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Sirsa News: खुले में बायोमेडिकल वेस्ट डालने वाले 50 अस्पतालों को नगर पालिका कालांवाली का नोटिस

Fri, 17 May 2024 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 17 May 2024 11:14 PM IST
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Municipality Kalanwali notice to 50 hospitals dumping biomedical waste in the open
कालांवाली नगर पालिका।
कालांवाली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार कोई भी अस्पताल खुले में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं कर सकता है। लेकिन कालांवाली में कई निजी अस्पताल खुले में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण करते हुए नगर पालिका की टीम को मिले। जिसके बाद नगर पालिका अधिकारियों ने 50 के करीब अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं। सभी अस्पतालों को दो सप्ताह के अंदर बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर व्यवस्था करने के आदेश दिए है। यदि कोई अस्पताल प्रशासन दिए गए समय में व्यवस्था नहीं करता है तो एनजीटी एक्ट के तहत नगर पालिका की ओर से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बता दें कि एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने पर पांच साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। नगरपालिका सचिव गिरधारी लाल ने बताया कि अस्पताल, लैबोरेट्री, ब्लड बैंक, पशु अस्पताल, आयुष अस्पताल, फार्मेसी तथा स्लॉटर हाउस संचालकों को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए अपना पंजीकरण सरल हरियाणा पोर्टल पर करवाना होता है। जिसके बाद उन्हें अनुमति दी जाती है। आवेदन के दौरान संबंधित फर्मों को बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर एजेंसी के साथ किए गए कॉन्ट्रेक्ट की कॉपी भी साथ अपलोड करनी होती है। इसके अतिरिक्त संस्थान में कचरा सेग्रीगेशन के लिए अलग अलग रंगों के डिब्बों के फोटो, संस्थान में बिस्तरों की संख्या तथा जीपीएस आदि सहित विभिन्न जानकारियों देनी होती है। उसके बाद अस्पताल को अनुमति मिलती है।
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50 से अधिक निजी अस्पताल
अधिकारियों के अनुसार शहर के अंदर 50 से अधिक निजी अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार नहीं किया जा रहा। अस्पतालों द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट को या तो खुले में फेंक दिया जाता है या नगरपालिका की गाड़ी में डाल दिया जाता है। जो कि नियमानुसार गलत है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है। इस संदर्भ में कई बार नगर पालिका को शिकायत मिल चुकी है।
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अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए नियम

1. अस्पताल में अलग अलग रंग के कूड़ेदान होने चाहिए। सूखे, गीले और बायोमेडिकल के कूड़ादान के कलर सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हैं। संक्रामक मेडिकल वेस्ट के लिए ओरेंज रंग का कूड़ेदान, गैर संक्रामक बायोमेडिकल वेस्ट के लिए काले व पीले रंग का कूड़ेदान, दवाइयों के खाली पत्तों के लिए नीले रंग का कूड़ेदान, जहरीले बायोमेडिकल वेस्ट के लिए पर्पल रंग का कूड़ेदान होना चाहिए।
2 कूड़ेदानों में एकत्रित बायोमेडिकल वेस्ट को चीफ मेडिकल अधिकारी के द्वारा अनुबंध की गई एजेंसी को सौंपना होता है।
3 सूखा व गीला कचरा नगर पालिका की गाड़ी में डालना होता है।
क्या है नियम
नियमानुसार बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर सरकार से अनुमति प्राप्त एजेंसी से कॉन्ट्रेक्ट अस्पतालों को करना होता है। इस एजेंसी को सीएमओ से अनुमति पत्र प्राप्त होता है कि वह बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार कर रही है। इसके अतिरिक्त कोई अन्य एजेंसी बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं कर सकती है।
नगर पालिका की गाड़ी में बायोमेडिकल वेस्ट डलाना गैर कानूनी
नियमानुसार कोई भी अस्पताल नगर पालिका की गीला व सूखा कचरा लेकर जाने वाली गाड़ी में बायोमेडिकल वेस्ट नहीं डाल सकता है। यदि कोई अस्पताल या कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का चालक व परिचालक ऐसा करता है तो दोनों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का अधिकारी भी नगर पालिका के पास है।

क्या होता है बायोमेडिकल वेस्ट
1 अस्पताल में प्रयोग की सिरिंज व इंजेक्शन के खाली बोतल।
2 ग्लूकोज व उनके लिए प्रयोग की गई अन्य चीजें।
3 मरहम पट्टी जो मरीज की बदली जाती है, ग्लब्स व अन्य चीजें।
4 ऑपरेशन थियेटर से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट।

बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर 50 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। दो सप्ताह के अंदर वह नियमानुसार कार्रवाई अमल में नहीं लाते हैं तो उनके खिलाफ एनजीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बायोमेडिकल वेस्ट को नगर पालिका की गाड़ियों व खुले में नहीं फेंकने दिया जाएगा। इससे कई तरह के संक्रमण होने का खतरा बना रहता था। साथ ही यह पर्यावरण व लोगों के लिए हानिकारक है।
-गिरधारी लाल, सचिव, नगर पालिका, कालांवाली।
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