{"_id":"5e39b1ee8ebc3ee61045e7fb","slug":"nagar-nigam-sirsa-news-rtk540629992","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग ने नप को भेजा 54 लाख 50 हजार रुपये मुआवजे का नोटिस, आज जमा करवाने का अंतिम दिन ृ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग ने नप को भेजा 54 लाख 50 हजार रुपये मुआवजे का नोटिस, आज जमा करवाने का अंतिम दिन ृ
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नगर परिषद सिरसा।
- फोटो : Sirsa
जिले के दो विभागों के बीच एक दूसरे को नोटिस भेजने का सिलसिला पिछले 6 माह से जारी है। इसी कड़ी के चलते ही अब वन विभाग ने नगर परिषद सिरसा को एक नोटिस जारी किया है। वन विभाग सिरसा ने नगर परिषद को वन क्षति रिपोर्ट पर 54 लाख 50 हजार रुपये का नोटिस भेजकर मुआवजा भरने के लिए कहा है। नोटिस अनुसार नगर परिषद पांच फरवरी को सुबह 11 बजे तक सिरसा रेंज ऑफिस के कार्यालय में मुआवजा भर दें, यदि नगर परिषद मुआवजा राशि नहीं भरता तो इसे कुरुक्षेत्र की पर्यावरण कोर्ट में केस डाला जाएगा, जिसमें जुर्माना राशि की रिकवरी व 6 माह की सजा का भी प्रावधान है। बता दें कि इससे पहले भी दोनों विभाग एक दूसरे को कई मामलों में नोटिस जारी कर चुके हैं।
ये हैं मामला
सीएम एनाउंसमेंट के तहत 2016 में हिसार रोड पर नगर परिषद ने करीब 10900 वर्ग मीटर जगह पर सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल लगाई थी। ताकि सड़क के किनारे धूल मिट्टी न उड़े। लेकिन 2019 में वन विभाग ने इसे अपनी जमीन बताया और दोनों में इस मामले को लेकर पत्राचार चला। करीब दो महीने पहले नगर परिषद को वन विभाग की जमीन अतिक्रमण करने और पेड़ पौधों को क्षति पहुंचाने का नोटिस जारी कर दिया। वन विभाग का आरोप है कि इंटर लाकिंग टाइल से पेड़ पौधों की क्षति हुई है, इसलिए 54 लाख 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। बदले में नगर परिषद ने जवाब देते हुए कहा था कि यह हमने सीएम घोषणा के तहत विकास कार्य करवाया था। इस दौरान किसी भी पेड़ पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा, अगर वन विभाग कहेगा कि हम टाइलें उखाड़ लेंगे। इसके बाद नप ने डीएफओ के नाम पत्र जारी करके बिना नक्शा पास करवाकर निर्माण कार्य करने का नोटिस दिया था। तब वन विभाग ने जवाब दिया था कि यह जमीन वन विभाग की है और वे अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करवा सकते हैं। लेकिन नप ने कहा था कि नक्शा पास करवाकर ही निर्माण कार्य किया जा सकता है। अब वन विभाग ने 29 जनवरी 2020 को नगर परिषद सिरसा को फिर से 54 लाख 50 हजार रुपये हर्जाने का नोटिस भेजा दिया। साथ ही लिखा है कि यदि नगर परिषद हर्जाना राशि का भुगतान नहीं करती तो मामले को कुरुक्षेत्र में पर्यावरण अदालत में डाल दिया जाएगा। जिसके तहत जुर्माना व 6 माह की कैद की सजा का प्रावधान है।
नोटिस भेजा गया हैं और मुआवजा राशि भरने के निर्देश दिए हैं।
- वन खंड अधिकारी, सिरसा।
नोटिस का जवाब पहले भी दिया जा चुका है, ईओ के साथ विचार विमर्श किया जाएगा।
- सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।
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ये हैं मामला
सीएम एनाउंसमेंट के तहत 2016 में हिसार रोड पर नगर परिषद ने करीब 10900 वर्ग मीटर जगह पर सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल लगाई थी। ताकि सड़क के किनारे धूल मिट्टी न उड़े। लेकिन 2019 में वन विभाग ने इसे अपनी जमीन बताया और दोनों में इस मामले को लेकर पत्राचार चला। करीब दो महीने पहले नगर परिषद को वन विभाग की जमीन अतिक्रमण करने और पेड़ पौधों को क्षति पहुंचाने का नोटिस जारी कर दिया। वन विभाग का आरोप है कि इंटर लाकिंग टाइल से पेड़ पौधों की क्षति हुई है, इसलिए 54 लाख 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। बदले में नगर परिषद ने जवाब देते हुए कहा था कि यह हमने सीएम घोषणा के तहत विकास कार्य करवाया था। इस दौरान किसी भी पेड़ पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा, अगर वन विभाग कहेगा कि हम टाइलें उखाड़ लेंगे। इसके बाद नप ने डीएफओ के नाम पत्र जारी करके बिना नक्शा पास करवाकर निर्माण कार्य करने का नोटिस दिया था। तब वन विभाग ने जवाब दिया था कि यह जमीन वन विभाग की है और वे अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करवा सकते हैं। लेकिन नप ने कहा था कि नक्शा पास करवाकर ही निर्माण कार्य किया जा सकता है। अब वन विभाग ने 29 जनवरी 2020 को नगर परिषद सिरसा को फिर से 54 लाख 50 हजार रुपये हर्जाने का नोटिस भेजा दिया। साथ ही लिखा है कि यदि नगर परिषद हर्जाना राशि का भुगतान नहीं करती तो मामले को कुरुक्षेत्र में पर्यावरण अदालत में डाल दिया जाएगा। जिसके तहत जुर्माना व 6 माह की कैद की सजा का प्रावधान है।
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नोटिस भेजा गया हैं और मुआवजा राशि भरने के निर्देश दिए हैं।
- वन खंड अधिकारी, सिरसा।
नोटिस का जवाब पहले भी दिया जा चुका है, ईओ के साथ विचार विमर्श किया जाएगा।
- सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।