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वाटर वर्क्स मामले की जांच पूरी, डीसी को सौंपी रिपोर्ट, फैसले तक काम बंद रखने के आदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 12:06 AM IST
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Investigation of water works case completed, report submitted to DC, orders to stop work till verdict
जलघर का टैंक। - फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर के चत्तरगढ़पट्टी स्थित जलघर के वाटर टैंक की रिपेयर से पहले ही बिल का भुगतान करने के मामले में जांच पूरी हो चुकी है। जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट डीसी को सौंप दी। डीसी उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। साथ ही डीसी ने फैसला होने तक ठेकेदार को आदेश दिए हैं कि काम शुरू ना करें। ठेकेदार ने डीसी से मिलकर अपना पक्ष भी रखा।
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जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के चत्तरगढ़पट्टी स्थित जलघर की टंकियों का मरम्मत कार्य चल रहा था। लेकिन इसके बाद जिला प्रशासन के पास शिकायत पहुंची कि बिना काम हुए बिल का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि इसमें करीब दो करोड़ 38 लाख राशि का भुगतान काम पूरा होने से पहले किया गया था। मामले की शिकायत उपायुक्त के पास पहुंची तो उपायुक्त अनीश यादव ने मामले की जांच के आदेश दे दिए। इसके लिए विजिलेंस टीम भी जांच के लिए पहुंची और विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया व रिकार्ड जांचा। इसके पश्चात जलघर की मरम्मत के लिए टेंडर लगाए जाने से लेकर भुगतान होने तक की जांच करने के लिए जिला परिषद सीईओ को जांच सौंपी गई। सूत्र बताते हैं कि जांच में खुलासा हुआ है कि इसमें दो एक्सईएन, चार एसडीओ व एक जेई दोषी पाए गए है। जिन पर कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है।
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ठेकेदार ने की डीसी से मुलाकात, अधिकारियों पर लगाए आरोप
ठेकेदार तरुण गर्ग ने डीसी अनीश यादव से मुलाकात करके अपना पक्ष रखा। उन्होंने ये बात स्वीकार की कि काम होने से पहले एडवांस पेमेंट की गई है। लेकिन इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन एक्सईएन और अन्य अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। ठेकेदार ने कहा कि कोरोना कॉल में बजट नहीं आ रहा था। इसलिए एक्सईएन ने अपने अधिकारियों पर दबाव बनाकर एडवांस भुगतान करवाया। आरोप है कि इसके लिए उन्होंने मोटा कमीशन भी मांगा। अब भुगतान होने के बाद और कमीशन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया और कहा कि इससे अच्छा तो मैं काम ही करवा दूंगा। इसके बाद अधिकारियों ने ये जांच शुरू करवा दी।
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मैंने काम करवाया है, सबूत है : ठेकेदार
देखिए, एडवांस भुगतान हुआ है, लेकिन ये आरोप गलत है कि दो करोड़ 38 लाख का घपला हुआ। सच्चाई ये है कि मेरा काम चल रहा था लेकिन अधिकारियों ने दबाव बनाया और कमीशन लेने को भुगतान करवा दिया। मैंने तो अब भी काम शुरू करवा दिया था लेकिन काम रुकवा दिया गया। मैं जांच में शामिल होकर सभी सबूत पेश करूंगा।

- तरुण गर्ग, ठेकेदार।
चत्तरगढ़पट्टी स्थित जलघर की मरम्मत का कार्य पूरा होने से पहले पेमेंट जमा करवाने के मामले की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई है। जो भी अधिकारी मामले में संलिप्त पाया गया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने तक काम बंद रखने के निर्देश है।
अनीश यादव, उपायुक्त सिरसा
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