फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   kanoongo patwari strike

Sirsa News: समाधान नहीं होने पर अब 27 तक रहेगी कानूनगो पटवारी की हड़ताल

Tue, 25 Aug 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 25 Aug 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
kanoongo patwari strike
पटवारी-कानूनगो की हड़ताल से तहसील के कामकाज पर लगा ब्रेक
विज्ञापन

करोड़ों के राजस्व पर असर, सॉफ्टवेयर को लेकर बनी गतिरोध की स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के कारण तहसील स्तर पर अधिकांश कामकाज प्रभावित हुए हैं। आम लोगों को जमीन संबंधी दस्तावेज, इंतकाल और गिरदावरी जैसे राजस्व कार्यों के लिए परेशानी हो रही है। मंगलवार को भी तहसील कार्यालय और पटवार भवन में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा।
पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान दलवीर बिस्सु ने बताया कि कर्मचारी नई तकनीक के विरोध में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर को पहले किसी एक तहसील में परीक्षण के तौर पर लागू करना चाहिए था।
विज्ञापन

पुराने राजस्व रिकॉर्ड का पूरा आंकड़ा नए सॉफ्टवेयर में उपलब्ध नहीं है। इससे जमाबंदी पुराने माध्यम से तैयार करनी पड़ रही है। उसकी प्रविष्टि नए पोर्टल पर करने से रिकॉर्ड में विरोधाभास बन रहा है। प्रदेश में 30 हजार से अधिक इंतकाल पुराने सॉफ्टवेयर में लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई मामलों को तहसील-कानूनगो स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है लेकिन नए सॉफ्टवेयर में उनकी प्रविष्टि नहीं हो पा रही है। जिले में पटवारियों के स्वीकृत 324 पदों में से करीब 200 पद खाली हैं। 79 नए पटवारी मिलने के बावजूद कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव है।

डिजिटल सर्वे की चुनौतियां
पटवारियों के अनुसार डिजिटल फसल सर्वे ने उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं। इसमें प्रत्येक खेत की अलग-अलग तस्वीर लेकर विवरण दर्ज करना पड़ता है। एक पटवारी के पास करीब पांच गांवों का कार्यभार होता है। हजारों एकड़ भूमि का सर्वे तय समय में पूरा करना चुनौतीपूर्ण है। कर्मचारियों ने सर्वे की दूरी सीमा बढ़ाने और प्रक्रिया सरल करने की मांग की है।


सॉफ्टवेयर संबंधी अन्य समस्याएं
नए सॉफ्टवेयर में भूमि का क्षेत्रफल वर्ग मीटर में दर्ज किया जा रहा है। पहले कनाल, मरला और सरसाई की व्यवस्था थी। सॉफ्टवेयर में हिंदी का विकल्प नहीं होने से भी कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। कर्मचारियों ने सरकार से तकनीकी खामियां दूर करने की मांग की है। उन्होंने पुराने रिकॉर्ड का पूरा आंकड़ा अपलोड करने और सॉफ्टवेयर को उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की भी मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed