फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   MP angry over cancellation of 522 applications for natural farming

Sirsa News: प्राकृतिक खेती के 522 आवेदन रद्द करने पर सांसद हुई नाराज

Tue, 30 Jan 2024 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 30 Jan 2024 12:22 AM IST
विज्ञापन
MP angry over cancellation of 522 applications for natural farming
सिरसा। प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की योजना को लेकर सांसद सुनीता दुग्गल गंभीर नजर आई। सांसद और कृषि उप निदेशक के बीच प्राकृतिक कृषि को लेकर 10 मिनट तक सवाल जवाब हुए। सांसद ने यहां तक कह दिया कि हम अपनी पीढि़यों को कैसा भविष्य दे रहे हैं। जब उप कृषि निदेशक ने प्राकृतिक खेती के लिए किसानों के 522 आवेदन रद्द करने की बात कही तो सांसद यह सुनकर हैरान रह गई कि 852 में से 522 आवेदन विभाग ने रद्द कर दिए है। सांसद ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता को इस मामले में विशेष रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

वहीं नरमे के बीज को लेकर भी उप निदेशक को सांसद ने कंपनियों पर कार्रवाई करने को कहां। लेकिन उप निदेशक ने कहा कि कंपनियों की कोई गलती नहीं है। हमारे खेती करने की तकनीकी के कारण गुलाबी सुंडी आई है। यह सुंडी हमारे यहां खेतों में पहले से रहती है। इसको लेकर एचएयू के वैज्ञानिक व विभाग की ओर से काम किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि आपका कहना है कि बीज सही था। ऐसे में समिति के एक सदस्य ने कहा कि हम बीटी 2 बेच रहे है। जबकि बीटी 4 तक आ चुका है। सांसद ने कहा कि नरमे के बीच मामले में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह किसान की अहम फसल है।
विज्ञापन

यह आकंड़े किए गए प्रस्तुत
प्राकृतिक खेती को लेकर ऑनलाइन - 852 किसानों ने आवेदन किया।
विभाग ने रद्द किए -- 552 आवेदन
अप्रूव किए - 235 आवेदन
यह है प्रक्रिया -
जमीन - दो एकड़ से ज्यादा
जांच - मिट्टी के सैंपल की जांच एचएयू की लैब में होगी।
किसान फायदा - देसी गाय के लिए 25 हजार रुपये सरकार देगी।

सांसद व उप निदेशक के बीच इस प्रकार हुई बात

सांसद - पहली बार में आपने 50 फीसदी से ज्यादा आवेदन रद्द कर दिए।
उप कृषि निदेशक - आवेदनों में कमी थी, इसलिए रद्द किए।
सांसद - आज लोग बीपी, शुगर , कैंसर के मरीज हो रहे है। जवान लोग मर रहे हैं। उसके जिम्मेदार हम है। प्राकृतिक खेतों को बढ़ावा हमें देना चाहिए और आपने आवेदन रद्द कर दिए। ऐसे तो हम मर जाएंगे। आज हमारे यहां ऐसे हालात है कि कोई परिवार ऐसा नहीं है , जिसके परिचित के कैंसर न हो। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या ऐसा भविष्य देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उप कृषि निदेशक - आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। हम किसानों को इस बारे में समझाने का प्रयास करेंगे।
सांसद - आप किसानों को दोबारा जागरूक करें। डीसी साहब आप इसे अपनी निगरानी में करवाएं।
डीसी - क्या किसान दोबारा आवेदन नहीं कर सकते है। यदि कर सकते है तो सभी के करवाएं।
उप निदेशक - सभी का दोबारा आवेदन करवा देते है और सभी को पर्सनली मिलकर इस बारे में समझाएंगे।
सांसद - इस योजना में मुझे प्रोग्रेस चाहिए, यह भविष्य का सवाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed