फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Justice Malik inspection in Sirsa

जस्टिस मलिक ने किया अदालतों का निरीक्षण

Sat, 17 Oct 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Sat, 17 Oct 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन

जिला अदालतों में शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकार्ट के जस्टिस रामेश्वर मलिक अदालतों के कामकाज का निरीक्षण करना था और न्यायाधीशों की कार्यशैली परखनी थी।

विज्ञापन


निरीक्षण के दौरान जस्टिस मलिक को तनिक भी कमी न दिखे इसके लिए सुबह से ही हर अदालत के स्टाफ ने पूरी तैयारी कर ली। जस्टिस भी अपने मन माफिक निरीक्षण करने का मन बना चुके थे। निरीक्षण के दौरान खास बात यह रही कि एडीजे संगीता राय की अदालत में एक मामले में न्यायाधीश का मार्ग दर्शन करके तत्काल मामला सुलझाते हुए युवक-युवती की शादी करवाने को कहा।
विज्ञापन


जस्टिस मलिक बोले जब मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी, शुभ काम में देरी नहीं होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, जस्टिस रामेश्वर मलिक सुबह अदालत परिसर पहुंचे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने उनका स्वागत किया। 11 बजकर 28 मिनट पर जस्टिस मलिक सीधा सेशन कोर्ट में आए और सेशन जज बिमलेश तंवर के बगल चेयर में चुपचाप बैठ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेशन जज एक आपराधिक मामले में बहस सुन रही थी और जस्टिस का पूरा ध्यान उनकी तरफ केंद्रित रहा। उन्होंने गंभीरता से सेशन जज की कार्यशैली परखी। इस दौरान अदालत में न्यायाधीश से लेकर हर स्टाफ सदस्य की सांस फूली रही। 19 मिनट तक अदालती कामकाज जांचने के बाद जस्टिस चेयर से खड़े हुए और उनके चले जाने के उपरांत सभी ने राहत की सांस ली।

इसके बाद सेशन अदालत में तैनात कर्मचारियों ने सोचा कि जस्टिस एडीजे संगीता राय की कोर्ट में जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे सीधा एडीजे सुभाष मेहता की अदालत में पहुंचे और पहले की भांति सीधा एडीजे के बगल वाली सीट पर बैठकर अदालती कार्यवाही देखने लगे।

यहां जस्टिस ने टेबल पर पड़ी एक फाइल उठाई और उसे पढ़ने लगे। नौ मिनट तक जज सुभाष मेहता का कामकाज देखने के बाद जस्टिस मलिक सीधा एडीजे संगीता राय की अदालत में गए। अदालत में लड़का-लड़की की शादी का जिक्र चल रहा था।

जस्टिस ने संगीता राय से पूछा क्या मामला है ये, एडीजे संगीता राय ने बताया कि एक मामला विचाराधीन है और लड़का-लड़की अब शादी करना चाहते हैं। दोनों ही गरीब परिवार से हैं।

लड़का पेंटर का काम करता है। यह सुनकर जस्टिस रामेश्वर मलिक बोले- जब मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी यह सुनकर अदालत में मौजूद वकीलों- कटघरे में खड़े हवालाती और सुरक्षा कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। जस्टिस मलिक ने लड़की से पूछा कि तुम अपनी मर्जी से शादी करना चाहती हो, लड़की बोली हां।

कितने समय से जानती हो लड़के को, लड़की ने जवाब दिया कि करीब एक साल से जानती हूं। जस्टिस ने पूछा शादी के लिए कोई दबाव तो नहीं डाल रहा दोनों पर। दोनों ने कहा कि किसी का दबाव नहीं है। जस्टिस ने लड़का-लड़की से कहा कि एक बार शादी की तो सच्ची नियत से इसे निभाना ऐसा न हो कि कुछ माह बाद कोर्ट के धक्के खाने पड़े और मां-बाप परेशान हों।

 जस्टिस ने कहा कि न्यायाधीश का कार्य मार्ग दर्शन करना भी है। इसके बाद जस्टिस मलिक ने एडीजे संगीता राय से कहा कि शुभ काम में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके जवाब में एडीजे संगीता राय ने कहा नहीं होगी सर। स्पेशल कोर्ट में बीस मिनट रहने के बाद जस्टिस रामेश्वर मलिक एडीजे आरके मेहता की अदालत में पहुंचे।
 
जेल में जाकर कैदियों की समस्याएं सुनीं

दोपहर करीब सवा तीन बजे जस्टिस रामेश्वर मलिक का काफिला जिला जेल की तरफ रवाना हुआ। जेल प्रशासन की तरफ से अधीक्षक जेएस सेठी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद जस्टिस मलिक परिसर में पहुंचे और यहां कैदियों को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया।


काफी संख्या में कैदी कतार लगाकर सुबह से ही जस्टिस की प्रतीक्षा कर रहे थे। जस्टिस ने कैदियों से यहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली और उनकी समस्याएं पूछी। जेल सूत्रों अनुसार कई बंदियों ने जस्टिस को बंद लिफाफे में अपनी शिकायत सौंपी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed