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Sirsa News: विज्ञापन लगाने के लिए पेड़ों में ठोक रहे कीलें, प्रशासन बेखबर

Mon, 10 Jun 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 10 Jun 2024 12:20 AM IST
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Nails are being hammered into trees to put up advertisements, administration unaware
सिरसा। शहर के हाइवे से लेकर शहर की मुख्य सड़कों व गलियों में खड़े हरे भरे पेड़ों को लोगों ने विज्ञापन का जरिया बनाते हुए इन पर कीलें गाड़कर अपने विज्ञापन वाले बोर्ड, बैनर टांग दिए हैं। शहर के हिसार रोड पर तो कोचिंग सेंटरों ने सेव ट्री का टैग लगाकर पेड़ों पर कीलें गाड़कर अपने विज्ञापन लगाए हुए हैं। इन्हें टांगने के लिए पेड़ों में मोटी-मोटी कीलें ठोक दी गई हैं। इस वजह से वर्षों पुराने पेड़ भी सूख रहे हैं। शहर के डबवाली रोड मिनी बाईपास पर तो कई पेड़ सूख भी चुके हैं।
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बड़ी बात यह है कि इन पेड़ों पर अपने विज्ञापन टांगने वाले कोई अनपढ़ नहीं हैं, बल्कि कोचिंग सेंटर, छोटे अस्पताल चला रहे लोग शामिल हैं। इन लोगों को यह भलीभांति पता है कि पेड़ों पर कीलें ठोककर वे उन्हें और अपने पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के मामले में यह कीलें हरे भरे पेड़ों को सूखने पर मजबूर कर रही हैं। वहीं जो लोग पेड़ों में कीलें ठोककर अपना प्रचार कर रहे हैं, उनको यह भी समझ नहीं है कि आगे आने वाले समय में पेड़ों की कमी हमारे लिए कितनी दुश्वारियां पैदा कर सकती हैं। संवाद
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पर्यावरण को पहुंच रहा गंभीर नुकसान
सड़कों पर लगे पेड़ हरियाली तो देते ही हैं, साथ ही गर्मी में छांव और प्राणवायु भी देते हैं। गर्मी से त्रस्त लोग जब पैदल चलते हैं, तो इन्हीं पेड़ों की छांव उनको गर्मी से बचने के लिए सहारा देने का काम करती है। सरकार हर साल सड़कों के दोनों ओर पेड़ लगवाती है, ताकि लोगों को भीषण गर्मी में राहत के लिए जगह मिल सके और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। पेड़ों पर कीलें ठोकने के कारण हिसार रोड व डबवाली रोड पर कई पेड़ सूख भी चुके हैं।
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कील ठोकने से तने पर हो जाता है घाव
पर्यावरणविदों के अनुसार, पेड़ में ढाई इंच लंबाई से ज्यादा बड़ी कील ठोक दी जाए, तो उनके तने पर गहरा घाव हो जाता है। इस घाव को ये पेड़ खुद नहीं भर पाते। उनके ट्रांसपोर्टिंग टिश्यू भी डैमेज हो जाते हैं। इससे पेड़ों की जड़ों से होकर ऊपर की ओर पानी और मिनरल्स जाने की प्रक्रिया तथा ऊपर से नीचे भोजन जाने की प्रक्रिया बुरी तरह बाधित हो जाती है। उनकी पत्तियां गिरने लगती हैं और पेड़ सूखने लगते हैं।


यह काफी गंभीर मामला है, पेड़ों पर कीलें ठोकर कोई भी व्यक्ति अपने विज्ञापन नहीं लगा सकता। कीलें ठोकने से पौधों को कैंसर हो सकता है ओर वह सूख भी सकता है। इसके लिए हमने कई बार शिकायत दी है, लेकिन इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। हिसार रोड पर तो सबसे अधिक हालात खराब हैं। यहां पर हर दूसरे या तीसरे पेड़ पर आपको पेड़ों पर ऐसे पोस्टर लगे मिल जाएंगी। हम लगातार पौधरोपण अभियान चला रहे हैं और यह लोग पेड़ाें को समाप्त करने में लगे हैं।

-बलदेव राज, पर्यावरण संरक्षक, सिरसा।


यह मामला काफी गंभीर है। हिसार व डबवाली रोड को देखा जाएगा और जिन लोगों ने पेड़ों पर कील ठोककर अपने विज्ञापन लगा रखे हैं इनको नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति पेड़ों पर कीलें नहीं ठोक सकता और ना ही विज्ञापन लगा सकता है।
-सतीश कुमार, जिला वन अधिकारी, सिरसा।
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