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Sirsa News: सांसद सैलजा बोलीं- गुलजार सिंह की मौत के रहस्य से उठे सवाल, न्यायिक जांच हो, परिजनों की सहमति के बिना कथित अंतिम संस्कार गंभीर मामला
Fri, 11 Sep 2026 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:37 PM IST
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सिरसा। सांसद एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने पंजाब के संगरूर जिले के दलित श्रमिक गुलजार सिंह की मौत और परिजनों की सहमति के बिना कथित अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने इसे गंभीर और संवेदनशील मामला बताया।
सैलजा ने कहा कि यदि परिवार के आरोप सही हैं तो यह मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक न्याय और शोकाकुल परिवार की गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी दलित परिवार को अपने सदस्य का धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार करने का अधिकार नहीं है। परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले उसे गुलजार सिंह का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। उनका सामान भी परिजनों को नहीं सौंपा गया।
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सैलजा ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठेंगे। किसी भी परिस्थिति में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए परिवार को विश्वास में लिया जाना चाहिए था।
उन्होंने गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों, परिवार के उत्पीड़न संबंधी आरोपों और कथित जबरन अंतिम संस्कार की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की बात कही।
सैलजा ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रियजन को अंतिम विदाई देना हर परिवार का भावनात्मक और सामाजिक अधिकार है। जांच पूरी होने तक जिम्मेदार अधिकारियों को संवेदनशील पदों से हटाया जाए। पंजाब सरकार परिवार के सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब दे। सैलजा ने कहा कि किसी दलित परिवार की आवाज दबाने या उसे न्याय से वंचित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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सैलजा ने कहा कि यदि परिवार के आरोप सही हैं तो यह मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक न्याय और शोकाकुल परिवार की गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की।
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उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी दलित परिवार को अपने सदस्य का धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार करने का अधिकार नहीं है। परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले उसे गुलजार सिंह का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। उनका सामान भी परिजनों को नहीं सौंपा गया।
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सैलजा ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठेंगे। किसी भी परिस्थिति में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए परिवार को विश्वास में लिया जाना चाहिए था।
उन्होंने गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों, परिवार के उत्पीड़न संबंधी आरोपों और कथित जबरन अंतिम संस्कार की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की बात कही।
सैलजा ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रियजन को अंतिम विदाई देना हर परिवार का भावनात्मक और सामाजिक अधिकार है। जांच पूरी होने तक जिम्मेदार अधिकारियों को संवेदनशील पदों से हटाया जाए। पंजाब सरकार परिवार के सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब दे। सैलजा ने कहा कि किसी दलित परिवार की आवाज दबाने या उसे न्याय से वंचित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।