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मंडियों में पहुंची एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं, नमी अधिक होने के कारण सिर्फ 340 क्विंटल की हुई खरीद
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सिरसा की अनाज मंडी में गेंहू से भरी ट्रॉली
- फोटो : Sirsa
सिरसा। जिले की मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। मंडी में मंगलवार को एक हजार क्विंटल से अधिक आवक हुई है लेकिन नमी अधिक होने के कारण चोपटा मंडी में केवल 340 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो पाई। वहीं प्राइवेट फर्मों की ओर से एमएसपी से 100 रुपये अधिक दाम पर गेहूं की खरीद की जा रही है। जिसके चलते किसान भी निजी फर्मों को गेहूं बेचने को तैयार हो रहे हैं। मंडी में मंगलवार को केवल तीन गेट पास ही कट पाए है लेकिन निजी फर्मों के गोदामों पर किसानों की लंबी कतार देखने को मिली। जिसके चलते डीएमईओ ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर गेट पास कटने के बाद ही गोदाम तक गेहूं ले जाने के निर्देश दिए हैं।
एक अप्रैल से मंडी में सरकारी खरीद शुरू की गई है। लेकिन मंडी में मंगलवार को गेहूं की आवक हुई है। जिसके बाद निजी फर्मों और सरकारी एजेंसियों की ओर से इसकी नमी जांची गई। नमी अधिक होने के कारण एजेंसियों की ओर से खरीद नहीं की जा सकी। जबकि चोपटा मंडी में 340 क्विंटल गेहूं की एमएसपी पर खरीद हो पाई है। बता दे कि न्यूतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि निजी फर्मों की ओर से 2100 से अधिक दाम किसानों को दिया जा रहा है। निजी फर्मों की आरे से अधिक दाम दिए जाने के कारण किसानों का रुझान भी प्राइवेट फर्मों को बेचने की तरफ बढ़ रहा है। पहले दिन निजी गोदामों के बाहर ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतार देखने को मिली। सरकारी भाव से प्राइवेट भाव अधिक मिलने से किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली।
समर्थन मूल्य से अधिक दाम पर किसी को दे सकता है किसान: डीएमईओ
खरीद प्रक्रिया को लेकर डीएमईओ चरणजीत गिल ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकारी की तरफ से 2015 रुपये गेहूं का भाव तय किया गया है। इससे अधिक भाव पर कोई भी निजी फर्म संचालक गेहूं की अधिक खरीद कर सकता है। जिसके संबंध में उन्हें अपने गोदामों और अन्य पूर्ण जारी देनी आवश्यक है। निजी फर्म संचालकों एमएसपी से कम दाम पर गेहूं की खरीद नहीं कर सकते। इसके लिए उन्हें पहले मंडी में गेट पास कटवाना पड़ेगा और इसके बाद ही वह गोदाम तक गेहूं को ले जा सकेगा।
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गोदामों व अन्य स्थानों पर व्यवस्था करने के दिए निर्देश
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी ने रबी सीजन 2022-23 के दौरान गेंहू खरीद को लेकर अपने कार्यालय में जिला प्रबंधक, हैफेड, प्रतिनिधि क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, श्रम ढुलाई के ठेकेदारों व जिला की लेबर यूनियन के प्रधान व सदस्यों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश दिए। डीएफएससी ने जिला प्रबंधकों को निर्देश दिए कि गोदामों में लेबर को मूलभूत सुविधाएं जैसे की पीने का पानी, शौचालय व रेस्ट रूम का प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने श्रम एवं ढुलाई ठेकेदारों से कहा कि लेबर का ईपीएफ व ईएसआई विभाग के निर्देशानुसार समय पर जमा करवाना सुनिश्चित करें, इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
गेहूं खरीद के मंगलवार को तीन टोकन काटे गए हैं, अभी तक सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। एजेंसियों वालों के साथ बैठक हुई थी। जिन्होंने गेहूं निजी तौर पर खरीदी है उन्होंने इसकी जानकारी दे दी है। सात दिन का समय होता है उनसे फीस भरवा ली जाएगी।
-वीरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव
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एक अप्रैल से मंडी में सरकारी खरीद शुरू की गई है। लेकिन मंडी में मंगलवार को गेहूं की आवक हुई है। जिसके बाद निजी फर्मों और सरकारी एजेंसियों की ओर से इसकी नमी जांची गई। नमी अधिक होने के कारण एजेंसियों की ओर से खरीद नहीं की जा सकी। जबकि चोपटा मंडी में 340 क्विंटल गेहूं की एमएसपी पर खरीद हो पाई है। बता दे कि न्यूतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि निजी फर्मों की ओर से 2100 से अधिक दाम किसानों को दिया जा रहा है। निजी फर्मों की आरे से अधिक दाम दिए जाने के कारण किसानों का रुझान भी प्राइवेट फर्मों को बेचने की तरफ बढ़ रहा है। पहले दिन निजी गोदामों के बाहर ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतार देखने को मिली। सरकारी भाव से प्राइवेट भाव अधिक मिलने से किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली।
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समर्थन मूल्य से अधिक दाम पर किसी को दे सकता है किसान: डीएमईओ
खरीद प्रक्रिया को लेकर डीएमईओ चरणजीत गिल ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकारी की तरफ से 2015 रुपये गेहूं का भाव तय किया गया है। इससे अधिक भाव पर कोई भी निजी फर्म संचालक गेहूं की अधिक खरीद कर सकता है। जिसके संबंध में उन्हें अपने गोदामों और अन्य पूर्ण जारी देनी आवश्यक है। निजी फर्म संचालकों एमएसपी से कम दाम पर गेहूं की खरीद नहीं कर सकते। इसके लिए उन्हें पहले मंडी में गेट पास कटवाना पड़ेगा और इसके बाद ही वह गोदाम तक गेहूं को ले जा सकेगा।
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गोदामों व अन्य स्थानों पर व्यवस्था करने के दिए निर्देश
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी ने रबी सीजन 2022-23 के दौरान गेंहू खरीद को लेकर अपने कार्यालय में जिला प्रबंधक, हैफेड, प्रतिनिधि क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, श्रम ढुलाई के ठेकेदारों व जिला की लेबर यूनियन के प्रधान व सदस्यों की बैठक ली और आवश्यक निर्देश दिए। डीएफएससी ने जिला प्रबंधकों को निर्देश दिए कि गोदामों में लेबर को मूलभूत सुविधाएं जैसे की पीने का पानी, शौचालय व रेस्ट रूम का प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने श्रम एवं ढुलाई ठेकेदारों से कहा कि लेबर का ईपीएफ व ईएसआई विभाग के निर्देशानुसार समय पर जमा करवाना सुनिश्चित करें, इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
गेहूं खरीद के मंगलवार को तीन टोकन काटे गए हैं, अभी तक सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। एजेंसियों वालों के साथ बैठक हुई थी। जिन्होंने गेहूं निजी तौर पर खरीदी है उन्होंने इसकी जानकारी दे दी है। सात दिन का समय होता है उनसे फीस भरवा ली जाएगी।
-वीरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव