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Sirsa News: कालांवाली के गांवों को फिर से किया सिरसा विधानसभा में शामिल
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सिरसा। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कालांवाली के रोड़ी व बडागुढ़ा खंड के गांवों को डबवाली और सिरसा में शामिल करने की घोषणा की है। रोड़ी हलके के कई गांव लंबे समय डबवाली के बजाय सिरसा में शामिल करने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के रोड़ी दौरे के दौरान भी कई गांवों के लोगों ने यह बात उनके सामने रखी थी।
ऐसे में सोमवार को मुख्यमंत्री ने गांव रंगा, लहंगेवाला, मत्तड़, अलीकां को सिरसा में शामिल गया है। वहीं कालांवाली के गांव मलिकपुरा, किंगरा, नौरंग, बनवाला व मिठड़ी डबवाली में शाामिल किया गया है। गोरीवाला को भी डबवाली में शामिल कर दिया गया है। कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला ने बताया कि कालांवाली के कई और गांव सिरसा में शामिल होना चाहते हैं।
इसके लिए सरकार को गांवों के लोगों की राय जाननी चाहिए, जिस ब्लॉक में जो शामिल होना चाहता है। उसे उस ब्लॉक में शामिल किया जाएगा। सही मायने में विधानसभाओं का विभाग में कई तरह की पूर्व में खामियां सामने आईं थी। सिरसा के आठ किलोमीटर के अंदर आने वाले कई गांवों को कालांवाली में शामिल किया गया है। कई गांवों को रानियां में शामिल कर दिया गया।
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जबकि कई गांव ऐसे हैं जो पहले सिरसा में शामिल थे। सरकार को इस दिशा में और ज्यादा विचार करने की जरूरत है। रोड़ी के गांवों को डबवाली पुलिस जिले में शामिल करने पर किसान नेताओं व ग्रामीणों ने विरोध जताया था। उस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर इन्हें वापस सिरसा में शामिल करने की मांग रखी थी। जुलाई 2024 में किसानों, सरपंचों ने एक मंच आकर सरकार से यह मांग की थी।
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यह होगा फायदा
गांव रंगा, लहंगेवाला, मत्तड़, अलीकां के लिए डबवाली की दूरी 75 किलोमीटर के आसपास पड़ती थी। साधनों का भी बड़े स्तर पर अभाव रहता है। सिरसा की इनकी दूरी 20 से 25 किलोमीटर के आसपास रह जाएगी। बॉर्डर एरिया पर बसें इन गांवों के लिए सिरसा आना जाना भी आसान रहेगा। हालांकि, इन गांवों के लिए बस सुविधा बेहतर नहीं है। गांव पनिहारी के पास घग्गर पर बनाए गए पुल से इनको लाभ होगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -कालांवाली विधानसभा के कई गांव सिरसा में शामिल होना चाहते थे। कुछ गांव शामिल हो गए हैं और कुछ गांव अभी रहते हैं। इनमें से कुछ गांव पहले सिरसा के अंतर्गत आते थे। कुछ गांव जैसे झिडी, बीरूवाला आदि रह गए हैं। हमने पहले भी मुख्यमंत्री से पत्राचार किया था और अब जो गांव रह गए हैं, उनके लिए भी पत्राचार करेंगे। हमारी मांग है कि सरकार को पंजाब की बॉर्डर व अन्य गांवों से राय ले लेनी चाहिए कि वे किस ब्लॉक में रहना चाहते हैं। इससे ग्रामीणों को फायदा होगा। इन एरिया में बस सुविधा भी बेहतर नहीं है, जिसे बढ़ावा देने की जरूरत है। - शीशपाल केहरवाला, विधायक, कालांवाली।
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ऐसे में सोमवार को मुख्यमंत्री ने गांव रंगा, लहंगेवाला, मत्तड़, अलीकां को सिरसा में शामिल गया है। वहीं कालांवाली के गांव मलिकपुरा, किंगरा, नौरंग, बनवाला व मिठड़ी डबवाली में शाामिल किया गया है। गोरीवाला को भी डबवाली में शामिल कर दिया गया है। कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला ने बताया कि कालांवाली के कई और गांव सिरसा में शामिल होना चाहते हैं।
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इसके लिए सरकार को गांवों के लोगों की राय जाननी चाहिए, जिस ब्लॉक में जो शामिल होना चाहता है। उसे उस ब्लॉक में शामिल किया जाएगा। सही मायने में विधानसभाओं का विभाग में कई तरह की पूर्व में खामियां सामने आईं थी। सिरसा के आठ किलोमीटर के अंदर आने वाले कई गांवों को कालांवाली में शामिल किया गया है। कई गांवों को रानियां में शामिल कर दिया गया।
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जबकि कई गांव ऐसे हैं जो पहले सिरसा में शामिल थे। सरकार को इस दिशा में और ज्यादा विचार करने की जरूरत है। रोड़ी के गांवों को डबवाली पुलिस जिले में शामिल करने पर किसान नेताओं व ग्रामीणों ने विरोध जताया था। उस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर इन्हें वापस सिरसा में शामिल करने की मांग रखी थी। जुलाई 2024 में किसानों, सरपंचों ने एक मंच आकर सरकार से यह मांग की थी।
यह होगा फायदा
गांव रंगा, लहंगेवाला, मत्तड़, अलीकां के लिए डबवाली की दूरी 75 किलोमीटर के आसपास पड़ती थी। साधनों का भी बड़े स्तर पर अभाव रहता है। सिरसा की इनकी दूरी 20 से 25 किलोमीटर के आसपास रह जाएगी। बॉर्डर एरिया पर बसें इन गांवों के लिए सिरसा आना जाना भी आसान रहेगा। हालांकि, इन गांवों के लिए बस सुविधा बेहतर नहीं है। गांव पनिहारी के पास घग्गर पर बनाए गए पुल से इनको लाभ होगा।