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नप ने अदालत और उच्च अधिकारियों को झूठ बोलकर किया गुमराह

Sat, 13 Feb 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा Updated Sat, 13 Feb 2016 01:53 AM IST
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nagar parsiad lies in court and our officers
 नगर परिषद के अधिकारी आम जनता के साथ अदालत को भी गुमराह करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है, जिसमें नप के कार्यकारी अधिकारी ने अदालत के समक्ष शपथ पत्र देकर गली निर्माण के बारे में झूठ बोला है।
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नप अधिकारी के इस झूठ का खुलासा विभाग के जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार तहत दी गई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट को देखकर लगता है कि शहर के प्रीत नगर की गली नंबर चार में गली निर्माण के नाम पर खूब गोलमाल हुआ है। गली निर्माण से जुड़े इस मामले में नप अधिकारी ने अदालत, प्रशासन व शिकायतकर्ता को भी अलग-अलग जवाब देकर गुमराह करने का प्रयास किया है।
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 रिपोर्ट के अनुसार प्रीत नगर की गली नंबर चार में अप्रैल 2015 को गली निर्माण का क ाम शुरू किया था। 25 प्रतिशत निर्माण करने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। अधूरे छोड़े कार्य से गली वासियों को परेशानी होने लगी। इसे लेकर एडवोकेट लक्की दुग्गल ने नियमित लोक अदालत में नगर परिषद के खिलाफ याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने सीएम विडो में भी नगर परिषद की इस लापरवाही की शिकायत की।
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 अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान नप के कार्यकारी अधिकारी ने अदालत के समक्ष पेश होकर कहा कि नगर परिषद ने इस गली निर्माण के लिए टेंडर निकाला था। ठेकेदार ने इसके निर्माण की अनुमानित लागत दस लाख रुपये बताई। इसके बाद गली का निर्माण शुरू करवाया गया। बाकी का कार्य पंचायत चुनाव के बाद करवाया जाएगा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत नगर परिषद से इस गली के टेंडर संबंधित जानकारी मांगी। गौरतलब है कि नगर परिषद अधिकारियों पर गली निर्माण के नाम पर लाखों का गबन करने के आरोप लगते रहे हैं। कई अधिकारियों को गबन के आरोप में पिछले साल जेल भी जाना पड़ा।

टेंडर ही नहीं हुआ तो भुगतान कैसा
याचिकाकर्ता लक्की दुग्गल द्वारा मांगी गई सूचना के संबंध में नगर परिषद के जन सूचना अधिकारी ने लिखित में जवाब भेजा कि प्रीत नगर की गली नंबर चार का कोई टेंडर नगर परिषद सिरसा द्वारा नहीं करवाया गया है। जब टेंडर ही नहीं करवाया जो ठेकेदार को भुगतान कैसा। यह जानकारी चौकाने वाली है क्योंकि याचिकाकर्ता द्वारा सीएम विंडो में की गई शिकायत पर चार जून 2015 को नप के कार्यकारी अधिकारी ने सचिव, शहरी स्थानीय निकाय, पंचकूला व शिकायतकर्ता को इससे उलट जानकारी दी थी।

टेंडर करवाया गया था और सामग्री की जांच भी हुई
कार्यकारी अधिकारी ने सीएम विडो की शिकायत का जवाब देते हुए अपने विभाग के उच्च अधिकारी व शिकायतकर्ता को बताया कि  नगर नगर परिषद सिरसा द्वारा गली नंबर चार का निर्माण टेंडर द्वारा करवाया गया था। इसके अलावा निर्माण सामग्री की जांच सरकार द्वारा मंजूरशुदा लैब से करवाकर व उच्च अधिकारियों से इनकी मोनिटरिंग करवाने के उपरांत अदायगी की गई है। इस गली का शेष बचा कार्य टेंडर आमंत्रित करके करवाया जाएगा।


घपले के आरोप में दो अधिकारी जा चुके हैं जेल

जून 2015 में गली निर्माण घपलेबाजी में नगर परिषद के एमई सुबेर और जेई अरुण के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, लोक सेवक द्वारा अमानत में खयानत करना, फर्जी कागजात से सरकारी राशि हड़पने का केस दर्ज किया था। जुलाई महीने में पुलिस ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। इन पर आरोप है कि बरनाला रोड स्थित गली ब्रह्मकुमारी को केवल कागजों में ही बना दिखाया गया है और लाखों रुपये का गोलमाल किया।

रिकॉर्ड देखकर ही बता पाऊंगा
इस मामले में मैं रिकॉर्ड देखकर ही कुछ बता पाऊंगा। वैसे मुझे कुछ याद नहीं । किसने क्या जवाब दिया है यह रिकॉर्ड देखने पर ही पता चलेगा।
अतर सिंह कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सिरसा।
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