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Sirsa News: बरसात में गरीब मजदूर के मकान की छत गिरी, परिवार के सामने रहने का संकट
Tue, 11 Aug 2026 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:14 AM IST
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फोटो -- 17
बरसात में गरीब मजदूर के मकान की छत गिरी, परिवार के सामने रहने का संकट
फोटो-- 17
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उपमंडल के गांव सुखेराखेड़ा में रविवार दोपहर बाद हुई बरसात एक गरीब मजदूर परिवार के लिए मुसीबत बन गई। बारिश के दौरान शंकर लाल के दो कमरों वाले मकान के मुख्य कमरे की डाट वाली छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार का कोई सदस्य कमरे के अंदर नहीं था जिससे बड़ा हादसा टल गया।
शंकर लाल मजदूरी करके पत्नी, तीन बच्चों और करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग मां गुड्डी देवी का पालन-पोषण करता है। परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। रविवार को बारिश के समय बच्चे पड़ोस में गए हुए थे जबकि बुजुर्ग मां भी कमरे से बाहर थी। इसी दौरान अचानक छत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। प
ड़ोसियों ने फोन कर परिवार को हादसे की सूचना दी। परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो कमरे की पूरी छत मलबे में तब्दील हो चुकी थी। छत गिरने से कमरे में रखा घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक हादसे में दो पेटियां, दो कुर्सियां, दो चारपाइयां सहित अन्य सामान खराब हो गया।
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जिस कमरे में परिवार के सदस्य रहते थे, उसकी छत गिरने के बाद अब उनके सामने रहने और सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। शंकर लाल ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मजदूरी से मिलने वाली आमदनी से ही परिवार का गुजारा चलता है। मकान की छत की मरम्मत करवाने के लिए उसके पास पर्याप्त धनराशि नहीं है।
परिवार ने बताया कि हादसे के बाद अभी तक प्रशासन या ग्राम पंचायत की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। उन्होंने जिला एवं उपमंडल प्रशासन से मकान का निरीक्षण करवाकर नुकसान का आकलन करने और उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने कहा कि बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त मकान में रहना जान जोखिम में डालने के समान है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सहायता उपलब्ध करवाकर मकान की छत की मरम्मत करवाने की गुहार लगाई है।
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बरसात में गरीब मजदूर के मकान की छत गिरी, परिवार के सामने रहने का संकट
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उपमंडल के गांव सुखेराखेड़ा में रविवार दोपहर बाद हुई बरसात एक गरीब मजदूर परिवार के लिए मुसीबत बन गई। बारिश के दौरान शंकर लाल के दो कमरों वाले मकान के मुख्य कमरे की डाट वाली छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार का कोई सदस्य कमरे के अंदर नहीं था जिससे बड़ा हादसा टल गया।
शंकर लाल मजदूरी करके पत्नी, तीन बच्चों और करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग मां गुड्डी देवी का पालन-पोषण करता है। परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। रविवार को बारिश के समय बच्चे पड़ोस में गए हुए थे जबकि बुजुर्ग मां भी कमरे से बाहर थी। इसी दौरान अचानक छत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। प
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ड़ोसियों ने फोन कर परिवार को हादसे की सूचना दी। परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो कमरे की पूरी छत मलबे में तब्दील हो चुकी थी। छत गिरने से कमरे में रखा घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक हादसे में दो पेटियां, दो कुर्सियां, दो चारपाइयां सहित अन्य सामान खराब हो गया।
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जिस कमरे में परिवार के सदस्य रहते थे, उसकी छत गिरने के बाद अब उनके सामने रहने और सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। शंकर लाल ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मजदूरी से मिलने वाली आमदनी से ही परिवार का गुजारा चलता है। मकान की छत की मरम्मत करवाने के लिए उसके पास पर्याप्त धनराशि नहीं है।
परिवार ने बताया कि हादसे के बाद अभी तक प्रशासन या ग्राम पंचायत की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। उन्होंने जिला एवं उपमंडल प्रशासन से मकान का निरीक्षण करवाकर नुकसान का आकलन करने और उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने कहा कि बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त मकान में रहना जान जोखिम में डालने के समान है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सहायता उपलब्ध करवाकर मकान की छत की मरम्मत करवाने की गुहार लगाई है।