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ऑनलाइन सर्वे में घर को दिखा दिया कॉमर्शियल, अब रिकॉर्ड सही करवाने के लिए दो माह से दर-दर भटक रहा बुजुर्ग दंपती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 12:02 AM IST
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In the online survey, the house was shown commercially, now the elderly couple wandering from rate to rate for two months to get the records corrected
ईओ कार्यालय से बाहर निकलते बुजुर्ग। - फोटो : Sirsa
सिरसा। नगर परिषद की ओर से प्रॉपर्टी आईडी बनाने के लिए ऑनलाइन सर्वे करवाया गया। लेकिन सर्वे में लगे कर्मचारियों ने बिना वैरीफिकेशन किए घर को व्यवसायिक प्रतिष्ठान की श्रेणी में दर्ज कर दिया। अब रिकॉर्ड सही करवाने के लिए बुजुर्ग दंपती दो माह से नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है।
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शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सही आकलन करने के लिए नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर सर्वे करवाया गया। इसमें कर्मचारियों ने घर-घर जाकर सर्वे कर इसे रिकॉर्ड में दर्ज किया। लेकिन कहीं घर को व्यवसायिक भवन की श्रेणी में डाल दिया तो कहीं प्लाट के साइज में गड़बड़ कर दी। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब लोग रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने के लिए नप कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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बुजुर्ग दंपती ने की कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात, अधिकारी बोले: सोमवार को आना
शहर के गोबिंद नगर निवासी बुजुर्ग सतपाल ने बताया कि उनका घर है लेकिन हाउस टैक्स रिकार्ड के ऑनलाइन रिकॉर्ड में सर्वे के दौरान जायदाद का रकबा कॉमर्शियल दर्ज किया गया है। जबकि जायदाद रिहायशी है और रिहायश के तौर पर ही इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर वे दो माह से चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई अधिकारी ना तो मिलता है और ना ही उनकी समस्या सुनता है। इस पर परेशान हुए बुजुर्ग ने कहा है लगता है, वोट देकर ही गलती कर दी। इसके बाद वे नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी से मिले, तो उन्होंने समस्या सुनकर सोमवार को आने के लिए कहा। पीड़ित सतपाल ने बताया कि वह चाहते हैं कि पूरा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वे समय पर भर दें, लेकिन इस समस्या के कारण काम नहीं हो पा रहा है।
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प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर एक बुजुर्ग दंपती आए थे। उनकी समस्या सुन ली गई है और जल्द ही समाधान भी करवा देंगे।
- संदीप सोलंकी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
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