{"_id":"64d3da8e11b0b22cc20f4e26","slug":"innovation-jcd-college-students-build-hybrid-vehicle-will-run-on-electricity-and-petrol-sirsa-news-c-128-1-shsr1023-4114-2023-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवाचार : जेसीडी कॉलेज के छात्रों ने किया हाइब्रिड व्हीकल का निर्माण, बिजली एवं पेट्रोल से चलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवाचार : जेसीडी कॉलेज के छात्रों ने किया हाइब्रिड व्हीकल का निर्माण, बिजली एवं पेट्रोल से चलेगा
Wed, 09 Aug 2023 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
जेसीडी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा बनाए गए हाइब्रिड व्हीकल का जायजा लेते शिक्
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ऐसे समय में जब पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं और लोग पारंपरिक ईंधन के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों का रूख कर रहे हैं। ऐसे में जेसीडी विद्यापीठ में स्थित जेसीडी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के छात्र संजीव कुमार, गर्व बद्रेचा, लविश कुमार एवं रवि कुमार ने अपनी कुशलता एवं रचनात्मकता के तालमेल से हाइब्रिड व्हीकल का निर्माण किया है।
तकनीक एवं सूझबूझ के बेजोड़ मेल पर आधारित इस गाड़ी की विशेषता यह है कि यह बिजली एवं पेट्रोल दोनों स्रोतों द्वारा चलाई जा सकती है। प्राचार्य डॉ. राजेश गार्गी ने बताया कि गाड़ी में टू स्ट्रॉक इंजन और बीएलडीसी मोटर का उपयोग किया गया है। इससे यह गाड़ी कम खर्च में ज्यादा दूरी तय कर सकती है और प्रदूषण भी कम होगा। इसका वजन भी सामान्य गाड़ी से कम है, जो इसको अधिक दूरी तक चलाने में कारगर है। विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह ढींढसा ने छात्रों की सराहना की और उन्होंने गाड़ी को चलाकर देखा। इस दौरान उनके साथ रजिस्ट्रार सुधांशु गुप्ता, प्राचार्य डॉ.जयप्रकाश एवं कॉलेज प्राचार्य डॉ.राजेश गार्गी भी उपस्थित रहे।
हाइब्रिड व्हीकल से पर्यावरण को बचाने में मिल सकती है मदद : प्रोफेसर ढींढसा
डॉ.ढींढसा ने कहा कि ऊर्जा की बढ़ती खपत, ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों विशेष रूप से पेट्रोलियम आधारित स्रोतों की कमी और तेल व गैस की बढ़ती कीमतों के कारण गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बेहतर विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाइब्रिड व्हीकल से पर्यावरण को बचाने में मदद मिल सकती है। जीवाश्म ईंधनों के बढ़ते उपयोग से गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं भी पैदा होती हैं। इस प्रकार ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत जैसे सौर, पवन, बायोमास, पानी, बिजली आदि पेट्रोलियम आधारित ऊर्जा स्रोतों का बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प प्रदान करने के लिए शोधकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड वाहन एक ऐसा वाहन है, जो चलाने के लिए दो या दो से अधिक भिन्न ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करता है। हाइब्रिड कारें आम तौर पर अपने पेट्रोल आधारित गाड़ी की तुलना में अधिक ईंधन- कुशल होती हैं, क्योंकि वे चलते समय अपनी पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मोटर के बीच स्विच कर सकती हैं। हाइब्रिड कार तैयार करने का मुख्य कारण पेट्रोल की बचत करना और उत्सर्जन को कम करने में मदद करना है। हाइब्रिड कारों में समय के साथ पैसा बचाने की क्षमता होती है, क्योंकि इसमें फ्यूल की खपत हो कम होती है, साथ ही इलेक्ट्रिक मोटर के इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिलती है।
विज्ञापन
इन्होंने किया मार्गदर्शन
इस गाड़ी का निर्माण मैकेनिकल विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार, सहायक प्रोफेसर इंजीनियर गंगा सिंह तथा लैब टेक्नीशियन चंद्रशेखर की देखरेख एवं मार्गदर्शन में किया गया।
विज्ञापन
सिरसा। ऐसे समय में जब पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं और लोग पारंपरिक ईंधन के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों का रूख कर रहे हैं। ऐसे में जेसीडी विद्यापीठ में स्थित जेसीडी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के छात्र संजीव कुमार, गर्व बद्रेचा, लविश कुमार एवं रवि कुमार ने अपनी कुशलता एवं रचनात्मकता के तालमेल से हाइब्रिड व्हीकल का निर्माण किया है।
तकनीक एवं सूझबूझ के बेजोड़ मेल पर आधारित इस गाड़ी की विशेषता यह है कि यह बिजली एवं पेट्रोल दोनों स्रोतों द्वारा चलाई जा सकती है। प्राचार्य डॉ. राजेश गार्गी ने बताया कि गाड़ी में टू स्ट्रॉक इंजन और बीएलडीसी मोटर का उपयोग किया गया है। इससे यह गाड़ी कम खर्च में ज्यादा दूरी तय कर सकती है और प्रदूषण भी कम होगा। इसका वजन भी सामान्य गाड़ी से कम है, जो इसको अधिक दूरी तक चलाने में कारगर है। विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह ढींढसा ने छात्रों की सराहना की और उन्होंने गाड़ी को चलाकर देखा। इस दौरान उनके साथ रजिस्ट्रार सुधांशु गुप्ता, प्राचार्य डॉ.जयप्रकाश एवं कॉलेज प्राचार्य डॉ.राजेश गार्गी भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
हाइब्रिड व्हीकल से पर्यावरण को बचाने में मिल सकती है मदद : प्रोफेसर ढींढसा
डॉ.ढींढसा ने कहा कि ऊर्जा की बढ़ती खपत, ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों विशेष रूप से पेट्रोलियम आधारित स्रोतों की कमी और तेल व गैस की बढ़ती कीमतों के कारण गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बेहतर विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाइब्रिड व्हीकल से पर्यावरण को बचाने में मदद मिल सकती है। जीवाश्म ईंधनों के बढ़ते उपयोग से गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं भी पैदा होती हैं। इस प्रकार ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत जैसे सौर, पवन, बायोमास, पानी, बिजली आदि पेट्रोलियम आधारित ऊर्जा स्रोतों का बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प प्रदान करने के लिए शोधकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड वाहन एक ऐसा वाहन है, जो चलाने के लिए दो या दो से अधिक भिन्न ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करता है। हाइब्रिड कारें आम तौर पर अपने पेट्रोल आधारित गाड़ी की तुलना में अधिक ईंधन- कुशल होती हैं, क्योंकि वे चलते समय अपनी पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मोटर के बीच स्विच कर सकती हैं। हाइब्रिड कार तैयार करने का मुख्य कारण पेट्रोल की बचत करना और उत्सर्जन को कम करने में मदद करना है। हाइब्रिड कारों में समय के साथ पैसा बचाने की क्षमता होती है, क्योंकि इसमें फ्यूल की खपत हो कम होती है, साथ ही इलेक्ट्रिक मोटर के इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिलती है।
विज्ञापन
इन्होंने किया मार्गदर्शन
इस गाड़ी का निर्माण मैकेनिकल विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार, सहायक प्रोफेसर इंजीनियर गंगा सिंह तथा लैब टेक्नीशियन चंद्रशेखर की देखरेख एवं मार्गदर्शन में किया गया।