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Sirsa News: नाबार्ड के 63 करोड़ रुपये से बुझेगी राजस्थान से लगते गांवों की प्यास
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गांव कर्मशाना में पानी की किल्लत के चलते बेलगाड़ी में पानी लेकर आता हुआ ग्रामीण
सिरसा। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड अब सिरसा जिले के राजस्थान सीमा से लगते गांवों की प्यास बुझाने में कारगर साबित होगा। नाबार्ड की ओर से 63.04 करोड़ रुपये राजस्थान से लगते 20 के आसपास गांवों के लिए जारी किए गए हैं। यह धन जन स्वास्थ्य विभाग को जारी हुआ और इसके आधार पर दो बड़े प्रोजेक्ट विभाग ने तैयार किए हैं। जिससे राजस्थान की सीमा से लगते गांवों की पेयजल सप्लाई की सालों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह प्रोजेक्ट आगामी कई वर्षों की जनसंख्या का ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। इससे भविष्य में इन गांवों के लोगों को परेशानी न उठानी पड़ी है। अहम बात यह है कि पेयजल सप्लाई को लेकर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नाबार्ड से ऐलनाबाद जिले को मिला है।
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ये हैं दो प्राेजेक्ट
प्रोजेक्ट 1--
कुल बजट-- 30 करोड़ 65 लाख
गांव-- कर्मसाना , खारी सुरेरा, मिटठी सुरेरा, मिठनपुरा, किशनपुरा, नीमला, ढाणी शेरावाली आदि
यह है प्रोजेक्ट - विभाग के अनुसार दो एकड़ भूमि विशेष रूप से जलघर के लिए विभाग ने ली है। इस जलघर के लिए 15 किलोमीटर दूर से शेरावाली माइनर से पानी की लाइन बिछाई जाएगी। विभाग की ओर से भरूटवाला के पास पंप हाउस बनाया जाएगा। जिससे इन गांवों में पेयजल सप्लाई की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद इन गांवों में पेयजल सप्लाई की कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
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मौजूदा स्थिति-- गर्मियों के दिनों में खासकर ग्रामीणों को पानी खरीदना पड़ता है। पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत नौ के आसपास गांवों को रहती है। इसलिए यह प्रोजेक्ट इन गांवों के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि गांव कर्मसाना के ग्रामीणों ने पूर्व में पेयजल सप्लाई के लिए धरना भी दिया था।
टेंडर की स्थिति - जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट फाइनल हो चुका है।
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प्रोजेक्ट दो
कुल बजट - 32 करोड़ 39 लाख रुपये
गांव - गांव मौजू की ढाणी, गांव ढोबरिया, मिर्जापुर, टिब्बा की ढाणी, दमा सिंह थेहड़ी, तलवाडा खुर्द आदि गांव शामिल हैं।
यह है प्रोजेक्ट-- जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन गांवों के लिए विशेष रूप से वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया जाएगा। जिससे इन एरिया में नियमित रूप से पेयजल सप्लाई हो सके। इसको लेकर विशेष प्लानिंग की गई है और गांवों के हर घर तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाया जाएगा। इसको लेकर प्रोजेक्ट तैयार है।
टेंडर की स्थिति - जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट फाइनल हो चुका है।
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राजस्थान के साथ लगते 20 के आसपास गांवों की पेयजल समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा। भविष्य के अनुरूप प्रोजेक्ट बनाए गए हैं। जिससे ग्रामीणों को कभी पानी की किल्लत नहीं होगी। इन प्रोजेक्टों को लेकर नाबार्ड से 63 करोड़ के आसपास पैसा आ चुका है। इन गांवों टेंडर लगाकर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा।
-डॉ. जसवंत सिंह, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग
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जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह प्रोजेक्ट आगामी कई वर्षों की जनसंख्या का ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। इससे भविष्य में इन गांवों के लोगों को परेशानी न उठानी पड़ी है। अहम बात यह है कि पेयजल सप्लाई को लेकर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नाबार्ड से ऐलनाबाद जिले को मिला है।
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ये हैं दो प्राेजेक्ट
प्रोजेक्ट 1
कुल बजट
गांव
यह है प्रोजेक्ट - विभाग के अनुसार दो एकड़ भूमि विशेष रूप से जलघर के लिए विभाग ने ली है। इस जलघर के लिए 15 किलोमीटर दूर से शेरावाली माइनर से पानी की लाइन बिछाई जाएगी। विभाग की ओर से भरूटवाला के पास पंप हाउस बनाया जाएगा। जिससे इन गांवों में पेयजल सप्लाई की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद इन गांवों में पेयजल सप्लाई की कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
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मौजूदा स्थिति
टेंडर की स्थिति - जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट फाइनल हो चुका है।
प्रोजेक्ट दो
कुल बजट - 32 करोड़ 39 लाख रुपये
गांव - गांव मौजू की ढाणी, गांव ढोबरिया, मिर्जापुर, टिब्बा की ढाणी, दमा सिंह थेहड़ी, तलवाडा खुर्द आदि गांव शामिल हैं।
यह है प्रोजेक्ट
टेंडर की स्थिति - जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट फाइनल हो चुका है।
राजस्थान के साथ लगते 20 के आसपास गांवों की पेयजल समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा। भविष्य के अनुरूप प्रोजेक्ट बनाए गए हैं। जिससे ग्रामीणों को कभी पानी की किल्लत नहीं होगी। इन प्रोजेक्टों को लेकर नाबार्ड से 63 करोड़ के आसपास पैसा आ चुका है। इन गांवों टेंडर लगाकर जल्द ही काम शुरू करवाया जाएगा।
-डॉ. जसवंत सिंह, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग