{"_id":"05aca77d7f783c1611bbb3391fef2a03","slug":"man-beat-the-xen-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनकारियों ने की कार्यकारी अभियंता पर लात-घूसों की बरसात ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनकारियों ने की कार्यकारी अभियंता पर लात-घूसों की बरसात
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:35 AM IST
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सीवरेज समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग परिसर में मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कार्यकारी अभियंता की लात-घूसों और कुर्सियां से जमकर धुनाई कर दी। अफसर की पिटाई होते देख जूनियर अधिकारी व कर्मचारी डरक र वहां से भाग खड़े हुए, हालांकि कुछ ने साहस जुटाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया ने सामान्य अस्पताल जाकर अपना उपचार कराया और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने प्रदीप पूनियां की शिकायत पर ठेेकेदार रमाचंद्र उसके बेटे मोनू और दो अज्ञातों पर केस कर लिया है। पूनियां ने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले लोग चतरगढ़ पट्टी के रहने वाले हैं।
जानें कैसे पहुंच गई बात मारपीट तक
मंगलवार सुबह सैकड़ों महिला व पुरुष एकत्रित होकर जन स्वास्थ्य विभाग की डिविजन नंबर तीन कार्यालय में पहुंचे। परेशान मोहल्ला वासियों ने कार्यालय समक्ष नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कार्यालय में मौजूद कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया अपने कार्यालय से बाहर आए।
आरोप है कि कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया ने नारेबाजी करने वालों को ऊंची आवाज में आपत्तिजनक बातें कही, जिससे लोग भड़क गए। महिलाओं व पुरुषों ने कार्यकारी अभियंता पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। लोग कुर्सियां उठा-उठाकर मारने लगे। कार्यकारी अभियंता ने बचने का फी प्रयास किया पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। कुछ प्रदर्शनकारी बचाने और मारपीट दोनों ही काम कर रहे थे। लेकिन काफी देर तक कोई भी उसे छुड़वाने नहीं आया।
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ग्रामीण बोले, हमारी समस्या पर नहीं दे रहे ध्यान
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हम अपनी समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। लेकिन कार्यकारी अभियंता उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। लोगों ने बताया कि चतरगढ़पट्टी मोहल्ला में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिकलीगर मोहल्ला की तीन गलियों में सीवर लाइन डालने के लिए गलियों को उखाड़ा गया था, लेकिन काम बीच में बंद कर दिया। काम बीच में बंद होने से उन्हें परेशानी हो रही है। गली में बड़े-बड़े गढ्ढे बन गए हैं, वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। छोटे बच्चों की जान का खतरा है।
मौके पर मौजूद लोग बोले, आमजन को करते हैं परेशान
कार्यालय के समक्ष जमा हुए सैकड़ों लोग भी यह कहते रहे कि सरकारी दफ्तरों में कोई आम जनता की भी सुनवाई नहीं करता। परेशान होकर मजबूरी में जनता को कानून हाथ में लेना पड़ता है। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए जनता के क्रोध का शिकार बने अधिकारी को छुड़वाया। सीवर लाइन डालने का काम कर रहे एक ठेकेदार का कहना है कि अधिकारियों ने ही काम बंद कराया है। अधिकारी खुद ही काम बंद करा देते हैं और इल्जाम ठेकेदार पर डाल देते हैं। उधर प्रदीप पुनिया से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया। उधर कार्यकारी अभियंता के साथ मारपीट की खबर मिलते ही विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस घटना को लेकर उनमें रोष देेखा गया और बुधवार को वे बैँठक बुलाक कोई फैसला ले सकते हैं।
मारपीट करने वालों पर केस दर्ज
कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया ने लिखित में शिकायत दी थी। कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वालों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जल्द ही मारपीट करने वालों की शिनाख्त करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
जसबीर सिंह, जांच अधिकारी।
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जानें कैसे पहुंच गई बात मारपीट तक
मंगलवार सुबह सैकड़ों महिला व पुरुष एकत्रित होकर जन स्वास्थ्य विभाग की डिविजन नंबर तीन कार्यालय में पहुंचे। परेशान मोहल्ला वासियों ने कार्यालय समक्ष नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कार्यालय में मौजूद कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया अपने कार्यालय से बाहर आए।
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आरोप है कि कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया ने नारेबाजी करने वालों को ऊंची आवाज में आपत्तिजनक बातें कही, जिससे लोग भड़क गए। महिलाओं व पुरुषों ने कार्यकारी अभियंता पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। लोग कुर्सियां उठा-उठाकर मारने लगे। कार्यकारी अभियंता ने बचने का फी प्रयास किया पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। कुछ प्रदर्शनकारी बचाने और मारपीट दोनों ही काम कर रहे थे। लेकिन काफी देर तक कोई भी उसे छुड़वाने नहीं आया।
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ग्रामीण बोले, हमारी समस्या पर नहीं दे रहे ध्यान
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हम अपनी समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। लेकिन कार्यकारी अभियंता उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। लोगों ने बताया कि चतरगढ़पट्टी मोहल्ला में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिकलीगर मोहल्ला की तीन गलियों में सीवर लाइन डालने के लिए गलियों को उखाड़ा गया था, लेकिन काम बीच में बंद कर दिया। काम बीच में बंद होने से उन्हें परेशानी हो रही है। गली में बड़े-बड़े गढ्ढे बन गए हैं, वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। छोटे बच्चों की जान का खतरा है।
मौके पर मौजूद लोग बोले, आमजन को करते हैं परेशान
कार्यालय के समक्ष जमा हुए सैकड़ों लोग भी यह कहते रहे कि सरकारी दफ्तरों में कोई आम जनता की भी सुनवाई नहीं करता। परेशान होकर मजबूरी में जनता को कानून हाथ में लेना पड़ता है। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए जनता के क्रोध का शिकार बने अधिकारी को छुड़वाया। सीवर लाइन डालने का काम कर रहे एक ठेकेदार का कहना है कि अधिकारियों ने ही काम बंद कराया है। अधिकारी खुद ही काम बंद करा देते हैं और इल्जाम ठेकेदार पर डाल देते हैं। उधर प्रदीप पुनिया से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया। उधर कार्यकारी अभियंता के साथ मारपीट की खबर मिलते ही विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस घटना को लेकर उनमें रोष देेखा गया और बुधवार को वे बैँठक बुलाक कोई फैसला ले सकते हैं।
मारपीट करने वालों पर केस दर्ज
कार्यकारी अभियंता प्रदीप पूनिया ने लिखित में शिकायत दी थी। कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वालों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जल्द ही मारपीट करने वालों की शिनाख्त करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
जसबीर सिंह, जांच अधिकारी।