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स्टिक के जादू से बरस रहे पदक : जीवन नगर की नामधारी हॉकी अकादमी से अब तक निकले तीन ओलंपियन, 21 इंटरनेशनल खिलाड़ी
Sun, 24 Mar 2024 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 24 Mar 2024 12:09 AM IST
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अनुपमा जाखड़
सिरसा। जीवन नगर की नामधारी हॉकी अकादमी के खिलाड़ियों के स्टिक में जादू है। यहां से निकले खिलाड़ियों ने भारत में ही नहीं, दुनियाभर में अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। गोल पोस्ट के आसपास इनकी फुर्ती और चतुराई ऐसी होती है कि बड़े से बड़े खिलाड़ी मात खा जाते हैं और स्टिक के प्रहार से निकला गेंद गोल में बदल जाता है। छोटे से शहर के इस अकादमी के नाम देश को 3 ओलंपियन समेत 21 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने का गौरव हासिल है। यहां के खिलाड़ी दीदार सिंह 1992 में ओलंपिक खेलकर आए थे। हरपाल सिंह 2004 में ओलंपिक खेल चुके हैं तो सरदार सिंह 2012 और 2016 में दो बार ओलंपिक खेलकर आ चुके हैं। इसी के साथ संता सिंह 2018-2019 में वर्ल्ड कप व गुरमेल सिंह हॉकी वर्ल्ड कप में खेल चुके हैं। वर्तमान भारतीय हॉकी टीम के उपकप्तान राजेन्द्र सिंह भी इसी अकादमी के खिलाड़ी हैं तो हरजिंद्र जैसे नामचीन खिलाड़ी यहां से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।
कोच हरजिंद्र सिंह जब छोटे थे, तभी से हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। हरजिंद्र नामधारी हॉकी अकादमी में खेल की बारीकियां सीखते थे लेकिन अब उनका दायित्व बदला है। 2012 से लेकर अब तक अकादमी में कोच के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अकादमी में प्रतिदिन 100 खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। वहीं 25 खिलाड़ी यहीं रहकर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
कोच हरजिंद्र से हॉकी के गुर ले चुके खिलाड़ी राजेंद्र सिंह को टीम इंडिया के उप कप्तान हैं। राजेंद्र ने दिसंबर में जूनियर वर्ल्ड कप में भाग लिया था। वहीं आकाशदीप सिंह ने 2019 में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप खेला था। इनके अलावा कोच हरजिंद्र के चार खिलाड़ी नेशनल स्तर पर और 10 से ज्यादा खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। संवाद
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20 से ज्यादा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ले चुके भाग
गांव 80 फीसदी नशा मुक्त
गांव जीवननगर व संतनगर 80 फीसदी नशामुक्त हैं। जिले में सबसे ज्यादा खिलाड़ी इन्हीं दोनों क्षेत्रों से निकलते हैं। कोच के अनुसार गांव 70 फीसदी लोग चाय तक नहीं पीते। नामधारी पंथ 1857 फ्रीडम फाइटर गुरु राम सिंह की विचारधारा पर निरंतर काम कर रहा है। इसी के चलते जिले में नामधारी पंथ 1975 में हॉकी से जुड़ा। इसके बाद निरंतर हॉकी के खिलाड़ी अकादमी से निकल रहे हैं। जीवननगर व संतनगर के हर एक घर से एक खिलाड़ी है।
हाल ही में नवंबर माह में भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का उपकप्तान बनाया गया है। दिसंबर माह में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप खेला। बचपन से मैं हॉकी से जुड़ा हूं और नामधारी अकादमी में अभ्यास कर रहा हूं। कोच हरजिंद्र सिंह के सानिध्य में बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े-बड़े मुकाम तक पहुंच चुके हैं।-- राजेंद्र सिंह, उप कप्तान, भारतीय पुरुष हॉकी टीम।
संत नगर में नामधारी हॉकी अकादमी में 2012 से बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रहा हूं। गांव संतनगर और जीवन नगर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें नशा बिलकुल भी नहीं है। और हर घर में कोई न कोई खिलाड़ी जरूर है। इसके चलते यहां के युवा खेलों के प्रति ज्यादा समर्पित है। -हरजिंद्र सिंह, हॉकी कोच।
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सिरसा। जीवन नगर की नामधारी हॉकी अकादमी के खिलाड़ियों के स्टिक में जादू है। यहां से निकले खिलाड़ियों ने भारत में ही नहीं, दुनियाभर में अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। गोल पोस्ट के आसपास इनकी फुर्ती और चतुराई ऐसी होती है कि बड़े से बड़े खिलाड़ी मात खा जाते हैं और स्टिक के प्रहार से निकला गेंद गोल में बदल जाता है। छोटे से शहर के इस अकादमी के नाम देश को 3 ओलंपियन समेत 21 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने का गौरव हासिल है। यहां के खिलाड़ी दीदार सिंह 1992 में ओलंपिक खेलकर आए थे। हरपाल सिंह 2004 में ओलंपिक खेल चुके हैं तो सरदार सिंह 2012 और 2016 में दो बार ओलंपिक खेलकर आ चुके हैं। इसी के साथ संता सिंह 2018-2019 में वर्ल्ड कप व गुरमेल सिंह हॉकी वर्ल्ड कप में खेल चुके हैं। वर्तमान भारतीय हॉकी टीम के उपकप्तान राजेन्द्र सिंह भी इसी अकादमी के खिलाड़ी हैं तो हरजिंद्र जैसे नामचीन खिलाड़ी यहां से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।
कोच हरजिंद्र सिंह जब छोटे थे, तभी से हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। हरजिंद्र नामधारी हॉकी अकादमी में खेल की बारीकियां सीखते थे लेकिन अब उनका दायित्व बदला है। 2012 से लेकर अब तक अकादमी में कोच के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अकादमी में प्रतिदिन 100 खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए आते हैं। वहीं 25 खिलाड़ी यहीं रहकर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
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कोच हरजिंद्र से हॉकी के गुर ले चुके खिलाड़ी राजेंद्र सिंह को टीम इंडिया के उप कप्तान हैं। राजेंद्र ने दिसंबर में जूनियर वर्ल्ड कप में भाग लिया था। वहीं आकाशदीप सिंह ने 2019 में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप खेला था। इनके अलावा कोच हरजिंद्र के चार खिलाड़ी नेशनल स्तर पर और 10 से ज्यादा खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। संवाद
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20 से ज्यादा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ले चुके भाग
गांव 80 फीसदी नशा मुक्त
गांव जीवननगर व संतनगर 80 फीसदी नशामुक्त हैं। जिले में सबसे ज्यादा खिलाड़ी इन्हीं दोनों क्षेत्रों से निकलते हैं। कोच के अनुसार गांव 70 फीसदी लोग चाय तक नहीं पीते। नामधारी पंथ 1857 फ्रीडम फाइटर गुरु राम सिंह की विचारधारा पर निरंतर काम कर रहा है। इसी के चलते जिले में नामधारी पंथ 1975 में हॉकी से जुड़ा। इसके बाद निरंतर हॉकी के खिलाड़ी अकादमी से निकल रहे हैं। जीवननगर व संतनगर के हर एक घर से एक खिलाड़ी है।
हाल ही में नवंबर माह में भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का उपकप्तान बनाया गया है। दिसंबर माह में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप खेला। बचपन से मैं हॉकी से जुड़ा हूं और नामधारी अकादमी में अभ्यास कर रहा हूं। कोच हरजिंद्र सिंह के सानिध्य में बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बड़े-बड़े मुकाम तक पहुंच चुके हैं।
संत नगर में नामधारी हॉकी अकादमी में 2012 से बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रहा हूं। गांव संतनगर और जीवन नगर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें नशा बिलकुल भी नहीं है। और हर घर में कोई न कोई खिलाड़ी जरूर है। इसके चलते यहां के युवा खेलों के प्रति ज्यादा समर्पित है। -हरजिंद्र सिंह, हॉकी कोच।