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महिला कर्मचारी और बेटे को खांसी जुकाम होने पर किया आइसोलेट
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लघु सचिवालय स्थित एक बैंक में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बैंक कर्मचारियों को पता चला कि बैंक की एक महिला कर्मचारी की तबीयत खराब है। उसका नवविवाहित बेटा अपनी पत्नी सहित दुबई से घूूम कर आया है। इसके बाद अधिकारियों ने बैंक को बंद कर दिया। वहीं स्टाफ ने सिविल अस्पताल को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग ने बैंक कर्मी के पूरे परिवार को घर पर आइसोलेट कर दिया है। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि युवक जब दुबई से आया तो उसे अंडर ऑर्ब्जेशन में रखा गया था लेकिन 14 दिनों तक कोई लक्षण नहीं मिले।
लघु सचिवालय स्थित एक सरकारी बैंक में एक स्टाफ सदस्य के परिवार में बेटे की शादी थी। पिछले कई दिनों से वह छुट्टी पर चल रही थी। शनिवार को उसने बैंक मैनेजर को फोन पर सूचना दी कि उसकी तबीयत खराब है, खांसी, जुकाम और हल्का बुखार है, इसलिए वह बैंक नहीं आ सकती। इसके बाद उसका बेटा एसबीआई बैंक में चाबियां देने पहुंच गया। युवक की इसी माह शादी हुई थी और वह पत्नी सहित विदेश में घूम कर आया था। युवक को खांसी भी थी, इस बात की भनक लगते ही बैंक स्टाफ में हड़कंप मच गया। बैंक स्टाफ ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। उच्च अधिकारियों ने बैंक को बंद करने के आदेश दिए, साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। युवक के परिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने घर पर ही आइसोलेट कर दिया। घर में परिवार के करीब छह सदस्य हैं।
बाता दें कि कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता कर्फ्यू का एलान किया हुआ है। इस दौरान जिले में सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जाएगी। रविवार को कर्फ्यू की जानकारी मिलने तथा कोरोना के डर को लेकर लोग घरों से बाहर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को जिले के ग्रामीण इलाकों से आने वाली सभी बसें लगभग खाली ही आई है। इसके साथ ही बसों में बैठी सवारियां एक दूसरे से दूरी बनाती हुई नजर आईं। कोरोना के डर के कारण लोगों ने घरों से बाहर आना जाना बंद कर दिया है। इस कारण शहर के बाजारों में भी कोई खास रौनक नहीं रही। वहीं सिविल अस्पताल सिरसा में केवल वही मरीज अस्पताल में आए हैं, जिनका इलाज करवाना बहुत ही जरूरी था। इस कारण अस्पताल में भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं रही है।
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रोडवेज ने घटाई बसें
रोडवेज विभाग ने वीरवार को पहले तो डिपो से 30 प्रतिशत बसें बंद की। उसके बाद शुक्रवार को रोडवेज विभाग ने अपने डिपो से 50 प्रतिशत बसें बंद कर दी। रोडवेज के अनुसार लोगों को धीरे-धीरे सुविधाएं कम कर रहे हैं। इससे जो लोग अन्य राज्य अथवा गांव में हैं वह अपने घर पर पहुंचे। रोडवेज विभाग रविवार सुबह अपनी सभी सेवाएं बंद कर देगा। कोई भी बस डिपो से बाहर नहीं जाएगी। रोडवेज विभाग के पास सिरसा डिपो में लगभग 135 बसें हैं, जो पूरी तरह ठप रहेंगी।
बाजारों में नहीं रही भीड़
कोरोना वायरस के चलते बाजारों में भीड़ की स्थिति बिलकुल न के बराबर ही रही। क्योंकि शहर में अधिकतर ग्रामीण इलाकों से लोग आते हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोरोना को लेकर जारी हिदायत के कारण लोग अपने घरों से बाहर भी नहीं निकले। जिससे शहर के बाजार सुने ही नजर आए।
बंदी का सैंपल आया निगेटिव
स्वास्थ्य विभाग सिरसा ने वीरवार को सिरसा जेल के एक कैदी का सैंपल लैब में जांच के लिए भेजा था। उसकी रिपोर्ट शनिवार सुबह आई। रिपोर्ट में बंदी को नेगेटिव माना गया। दो दिन बंदी को आइसोलेशन वार्ड में ही रखा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को उसे जेल वापस भेज दिया है।
बाजार में नहीं मिल रहे सैनिटाइजर
कोरोना वायरस को लेकर बाजारों में सैनिटाइजर तथा मास्क खत्म हो चुके हैं, जिसके बाद बाजार में इसको लेकर कालाबजारी होनी शुरू हो गई है। शहर की किसी भी दुकान तथा मेडिकल स्टोर पर सैनिटाइजर अथवा मास्क नहीं मिल रहा है।
जो बंदी को सैंपल भेजा गया था वह नेगेटिव आया है। वहीं लोगों ने सतर्कता बरतते हुए अस्पताल में आना कम कर दिया है। जरूरी इलाज करवाने वाले ही मरीज अस्पताल में आ रहे हैं।
- डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
नहीं मिले लक्षण, पहले ही परिवार था अंडर आर्ब्जेवशन: सीएमओ
वहीं सीएमओ सुरेंद्र नैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि युवक कुछ दिनों पहले विदेश से आया था। उसे हमने अंडर ऑर्ब्जेशन में रखा। लेकिन 14 दिनों तक कोई लक्षण नहीं मिला। युवक की माता का गला खराब हुआ तो उसने छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया। स्टाफ ने उसे संदिग्ध मान लिया, लेकिन परिवार सामान्य है। लोगों से अनुरोध है कि वे अफवाहें न फैलाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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लघु सचिवालय स्थित एक सरकारी बैंक में एक स्टाफ सदस्य के परिवार में बेटे की शादी थी। पिछले कई दिनों से वह छुट्टी पर चल रही थी। शनिवार को उसने बैंक मैनेजर को फोन पर सूचना दी कि उसकी तबीयत खराब है, खांसी, जुकाम और हल्का बुखार है, इसलिए वह बैंक नहीं आ सकती। इसके बाद उसका बेटा एसबीआई बैंक में चाबियां देने पहुंच गया। युवक की इसी माह शादी हुई थी और वह पत्नी सहित विदेश में घूम कर आया था। युवक को खांसी भी थी, इस बात की भनक लगते ही बैंक स्टाफ में हड़कंप मच गया। बैंक स्टाफ ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। उच्च अधिकारियों ने बैंक को बंद करने के आदेश दिए, साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। युवक के परिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने घर पर ही आइसोलेट कर दिया। घर में परिवार के करीब छह सदस्य हैं।
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बाता दें कि कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता कर्फ्यू का एलान किया हुआ है। इस दौरान जिले में सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जाएगी। रविवार को कर्फ्यू की जानकारी मिलने तथा कोरोना के डर को लेकर लोग घरों से बाहर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को जिले के ग्रामीण इलाकों से आने वाली सभी बसें लगभग खाली ही आई है। इसके साथ ही बसों में बैठी सवारियां एक दूसरे से दूरी बनाती हुई नजर आईं। कोरोना के डर के कारण लोगों ने घरों से बाहर आना जाना बंद कर दिया है। इस कारण शहर के बाजारों में भी कोई खास रौनक नहीं रही। वहीं सिविल अस्पताल सिरसा में केवल वही मरीज अस्पताल में आए हैं, जिनका इलाज करवाना बहुत ही जरूरी था। इस कारण अस्पताल में भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं रही है।
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रोडवेज ने घटाई बसें
रोडवेज विभाग ने वीरवार को पहले तो डिपो से 30 प्रतिशत बसें बंद की। उसके बाद शुक्रवार को रोडवेज विभाग ने अपने डिपो से 50 प्रतिशत बसें बंद कर दी। रोडवेज के अनुसार लोगों को धीरे-धीरे सुविधाएं कम कर रहे हैं। इससे जो लोग अन्य राज्य अथवा गांव में हैं वह अपने घर पर पहुंचे। रोडवेज विभाग रविवार सुबह अपनी सभी सेवाएं बंद कर देगा। कोई भी बस डिपो से बाहर नहीं जाएगी। रोडवेज विभाग के पास सिरसा डिपो में लगभग 135 बसें हैं, जो पूरी तरह ठप रहेंगी।
बाजारों में नहीं रही भीड़
कोरोना वायरस के चलते बाजारों में भीड़ की स्थिति बिलकुल न के बराबर ही रही। क्योंकि शहर में अधिकतर ग्रामीण इलाकों से लोग आते हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोरोना को लेकर जारी हिदायत के कारण लोग अपने घरों से बाहर भी नहीं निकले। जिससे शहर के बाजार सुने ही नजर आए।
बंदी का सैंपल आया निगेटिव
स्वास्थ्य विभाग सिरसा ने वीरवार को सिरसा जेल के एक कैदी का सैंपल लैब में जांच के लिए भेजा था। उसकी रिपोर्ट शनिवार सुबह आई। रिपोर्ट में बंदी को नेगेटिव माना गया। दो दिन बंदी को आइसोलेशन वार्ड में ही रखा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को उसे जेल वापस भेज दिया है।
बाजार में नहीं मिल रहे सैनिटाइजर
कोरोना वायरस को लेकर बाजारों में सैनिटाइजर तथा मास्क खत्म हो चुके हैं, जिसके बाद बाजार में इसको लेकर कालाबजारी होनी शुरू हो गई है। शहर की किसी भी दुकान तथा मेडिकल स्टोर पर सैनिटाइजर अथवा मास्क नहीं मिल रहा है।
जो बंदी को सैंपल भेजा गया था वह नेगेटिव आया है। वहीं लोगों ने सतर्कता बरतते हुए अस्पताल में आना कम कर दिया है। जरूरी इलाज करवाने वाले ही मरीज अस्पताल में आ रहे हैं।
- डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
नहीं मिले लक्षण, पहले ही परिवार था अंडर आर्ब्जेवशन: सीएमओ
वहीं सीएमओ सुरेंद्र नैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि युवक कुछ दिनों पहले विदेश से आया था। उसे हमने अंडर ऑर्ब्जेशन में रखा। लेकिन 14 दिनों तक कोई लक्षण नहीं मिला। युवक की माता का गला खराब हुआ तो उसने छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया। स्टाफ ने उसे संदिग्ध मान लिया, लेकिन परिवार सामान्य है। लोगों से अनुरोध है कि वे अफवाहें न फैलाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।