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विभाग ने मिड-डे मील के लिए रखरखाव के लिए बनाया मोबाइल ऐप
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
Updated Sat, 13 Feb 2016 02:00 AM IST
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मिड-डे मील की जानकारी और गुणवत्ताओं से लगातार अपडेट रहने के लिए शिक्षा विभाग ने मोबाइल ऐप बनाया है। 10.51 एमबी स्टोरेज क्षमता वाले इस ऐप को इंस्टाल करने के बाद संबंधित स्कूल की ई-मेल आईडी या फिर पासवर्ड भरना होगा।
अगर यह पहले से पंजीकृत नहीं है तो पूरा ब्यौरा देना होगा। पहला नाम, आखिरी नाम, विद्यालय का नाम, विद्यालय का कोड, मोबाइल नंबर, ई-मेल पता भी देना होगा। जिसके बाद ऐप काम करना शुरू करेगा। विद्यालय मुखिया तथा मिड-डे मील प्रभारी को गूगल प्ले स्टोर में इस ऍप को डाउनलोड करके प्रयोग करने के आदेश जारी हुए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल ऐप बिल्कुल नि:शुल्क है।
इसके लिए संबंधित को कोई पैसा नहीं देना होगा। वहीं अधिकारी भी बैठे-बिठाए किसी भी स्कूल के रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकेंगे। उपरोक्त ऐप की मॉनीटरिंग करने के लिए विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से उनके अधीन आने वाले स्कूलों के मिड-डे मील इंचार्ज तथा मुख्याध्यापक के मोबाइल नंबर तथा स्कूल कोड की सूची मांगी है।
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मोबाइल ऐप के संबंध में निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा का पत्र मिला है। उच्च अधिकारियों ने मिड-डे मील संबंधित को ऐप डाऊनलोड करने के आदेश जारी किए हैं।
बलजिंद्र सिंह भंगू, बीईओ, डबवाली
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अगर यह पहले से पंजीकृत नहीं है तो पूरा ब्यौरा देना होगा। पहला नाम, आखिरी नाम, विद्यालय का नाम, विद्यालय का कोड, मोबाइल नंबर, ई-मेल पता भी देना होगा। जिसके बाद ऐप काम करना शुरू करेगा। विद्यालय मुखिया तथा मिड-डे मील प्रभारी को गूगल प्ले स्टोर में इस ऍप को डाउनलोड करके प्रयोग करने के आदेश जारी हुए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल ऐप बिल्कुल नि:शुल्क है।
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इसके लिए संबंधित को कोई पैसा नहीं देना होगा। वहीं अधिकारी भी बैठे-बिठाए किसी भी स्कूल के रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकेंगे। उपरोक्त ऐप की मॉनीटरिंग करने के लिए विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से उनके अधीन आने वाले स्कूलों के मिड-डे मील इंचार्ज तथा मुख्याध्यापक के मोबाइल नंबर तथा स्कूल कोड की सूची मांगी है।
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मोबाइल ऐप के संबंध में निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा का पत्र मिला है। उच्च अधिकारियों ने मिड-डे मील संबंधित को ऐप डाऊनलोड करने के आदेश जारी किए हैं।
बलजिंद्र सिंह भंगू, बीईओ, डबवाली