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निरीक्षण : बस स्टैंड पर शौचालय में मिली गंदगी और पानी भी पीने लायक नहीं, जीएम को लगाई फटकार
Sat, 26 Aug 2023 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 26 Aug 2023 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत जानी। दिव्यांगों की समस्याएं भी सुनीं। लोकनिर्माण विश्राम गृह में दिव्यांगों के लिए रैंप नहीं बने होने पर नाराजगी जताई। आयुक्त ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि जहां मैं बैठा हूं, वहां ही रैंप नहीं है। निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड पर शौचालय में गंदगी फैली हुई थी। पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं थी। असुविधाएं मिलने पर रोडवेज जीएम को फटकार लगाई।
शनिवार को दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने राजकीय नेशनल विश्वविद्यालय में बने नए भवन और रैंप का उद्धाटन किया। इसके बाद आयुक्त ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया। बस स्टैंड परिसर में शौचालय की व्यवस्था दिव्यांगों के अनुरूप नहीं मिली। शौचालय में गंदगी फैली हुई थी। आयुक्त ने बस स्टैंड का पानी स्वयं पीकर देखा। पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं थी। उन्होंने बस स्टैंड जीएम को बस स्टैंड की सुविधाएं जल्द से जल्द सही करने के आदेश दिए। जब बसों की जांच की गई तो तीन नंबर सीट दिव्यांगों के लिए लिखा हुआ नहीं पाया। इससे आयुक्त नाराज हो गए। उन्होंने रोडवेज जीएम को आदेश दिए कि सभी बसों की सीट नंबर-3 पर दिव्यांग लिखा होना चाहिए। इसके साथ शौचालय के गेट को चौड़ा कराने, ताकि दिव्यांग की व्हीलचेयर को अंदर ले जा सके। सिविल अस्पताल में सुविधाएं सही मिली। इस दौरान शिक्षक बंसीलाल झोरड़, डीपीसी सहीराम, एसडीएम कालांवाली सुरेश रावेश, जिला समाज कल्याण अधिकारी महावीर गोदारा, नायब तहसीलदार हरीश मौजूद रहे।
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बस स्टैंड व अन्य जगहों के एटीएम भी मिले खस्ताहाल
आयुक्त व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड व अन्य जगहों के एटीएम की जांच की । इस दौरान बस स्टैंड पर बने रैंप की हालत खस्ताहाल मिली, जिसे देखकर आयुक्त ने कहा कि इस रैंप पर तो सामान्य व्यक्ति भी गिर जाए। इस पर दिव्यांग कैसे चढ़ सकता है। वहीं, हिसार रोड पर स्थित एसबीआई बैंक पर रैंप न होने के चलते जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि वो जल्द से जल्द बैंक के खिलाफ कार्रवाई करें।
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पुलिस प्रशासन को गंभीरता से शिकायत लेने के दिए निर्देश
आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने बताया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति और जनजाति को गाली देने पर दोषी को सजा व जुर्माना देने का प्रावधान है। उसी प्रकार अगर कोई दिव्यांग को लंगड़ा, लूला, काना, अंधा व अन्य नामों से पुकारता है तो वो भी गाली की श्रेणी में आता है। ऐसे में जुर्माना और 5 साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन बड़े दुख की बात है कि सिरसा में पुलिस प्रशासन ने एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे साफ होता है कि इन शिकायतों के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है।
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140 दिव्यांगों ने रखी अपनी समस्याएं
दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में दिव्यांगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। करीब 140 दिव्यांगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिसमें सबसे ज्यादा समस्याएं रोजगार की थी। वहीं, दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। इनमें खिलाड़ी ज्ञान सिंह, शिक्षा विभाग से बीआरपी अनिता छाबड़ा व विशेष अध्यापक महेंद्र प्रताप को स्मृति चिह्न दिया गया।
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सिरसा। दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत जानी। दिव्यांगों की समस्याएं भी सुनीं। लोकनिर्माण विश्राम गृह में दिव्यांगों के लिए रैंप नहीं बने होने पर नाराजगी जताई। आयुक्त ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि जहां मैं बैठा हूं, वहां ही रैंप नहीं है। निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड पर शौचालय में गंदगी फैली हुई थी। पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं थी। असुविधाएं मिलने पर रोडवेज जीएम को फटकार लगाई।
शनिवार को दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने राजकीय नेशनल विश्वविद्यालय में बने नए भवन और रैंप का उद्धाटन किया। इसके बाद आयुक्त ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया। बस स्टैंड परिसर में शौचालय की व्यवस्था दिव्यांगों के अनुरूप नहीं मिली। शौचालय में गंदगी फैली हुई थी। आयुक्त ने बस स्टैंड का पानी स्वयं पीकर देखा। पानी की गुणवत्ता भी सही नहीं थी। उन्होंने बस स्टैंड जीएम को बस स्टैंड की सुविधाएं जल्द से जल्द सही करने के आदेश दिए। जब बसों की जांच की गई तो तीन नंबर सीट दिव्यांगों के लिए लिखा हुआ नहीं पाया। इससे आयुक्त नाराज हो गए। उन्होंने रोडवेज जीएम को आदेश दिए कि सभी बसों की सीट नंबर-3 पर दिव्यांग लिखा होना चाहिए। इसके साथ शौचालय के गेट को चौड़ा कराने, ताकि दिव्यांग की व्हीलचेयर को अंदर ले जा सके। सिविल अस्पताल में सुविधाएं सही मिली। इस दौरान शिक्षक बंसीलाल झोरड़, डीपीसी सहीराम, एसडीएम कालांवाली सुरेश रावेश, जिला समाज कल्याण अधिकारी महावीर गोदारा, नायब तहसीलदार हरीश मौजूद रहे।
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बस स्टैंड व अन्य जगहों के एटीएम भी मिले खस्ताहाल
आयुक्त व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड व अन्य जगहों के एटीएम की जांच की । इस दौरान बस स्टैंड पर बने रैंप की हालत खस्ताहाल मिली, जिसे देखकर आयुक्त ने कहा कि इस रैंप पर तो सामान्य व्यक्ति भी गिर जाए। इस पर दिव्यांग कैसे चढ़ सकता है। वहीं, हिसार रोड पर स्थित एसबीआई बैंक पर रैंप न होने के चलते जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि वो जल्द से जल्द बैंक के खिलाफ कार्रवाई करें।
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पुलिस प्रशासन को गंभीरता से शिकायत लेने के दिए निर्देश
आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने बताया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति और जनजाति को गाली देने पर दोषी को सजा व जुर्माना देने का प्रावधान है। उसी प्रकार अगर कोई दिव्यांग को लंगड़ा, लूला, काना, अंधा व अन्य नामों से पुकारता है तो वो भी गाली की श्रेणी में आता है। ऐसे में जुर्माना और 5 साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन बड़े दुख की बात है कि सिरसा में पुलिस प्रशासन ने एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे साफ होता है कि इन शिकायतों के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है।
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140 दिव्यांगों ने रखी अपनी समस्याएं
दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में दिव्यांगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। करीब 140 दिव्यांगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिसमें सबसे ज्यादा समस्याएं रोजगार की थी। वहीं, दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। इनमें खिलाड़ी ज्ञान सिंह, शिक्षा विभाग से बीआरपी अनिता छाबड़ा व विशेष अध्यापक महेंद्र प्रताप को स्मृति चिह्न दिया गया।