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Sirsa News: किसानों को दी किन्नू, कपास और मिट्टी की जानकारी
Fri, 09 Feb 2024 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 09 Feb 2024 10:02 PM IST
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सिरसा। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के विशेषज्ञों ने गांव बकरियांवाली में स्थित स्वामी प्राकृतिक जैविक कृषि फार्म में किन्नू खेत दिवस मनाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को किन्नू, कपास और मिट्टी की जानकारी दी।
केवीके से बागवानी की जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत ने बताया कि किन्नू के पौधों की कटाई, छंटाई का आजकल उचित समय है। इसके बाद ही पौधों में निर्धारित मात्रा में गोबर और अन्य देसी खाद का प्रयोग करना चाहिए। डॉ. विनीता राजपूत ने किसानों को पौधों की कटिंग करते समय सावधानियों के बारे में बताया।
जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. सुनील बैनीवाल ने सरसों में लगने वाली बीमारियों के पहचान और बचाव की जानकारी देकर कपास की खेती भी सिखाई। केवीके कोऑर्डिनेटर डॉ. देवेंद्र जाखड़ ने मिट्टी के स्वास्थ्य और उसकी जांच करवाने के बारे में बताया।
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डाॅ. जाखड़ ने कहा कि गुलाबी सुंडी से बचाने के लिए कपास के अवशेषों का सही प्रबंधन जरूरी है। इस मौके पर युवा व्यवसायी केतन शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि विनोद कासनिया, किसान दारा सिंह, रोहतास, वेदप्रकाश, महावीर, आदराम, दिनेश, रामचंद्र, कालूराम आदि मौजूद रहे।
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केवीके से बागवानी की जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत ने बताया कि किन्नू के पौधों की कटाई, छंटाई का आजकल उचित समय है। इसके बाद ही पौधों में निर्धारित मात्रा में गोबर और अन्य देसी खाद का प्रयोग करना चाहिए। डॉ. विनीता राजपूत ने किसानों को पौधों की कटिंग करते समय सावधानियों के बारे में बताया।
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जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. सुनील बैनीवाल ने सरसों में लगने वाली बीमारियों के पहचान और बचाव की जानकारी देकर कपास की खेती भी सिखाई। केवीके कोऑर्डिनेटर डॉ. देवेंद्र जाखड़ ने मिट्टी के स्वास्थ्य और उसकी जांच करवाने के बारे में बताया।
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डाॅ. जाखड़ ने कहा कि गुलाबी सुंडी से बचाने के लिए कपास के अवशेषों का सही प्रबंधन जरूरी है। इस मौके पर युवा व्यवसायी केतन शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि विनोद कासनिया, किसान दारा सिंह, रोहतास, वेदप्रकाश, महावीर, आदराम, दिनेश, रामचंद्र, कालूराम आदि मौजूद रहे।