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Sirsa News: डबवाली में बंदरों का उत्पात बढ़ा, पकड़ने का अभियान किया तेज
Sun, 08 Feb 2026 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:55 PM IST
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डबवाली।शहर में बंदर पकड़ते हुए टीम सदस्य। संवाद
बंदर पकड़ने के लिए जींद से विशेष टीम बुलाई
फोटो - 23, 24
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। डबवाली शहर में लगातार बढ़ रहे बंदरों के उत्पात को देखते हुए नगर परिषद ने बंदर पकड़ने का अभियान एक बार फिर तेज कर दिया है। जींद से पहुंची आठ सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान की जिम्मेदारी एक निजी ठेकेदार को सौंपी गई है।
बीते कुछ समय से सरकारी अस्पताल परिसर सहित शहर के कई वार्डों में बंदरों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। अस्पताल के सरकारी क्वार्टरों और चिकित्सकों की कोठियों में बंदरों के झुंड ने भारी नुकसान पहुंचाया। बंदरों ने आवासों में लगे पौधों को उखाड़ दिया, वहीं, कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रसोई में रखा सामान खराब कर देते हैं
इसके अतिरिक्त वार्ड नंबर-13 में प्रेम सोनी के घर में बंदरों के घुसने की घटना ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया था। बंदरों ने घर की रसोई में रखा सामान पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। विरोध करने पर बंदरों ने परिवार पर हमला कर दिया, जिसके चलते परिवार को किसी तरह एक कमरे में खुद को बंद कर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना के बाद शहरवासियों में दहशत फैल गई और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
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बंदरों का अभियान प्रभावी नहीं है
शहरवासियों राजेश कुमार, नानक सिंह, कमल कुमार, गुरसेवक सिंह, परमजीत सिंह, रघुवीर सिंह सहित अन्य नागरिकों ने आरोप लगाया था कि बंदर पकड़ने का अभियान स्पष्ट और प्रभावी नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना था कि यह समझ में नहीं आ रहा कि अभियान किन क्षेत्रों में और किस प्रकार चलाया जा रहा है, क्योंकि बंदरों की संख्या घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही थी।
कोट
बंदर पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। पहले आई टीम पिंजरों के माध्यम से बंदर पकड़ रही थी, लेकिन बड़े और आक्रामक बंदर पिंजरों में फंसने से बच जाते थे, जिससे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी। एक नई विशेषज्ञ टीम डबवाली पहुंची है, जो विशेष रूप से हिंसक और आक्रामक बंदरों को काबू में करने के लिए प्रशिक्षित है। वह स्वयं टीम के साथ उन इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं, जहां बंदरों की समस्या अधिक है। नई टीम के आने से अभियान में तेजी आएगी और शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी।
-टेकचंद छाबड़ा, चेयरमैन, नगर परिषद
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फोटो - 23, 24
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। डबवाली शहर में लगातार बढ़ रहे बंदरों के उत्पात को देखते हुए नगर परिषद ने बंदर पकड़ने का अभियान एक बार फिर तेज कर दिया है। जींद से पहुंची आठ सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान की जिम्मेदारी एक निजी ठेकेदार को सौंपी गई है।
बीते कुछ समय से सरकारी अस्पताल परिसर सहित शहर के कई वार्डों में बंदरों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। अस्पताल के सरकारी क्वार्टरों और चिकित्सकों की कोठियों में बंदरों के झुंड ने भारी नुकसान पहुंचाया। बंदरों ने आवासों में लगे पौधों को उखाड़ दिया, वहीं, कई स्थानों पर पानी की पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रसोई में रखा सामान खराब कर देते हैं
इसके अतिरिक्त वार्ड नंबर-13 में प्रेम सोनी के घर में बंदरों के घुसने की घटना ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया था। बंदरों ने घर की रसोई में रखा सामान पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। विरोध करने पर बंदरों ने परिवार पर हमला कर दिया, जिसके चलते परिवार को किसी तरह एक कमरे में खुद को बंद कर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना के बाद शहरवासियों में दहशत फैल गई और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
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बंदरों का अभियान प्रभावी नहीं है
शहरवासियों राजेश कुमार, नानक सिंह, कमल कुमार, गुरसेवक सिंह, परमजीत सिंह, रघुवीर सिंह सहित अन्य नागरिकों ने आरोप लगाया था कि बंदर पकड़ने का अभियान स्पष्ट और प्रभावी नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना था कि यह समझ में नहीं आ रहा कि अभियान किन क्षेत्रों में और किस प्रकार चलाया जा रहा है, क्योंकि बंदरों की संख्या घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही थी।
कोट
बंदर पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। पहले आई टीम पिंजरों के माध्यम से बंदर पकड़ रही थी, लेकिन बड़े और आक्रामक बंदर पिंजरों में फंसने से बच जाते थे, जिससे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी। एक नई विशेषज्ञ टीम डबवाली पहुंची है, जो विशेष रूप से हिंसक और आक्रामक बंदरों को काबू में करने के लिए प्रशिक्षित है। वह स्वयं टीम के साथ उन इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं, जहां बंदरों की समस्या अधिक है। नई टीम के आने से अभियान में तेजी आएगी और शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी।
-टेकचंद छाबड़ा, चेयरमैन, नगर परिषद