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Sirsa News: सांसद सैलजा ने सदन के पटल पर रखा घग्गर में जल प्रदूषण और कैंसर का मुद्दा
Fri, 13 Feb 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 13 Feb 2026 11:20 PM IST
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सांसद कुमारी सैलजा।
सिरसा। सांसद एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को लोकसभा के शून्यकाल में सिरसा संसदीय क्षेत्र, विशेषकर घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में बढ़ते कैंसर और जलजनित बीमारियों की चिंताजनक स्थिति का मुद्दा सदन में रखा। सांसद ने स्पष्ट किया कि यह विषय किसी प्रकार की अफवाह या अनुमान पर आधारित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दिए गए आधिकारिक उत्तरों से प्रमाणित तथ्य हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार घग्गर नदी का पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। हरियाणा में वर्ष 2019 से 2023 के बीच कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी यह स्पष्ट किया है कि घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं है।
कुमारी सैलजा ने सदन को अवगत कराया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया है कि घग्गर नदी के किनारे रहने वाले लोगों में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम अधिक है, क्योंकि जल में लेड, आयरन और एल्युमिनियम जैसे तत्व निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा संसदीय क्षेत्र के अनेक गांव आज भी भाखड़ा नहर आधारित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि घग्गर का प्रदूषित पानी कैंसर, त्वचा रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनता जा रहा है।
कुमारी सैलजा ने सरकार से प्रश्न किया कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं है, तो प्रभावित गांवों में सुरक्षित और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था अब तक क्यों सुनिश्चित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में आज भी दूषित भूजल की आपूर्ति हो रही है, वहाँ के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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कुमारी सैलजा ने सदन को अवगत कराया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया है कि घग्गर नदी के किनारे रहने वाले लोगों में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम अधिक है, क्योंकि जल में लेड, आयरन और एल्युमिनियम जैसे तत्व निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा संसदीय क्षेत्र के अनेक गांव आज भी भाखड़ा नहर आधारित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि घग्गर का प्रदूषित पानी कैंसर, त्वचा रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बनता जा रहा है।
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कुमारी सैलजा ने सरकार से प्रश्न किया कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं है, तो प्रभावित गांवों में सुरक्षित और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था अब तक क्यों सुनिश्चित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में आज भी दूषित भूजल की आपूर्ति हो रही है, वहाँ के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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