फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Municipality and health department are not aware, medical waste is being dumped in the open

Sirsa News: नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग को नहीं जानकारी, खुले में डाला जा रहा मेडिकल वेस्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 11:08 PM IST
विज्ञापन
Municipality and health department are not aware, medical waste is being dumped in the open
खुले में डाला गया मेडिकल वेस्ट। 
ऐलनाबाद। शहर में इन दिनों खुले में मेडिकल वेस्ट सड़कों पर नजर आ रहा है। कचरा प्रबंधन के लिए निजी क्लीनिक की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर पालिका से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक को इसकी जानकारी नहीं है। मौजूदा समय में नशे के बढ़ते हालातों को देखते हुए खुले में मेडिकल वेस्ट डालना कई तरह के संक्रमण को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन

वहीं बेसहारा पशुओं में इनसे संक्रमण फैल सकता है। अहम बात यह है कि नशा करने वाले बाहर फेंके गए मेडिकल वेस्ट से सिरिंज उठाकर उसका प्रयोग तक करने से गुरेज नहीं करते हैं। ऐसे में विभिन्न प्रकार की बीमारियां व जानलेवा संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। गौरतलब है कि शहर के निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम व पैथ लैब से मेडिकल वेस्ट निकल रहा है।
विज्ञापन

रोजाना निजी क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथ लैब की ओर से एक्सपायरी दवाइयां, प्रयोग की गई रूई, स्लाइड सेटर, डिस्पोजेबल सिरिंज, कैथेटर, प्रेग्नेंसी किट व इंजेक्शन के अवशेष आदि को खुले में डाला जा रहा है। जबकि मेडिकल वेस्ट को उठाने के लिए विशेष रूप से इनको व्यवस्था करनी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यदि निजी क्लीनिक, लैब और नर्सिंग होम व्यवस्था नहीं करते है तो नगर पालिका की ओर से उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी इनको जब तक यह व्यवस्था नहीं होती है बंद करवा सकता है। मेडिकल वेस्ट के डिस्पोज करने की शर्त पर ही इन्हें चलाने की अनुमति होती है।
यहां डाला जा रहा है मेडिकल वेस्ट
ऐलनाबाद के वाल्मिकी चौक से हनुमानगढ़ रोड को जाने वाली फिरनी व वार्ड नंबर दो की गली के सामने कुछ निजी क्लीनिक कचरे के तौर पर मेडिकल वेस्ट डाल रहे हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों में रोष है। वार्ड नंबर दो निवासी सुरेंद्र मौर्य, मदन बरोड़, देवीलाल सुढा, अनिल सोढी, अमर सिंह आदि ने बताया कि टिब्बी अड्डा स्थित एक निजी अस्पताल के खुले में वेस्ट डालने पर उन्हें सूचित किया गया था कि वह खुले में मेडिकल वेस्ट न डाले, लेकिन उनके कर्मचारी मान ही नहीं रहे हैं। मदन बरोड़ ने कहा कि अस्पताल की ओर से बायो वेस्टेज को खुले सड़क व नाली में डालकर दूसरे लोगों की जिंदगी भी खतरे में डालने का अधिकार नहीं है। बायो वेस्टेज को निपटान की व्यवस्था करना बेहद जरूरी है। विशेष कंपनियां इस दिशा में कार्य करती हैं। सिरसा से लेकर अन्य शहरों में यही व्यवस्था की गई है।

इस प्रकार रहता है संक्रमण का खतरा
- बेसहारा पशुओं में संक्रमण फैल सकता है और उनकी मौत हो सकती है।
- दुधारू पशुओं को लोग खुले में छोड़ते हैं। वे इस वेस्ट के संपर्क में आते है तो उनके संपर्क से पशुपालक व उसका दूध पीने वाले लोग संक्रमित हो सकते हैं।
- नशा करने वाले लोग इस मेडिकल वेस्ट का प्रयोग कर लेते हैं।
- छोटे बच्चे व बुजुर्ग संपर्क में आने पर जल्दी बीमार होते हैं।
------------------
मेडिकल वेस्ट खुले में डाला जा रहा है तो जांच करवाई जाएगी। जिन अस्पतालों ने मेडिकल वेस्ट डाला है, उन्हें नोटिस दिया जाएगा। यदि कोई नहीं मानता है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

- रविंद्र कुमार, सचिव, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article