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Sirsa News: खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी... गीत सुनाकर मोहम्मद रफी को दी श्रद्धांजलि
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डबवाली। पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की 45वीं पुण्यतिथि पर उनकी याद में वरच्युस क्लब की ओर से रेलवे डिग्गी रोड पर स्थित वरच्युस भवन में एक संगीतमयी शाम का आयोजन किया गया। इसमें शहर के उभरते गायकों ने रफी साहब के गाए गए गीतों को गाकर उन्हें नमन किया। इस दौरान विजय मुरेजा ने अकेले हैं चले आओ जहां हो, खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी गीत सुनाया।
इस अवसर क्लब सचिव नरेश शर्मा ने कहा कि उनकी गायकी और उनका जीवन यात्रा आज भी गायकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने 'तुम मुझे यूं भूला ना पाओगे' गीत गाकर अहसास करवाया कि रफी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्लब प्रधान हरदेव गोरखी ने बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है, रसदीप गिल ने पुकारता चला हूं, भारत भूषण वधवा ने मेरे मितवा मेरे मीत रे गीत सुनाया।
डॉ. श्रवण बांसल ने आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर, मनोज शर्मा ने आज मौसम बड़ा बेईमान है, मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया, जसदीप गिल ने ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखे, राहुल धमीजा ने छलकाए जाम, आइए आपकी आंखों के नाम गीत से मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि दी।
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कार्यक्रम के अंत में जसदीप गिल और वंदना वाणी, मनोज शर्मा, प्रवीण सिंगला सहित अन्य कलाकारों ने मिलकर रफी साहब के गीत- तुम मुझे यूं भूला ना पाओगे गाकर उन्हें संगीतमयी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार रवि मोंगा, चीफ कोऑर्डिनेटर संजीव शाद, संजीव गर्ग बिट्टू व अन्य संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
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इस अवसर क्लब सचिव नरेश शर्मा ने कहा कि उनकी गायकी और उनका जीवन यात्रा आज भी गायकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने 'तुम मुझे यूं भूला ना पाओगे' गीत गाकर अहसास करवाया कि रफी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्लब प्रधान हरदेव गोरखी ने बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है, रसदीप गिल ने पुकारता चला हूं, भारत भूषण वधवा ने मेरे मितवा मेरे मीत रे गीत सुनाया।
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डॉ. श्रवण बांसल ने आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर, मनोज शर्मा ने आज मौसम बड़ा बेईमान है, मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया, जसदीप गिल ने ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखे, राहुल धमीजा ने छलकाए जाम, आइए आपकी आंखों के नाम गीत से मोहम्मद रफी को श्रद्धांजलि दी।
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कार्यक्रम के अंत में जसदीप गिल और वंदना वाणी, मनोज शर्मा, प्रवीण सिंगला सहित अन्य कलाकारों ने मिलकर रफी साहब के गीत- तुम मुझे यूं भूला ना पाओगे गाकर उन्हें संगीतमयी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार रवि मोंगा, चीफ कोऑर्डिनेटर संजीव शाद, संजीव गर्ग बिट्टू व अन्य संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।