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हत्यारे जेई को कल सुनाई जाएगी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
Updated Thu, 14 Jan 2016 12:34 AM IST
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मां के कत्ल का राज छिपाने के लिए दोस्त की हत्या करने वाले जेई सुनील और उसके दोस्त संजय भादू को कोर्ट अब 15 जनवरी को सजा सुनाएगी। बुधवार को अदालत की ओर से दोनों को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सजा में राहत की अर्जी दाखिल की।
मामले के अनुसार फतेहाबाद के माडल टाउन निवासी सुनील माचरा बिजली निगम में जेई था। उसकी मां कमला माचरा के नाम सारी पुश्तैनी जायदाद थी। उसकी मां उसे पुश्तैनी जायदाद से होने वाली कमाई नहीं देती थी। सुनील माचरा कनाडा जाना चाहता था, लेकिन मां उसे जाने नहीं दे रही थी। जेई सुनील माचरा ने सिरसा में अपने दोस्त संजय भादू के साथ मिलकर मां की हत्या करने की साजिश रची। दस नवंबर 2013 को उसकी पत्नी अपने मायके सिरसा गई हुई थी। घर में उसकी मां कमला अकेली थी। संजय भादू ने उसकी मां कमला के सिर पर रिवॉल्वर की बट से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सिरसा में वह संजय को छोड़कर पत्नी के मायके चला गया और पत्नी को लेकर शाम को छह बजे फतेहाबाद पहुंचा। सुनील माचरा अपनी मां की हत्या करने की सारी बात अपने दोस्त और गांव नूरकी अहली निवासी एक कार मैकेनिक कश्मीर सिंह को बता दी। उसे कश्मीर द्वारा ब्लैकमेलिंग का डर सताने लगा। 18 नवंबर को वह, संजय भादू और कश्मीर के साथ अपने मामा जगदीश के घर सिरसा जिले के गांव खारियां जाने के लिए निकला। रास्ते में शराब पी और कश्मीर के बेसुध होने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
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रानियां थाना पुलिस हत्या के इस मामले की जांच शुरू कर और दोनों सुनील माचरा और संजय भादू को काबू कर लिया। मंगलवार को अदालत ने दोनों को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को अदालत की ओर से दोनों को सजा सुनाई जानी थी, पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सजा में राहत की अर्जी दाखिल की।
मामले के अनुसार फतेहाबाद के माडल टाउन निवासी सुनील माचरा बिजली निगम में जेई था। उसकी मां कमला माचरा के नाम सारी पुश्तैनी जायदाद थी। उसकी मां उसे पुश्तैनी जायदाद से होने वाली कमाई नहीं देती थी। सुनील माचरा कनाडा जाना चाहता था, लेकिन मां उसे जाने नहीं दे रही थी। जेई सुनील माचरा ने सिरसा में अपने दोस्त संजय भादू के साथ मिलकर मां की हत्या करने की साजिश रची। दस नवंबर 2013 को उसकी पत्नी अपने मायके सिरसा गई हुई थी। घर में उसकी मां कमला अकेली थी। संजय भादू ने उसकी मां कमला के सिर पर रिवॉल्वर की बट से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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सिरसा में वह संजय को छोड़कर पत्नी के मायके चला गया और पत्नी को लेकर शाम को छह बजे फतेहाबाद पहुंचा। सुनील माचरा अपनी मां की हत्या करने की सारी बात अपने दोस्त और गांव नूरकी अहली निवासी एक कार मैकेनिक कश्मीर सिंह को बता दी। उसे कश्मीर द्वारा ब्लैकमेलिंग का डर सताने लगा। 18 नवंबर को वह, संजय भादू और कश्मीर के साथ अपने मामा जगदीश के घर सिरसा जिले के गांव खारियां जाने के लिए निकला। रास्ते में शराब पी और कश्मीर के बेसुध होने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
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रानियां थाना पुलिस हत्या के इस मामले की जांच शुरू कर और दोनों सुनील माचरा और संजय भादू को काबू कर लिया। मंगलवार को अदालत ने दोनों को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को अदालत की ओर से दोनों को सजा सुनाई जानी थी, पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सजा में राहत की अर्जी दाखिल की।