दो आइस फैक्ट्रियों के सैंपल हुए फेल, बर्फ बनाने में प्रदूषित पानी का किया जा रहा था उपयोग
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शहर की आइस फैक्ट्रियां लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। बर्फ बनाने के लिए प्रदूषित पानी का उपयोग किया जा रहा है। इसके सेवन से पीलिया, डायरिया, उल्टी, दस्त और टाइफाइड जैसी घातक बीमारियों होने का खतरा बढ़ जाता है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर की जिन आइस फैक्ट्री से सैंपल लिए सोमवार को उनकी रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में बर्फ के सैंपल फेल पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास स्थित नामधारी आईस फैक्ट्री और डबवाली रोड स्थित जईया आईस फैक्ट्री में बर्फ उत्पादन तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है और नोटिस जारी करके दो दिन में जवाब मांगा है। शहर में सैकड़ों की संख्या में रेहड़ी वाले आईसक्रीम, जूस, लस्सी व अन्य पेय पदार्थ बेचते हैं, लेकिन इन पेय पदार्थों में तभी बरकत होती है जब इसमें बर्फ मिलाई जाती है। बगैर बर्फ के तो शायद ही पूरे शहर में आपको पेय पदार्थ नसीब होगा।
आम लोग भी बगैर बर्फ के पेय पदार्थ लेना नहीं पसंद करते। लिहाजा गले को तर करने के लिए पेय पदार्थ में आइस मिलाना समय और लोगों की डिमांड है। इन पेय पदार्थ को पीने के बाद आप बुरी तरह से बीमार पड़ सकते हैं। आपके गले में सूजन आ सकती है। टॉनसिल में सूजन से दर्द, खाने-पीने में तकलीफ और यहां तक की बुखार भी हो सकता है। दूषित बर्फ शरीर के अंदर जाने सेट डायरिया और पेट में सूजन पैदा कर सकती है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो इसलिए लिए कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉक्टर वीरेश भूषण ने अधिकारियों के साथ बैठक करके जिलेभर में आइस फैक्ट्रियों में छापेमारी करके सैंपल लेने का फैसला किया। इसी के तहत जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर दीप और फूड सेफ्टी ऑफिसर बृजलाल ने 20 अप्रैल को पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास स्थित नामधारी आइस फैक्ट्री में छापेमारी करके वर्फ के सैंपल लिए। 21 अप्रैल को उक्त टीन ने डबवाली रोड स्थित जईया आइस फैक्ट्री में दबिश देकर बर्फ के सैंपल लेकर जांच हेतु लैब में भेज दिए। सोमवार को जांच रिपोर्ट में बर्फ के सैंपल फेल पाए गए। रिपोर्ट में पाया गया क िउक्त आइस फैक्ट्रियों में बर्फ बनाने के लिए प्रदूषित जल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके सेवन से पीलिया, डायरिया, उल्टी, दस्त और टाइफाइड जैसी घातक बीमारी हो सकती है।
लाखों टन बर्फ की हो रही सप्लाई
शुद्ध किए बगैर पानी से बनाई गई बर्फ उपयोग के लिए नहीं होती है, लेकिन प्रदूषित पानी से फैक्टरियों में बनाई जाने वाली बर्फ पेय पदार्थों में उपयोग करने के लिए बेची जा रही है। यहां प्रतिदिन गन्ना रस दुकान संचालक बर्फ के गोले,मिक्चर रस और अन्य काम में बड़े पैमाने पर बर्फ की खरीदी कर रहे हैं, जो लोगों को पेय पदार्थों में मिलाकर दी जा रही है। शहर में हररोज लाखों टन बर्फ की सप्लाई होती है।
संतोषजनक जवाब न मिला तो करेंगे सील
नामधारी और जईया आइस फैक्ट्री के सैंपल फेल पाए गए हैं। दोनों फैक्ट्री मालिकों को नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर आइस फैक्ट्रियों को सील कर दिया जाएगा। फिलहाल सैंपल फेल होते ही तुरंत प्रभाव से उत्पादन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन फैक्ट्रियों में दूषित पानी से बर्फ बनाई जा रही थी जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिलेभर में आइस फैक्ट्रियों के सैंपल ले रही है।
-डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन, सिरसा।