे। सात से आठ फीट बोरवेल खोदकर खानापूर्ति कर दी गई। इससे बरसात के दौरान यह प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।