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Sirsa News: विधायक गोकुल सेतिया ने कांग्रेस हाईकमान की कार्यशैली पर उठाए सवाल, फेसबुक पर लिखा- हाईकमान की मीटिंग में कभी बुलाया नहीं जाता, भाजपा में मेयर तक को प्रधानमंत्री से मिलाया जाता है
Sun, 20 Apr 2025 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 20 Apr 2025 10:19 PM IST
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विधायक गोकुल सेतिया की सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट। सोशल मीडिया से
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस हाईकमान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और भाजपा की कार्यशैली की सराहना की है। गोकुल सेतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कांग्रेस हाईकमान के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि भाजपा में मेयर स्तर के नेताओं को भी प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है, जबकि कांग्रेस में उन जैसे विधायकों को कभी पार्टी हाईकमान द्वारा सम्मान नहीं मिलता।
नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं से लेकर बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार से दूरी बना ली थी। इसके बाद भी विधायक गोकुल सेतिया ने अपने दम पर प्रत्याशी को जिताने की भरपूर कोशिश की। भले ही अध्यक्ष पद का प्रत्याशी हार गया हो, लेकिन कांग्रेस के दस पार्षदों को जीत मिली थी। ऐसे में शनिवार को गोकुल सेतिया ने फेसबुक पर एक पोस्ट की है। इस पोस्ट पर उन्होंने पार्टी हाईकमान पर सवाल उठाए हैं।
गोकुल सेतिया ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, कि दिल्ली में हमारी पार्टी की हाईकमान की मीटिंग होती है, लेकिन हमें कभी बुलाया नहीं जाता। क्या केवल वही लोग हकदार हैं जिनका पुराना नाम बड़ा है? हम जिनकी सीटें धरातल पर संघर्ष कर जीतने वाली हैं, क्या हमारी कोई अहमियत नहीं? उन्होंने अपनी सिरसा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस सीट पर चुनाव के दौरान सभी पार्टियां उनके खिलाफ थीं, यहां तक कि भाजपा ने भी अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था। फिर भी, अब तक उन्हें पार्टी हाईकमान की तरफ से कोई शाबाशी या सम्मान नहीं मिला।
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उन्होंने आगे कहा, कि हमारे नगर परिषद चुनाव में भी कोई बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं आया, फिर भी हमारी पार्टी ने दस पार्षदों को जीत दिलाई। इसके बावजूद पार्टी हाईकमान से किसी प्रकार का सम्मान नहीं मिला। दूसरी तरफ, भाजपा में जीते हुए मेयर तक को प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है।
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मुख्यमंत्री से खरीफ चैनल को लेकर की थी मुलाकात
इससे पहले, गोकुल सेतिया ने 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने किसानों के मुद्दे पर चर्चा की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री का व्यवहार और मान-सम्मान देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और यह अनुभव उन्होंने पहली बार महसूस किया। वहीं, इस मुद्दे पर सांसद कुमारी सैलजा ने कहा था कि विधायक विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करते हैं, जो एक अच्छी बात है। सांसद ने कहा कि जनता के कार्य करवाना विधायक का हक है और मुख्यमंत्री की तारीफ पर उन्होंने कहा कि यह विधायक की अपनी सोच है और उस पर वह क्या कह सकती हैं।
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सिरसा। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस हाईकमान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और भाजपा की कार्यशैली की सराहना की है। गोकुल सेतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कांग्रेस हाईकमान के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि भाजपा में मेयर स्तर के नेताओं को भी प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है, जबकि कांग्रेस में उन जैसे विधायकों को कभी पार्टी हाईकमान द्वारा सम्मान नहीं मिलता।
नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं से लेकर बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार से दूरी बना ली थी। इसके बाद भी विधायक गोकुल सेतिया ने अपने दम पर प्रत्याशी को जिताने की भरपूर कोशिश की। भले ही अध्यक्ष पद का प्रत्याशी हार गया हो, लेकिन कांग्रेस के दस पार्षदों को जीत मिली थी। ऐसे में शनिवार को गोकुल सेतिया ने फेसबुक पर एक पोस्ट की है। इस पोस्ट पर उन्होंने पार्टी हाईकमान पर सवाल उठाए हैं।
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गोकुल सेतिया ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, कि दिल्ली में हमारी पार्टी की हाईकमान की मीटिंग होती है, लेकिन हमें कभी बुलाया नहीं जाता। क्या केवल वही लोग हकदार हैं जिनका पुराना नाम बड़ा है? हम जिनकी सीटें धरातल पर संघर्ष कर जीतने वाली हैं, क्या हमारी कोई अहमियत नहीं? उन्होंने अपनी सिरसा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस सीट पर चुनाव के दौरान सभी पार्टियां उनके खिलाफ थीं, यहां तक कि भाजपा ने भी अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था। फिर भी, अब तक उन्हें पार्टी हाईकमान की तरफ से कोई शाबाशी या सम्मान नहीं मिला।
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उन्होंने आगे कहा, कि हमारे नगर परिषद चुनाव में भी कोई बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं आया, फिर भी हमारी पार्टी ने दस पार्षदों को जीत दिलाई। इसके बावजूद पार्टी हाईकमान से किसी प्रकार का सम्मान नहीं मिला। दूसरी तरफ, भाजपा में जीते हुए मेयर तक को प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है।
मुख्यमंत्री से खरीफ चैनल को लेकर की थी मुलाकात
इससे पहले, गोकुल सेतिया ने 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने किसानों के मुद्दे पर चर्चा की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री का व्यवहार और मान-सम्मान देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और यह अनुभव उन्होंने पहली बार महसूस किया। वहीं, इस मुद्दे पर सांसद कुमारी सैलजा ने कहा था कि विधायक विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करते हैं, जो एक अच्छी बात है। सांसद ने कहा कि जनता के कार्य करवाना विधायक का हक है और मुख्यमंत्री की तारीफ पर उन्होंने कहा कि यह विधायक की अपनी सोच है और उस पर वह क्या कह सकती हैं।