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हरियाणा में भी किसान यूनियन लड़ेगी चुनाव : चढूनी
Wed, 21 Jun 2023 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:19 PM IST
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रानियां के गांव नकोड़ा में किसानों के साथ मुलाकात करते गुरनाम सिंह चढूनी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां (सिरसा)। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश के किसानों को एकजुट होकर इस तानाशाही सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। किसानों को राजनीति में आना ही पड़ेगा, अन्यथा यह दमन चक्र रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। पंजाब की तरह हरियाणा में भी किसान यूनियन चुनाव लड़ेगी। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है।
गुरनाम सिंह चढूनी ने गांव नकोड़ा में किसान नेता हरविंद्र सिंह के निवास स्थान पर किसानों व यूनियन के पदाधिकारियों से मुलाकात की। किसान नेताओं से आंदोलन की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया। लोकसभा व विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बारे में किसानों से सलाह-मशविरा किया गया। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सबसे ज्यादा मार कमेरे वर्ग को सहनी पड़ी है। कमेरा वर्ग जब तक इकट्ठा नहीं होता तब तक ऐसे ही शासन चलता रहेगा।
उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने पहले किसानों पर लाठीचार्ज किया, फिर सरपंचों को निशाना बनाया गया। अब अगली बारी विधायकों की है। सरकार ऐसा कानून ले आएगी, जिसमें विधायकों को अपनी मर्जी से काम करवाने की अनुमति नहीं होगी। सत्ता की पावर चंद लोगों के हाथ में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार फसलों पर एमएसपी नहीं दे रही, जिसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एमएसपी को लेकर शीघ्र ही देश में एक बड़ा आंदोलन होगा और समय आने पर इस पर फैसला लिया जाएगा।
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रानियां (सिरसा)। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश के किसानों को एकजुट होकर इस तानाशाही सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। किसानों को राजनीति में आना ही पड़ेगा, अन्यथा यह दमन चक्र रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। पंजाब की तरह हरियाणा में भी किसान यूनियन चुनाव लड़ेगी। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है।
गुरनाम सिंह चढूनी ने गांव नकोड़ा में किसान नेता हरविंद्र सिंह के निवास स्थान पर किसानों व यूनियन के पदाधिकारियों से मुलाकात की। किसान नेताओं से आंदोलन की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया। लोकसभा व विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बारे में किसानों से सलाह-मशविरा किया गया। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सबसे ज्यादा मार कमेरे वर्ग को सहनी पड़ी है। कमेरा वर्ग जब तक इकट्ठा नहीं होता तब तक ऐसे ही शासन चलता रहेगा।
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उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने पहले किसानों पर लाठीचार्ज किया, फिर सरपंचों को निशाना बनाया गया। अब अगली बारी विधायकों की है। सरकार ऐसा कानून ले आएगी, जिसमें विधायकों को अपनी मर्जी से काम करवाने की अनुमति नहीं होगी। सत्ता की पावर चंद लोगों के हाथ में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार फसलों पर एमएसपी नहीं दे रही, जिसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एमएसपी को लेकर शीघ्र ही देश में एक बड़ा आंदोलन होगा और समय आने पर इस पर फैसला लिया जाएगा।
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