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सफारी के चक्कर में किसान ने गंवाए लाखों

Tue, 17 Jun 2014 11:54 PM IST
sirsa
sirsa Updated Tue, 17 Jun 2014 11:54 PM IST
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Millions lost in the whirl of Safari farmer

 ‘हैलो... मैं अंधेरी ईस्ट मुंबई के सेक्टर 2 से अमित गोयल बोल रहा हूं। आपको बधाई हो, आपको टाटा सफारी गाड़ी निकली है।’ ये सुनते ही किसान जगजीत सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। फिर कुछ देर बाद दोबारा से कॉल आती है कि हमारे पास दो ऑप्शन हैं, जिसमें आप चमचमाती गाड़ी लेना पसंद करेंगे या पेमेंट तो जगजीत ने सोच विचार कर कहा कि ‘इन्नी दूरों गड्डी केहड़ा ल्याऊंगा तुसी इंज करो मैंनू पेमेंट ही कर द्यो’। फिर चार दिन बाद दोबारा फोन कॉल आई और बोलने वाले शख्स ने कहा कि हमें आपका ऑफर मंजूर है, अब आप कागज खर्च के 12 हजार 800 रुपये हमारे खाते में डाल दो। जगजीत ने गाड़ी के चक्कर में मोटी राशी खर्च कर दी लेकिन सफारी का सुहाना सफर महज एक सपना बनकर रह गया।

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दरअसल हुआ यूं कि निवासी मलिकपुरा हाल टप्पी जगजीत सिंह पुत्र दलबार सिंह छह मई को अपने परिवार के साथ टीवी देख रहा था, जिसमें चेहरा बताओ ढेरों इनाम पाओ नामक प्रतियोगिता चल रही थी। टीवी पर चेहरा स्टार अजय देवगन का था, जिस पर जगजीत ने तुरंत फोन उठाया और नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करते हुए प्रतियोगिता का उत्तर बता दिया।
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ऐसे फंसता चला गया जाल में
दस मई को से उपरोक्त शख्स का फोन आया कि आपको बधाइयां हों, आपने प्रतियोगिता का पहला इनाम जीत लिया है, जिसमें टाटा सफारी गाड़ी आपको दी जा रही है। जगजीत सिंह के अनुसार फोन करने वाले ने कहा कि गाड़ी के कागज खर्च के एवज में 15 मई को 12 हजार 800 रुपये हमारे खाते में डाल दो, जिस पर सफारी की चाह में जगजीत ने पैसे उनके खाता नंबर में डलवा दिए। जगजीत को फिर उसी दिन फोन आया और कहा गया कि आपकी राशि कम है, आप 16500 रुपये और डलवाएं तो जगजीत ने उनके दिए गए खाता नंबर, जो कि किसी लड़की के नाम था, में पैसे डाल दिए। सफारी के चक्कर जगजीत सिंह ने जालसाजों की बातों में आकर दो बार में 29300 रुपये की राशि गंवा दी।
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टाटा सफारी के सुहाने सफर से रोमांचित जगजीत सिंह को पूरी आस जग गई कि अब उसे पेमेंट मिल जाएगी लेकिन 19 मई को फिर दोबारा फोन आया कि राशि में थोड़ा अंतर है, इसलिए उसे एक खाता नंबर, जोकि रतन शर्मा के नाम से था, उसमें जगजीत ने 10500 रुपये और डलवाए। मुंबई में बैठे उक्त ठगों ने जो जाल जगजीत सिंह पर फेंका था, उसमें वह दिनोंदिन फंसता चला गया।

जगजीत ने मांग के अनुसार 21 मई को रतन शर्मा के ही खाते में दोबारा 19200 रुपये और डलवा दिए। उसके बाद 22 मई को वैभव शर्मा के खाता नंबर में 25 हजार और 23 मई को इसी खाते में 14000 रुपये डलवाए। ठगों के झांसे में आया जगजीत उनके फोन कॉल के साथ ही उनके दिए गए खाता नंबरों में अपनी खेती की कमाई डलवाता चला गया।

 26 मई को जगजीत ने फिर पंकज राज नामक व्यक्ति के खाता नंबर में 17 हजार रुपये की राशि और डलवा दी। टाटा सफारी के चक्कर में पड़े जगजीत ने अपने खून पसीने की कमाई ठगों की भेंट चढ़ा दी। जब तक कि उसे ठगों की वास्तविकता का इल्म होता वह इस चक्कर में एक लाख 15 हजार 800 रुपये की राशि गवां चुका था।


थाने में दी शिकायत
जगजीत सिंह 17 जून मंगलवार को ओढां थाना में शिकायत लेकर पहुंचा। जगजीत ने अपनी व्यथा पुलिस को बताते हुए जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित किसान ने कहा कि वह तो ठगों के झांसे में आ गया और कोई न आए। जब इस बारे पुलिस से बात की गई तो थाना प्रभारी अमरनाथ ने बताया कि किसान की शिकायत आई है, कार्रवाई करेंगे।

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