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बिना आहार नौनिहाल कैसे बचेंगे कुपोषण से
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सिरसा। सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समय-समय पर गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने व बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए अभियान चलाए जाते हैं।
वहीं विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण युक्त आहार भी मुहैया करवाया जाता है। लेकिन शहर के किसी भी केंद्र पर दो माह से विभाग द्वारा राशन ही मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें पीछे से ही राशन मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। जिसके कारण न ही बच्चों को और न ही गर्भवती महिलाओं का पोषण आहार मिल रहा है।
कुपोषण मिटाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम जतन नाकाफी साबित हो रहे हैं। पिछले माह जिला प्रशासन द्वारा पोषण माह भी मनाया गया। लेकिन इसके बावजूद बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार वितरित नहीं किया जा रहा है। छोटे बच्चों को पोषण आहार के पैकेट का भी वितरण किया जाता है। इन पैकेटों में पोषक तत्व युक्त खिचड़ी, दलिया व दूध होता है। जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। पिछले दो महीने से क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ये पोषण आहार के पैकेट नहीं पहुंचे है। इस कारण कार्यकर्ता बच्चों को पोषण आहार के पैकेट उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
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सूखा राशन करती है वितरित
कोरोना माहमारी से पूर्व आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बच्चों को भोजन बनाकर खिलाया जाता था। जिसमें पौष्टिक तत्वों की मात्रा होती थी। लेकिन कोरोना के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए। जिसके दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के घर-घर जाकर सूखा राशन वितरित किया जाने लगा। लेकिन पिछले दो माह से सूखा राशन भी वितरित नहीं किया जा रहा है।
गर्भवती महिलाओं के लिए दी जाती है स्पेशल पंजीरी
गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार देने के लिए महिला एवं बाल विभाग की तरफ से स्पेशल पंजीरी दी जाती है। जिसमें पौष्टिक आहार युक्त चीजों का मिश्रण सम्मलित होता है। लेकिन विभाग द्वारा दो महीने से यह पंजीरी भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन के नाम पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध
जिले के अधिकतम आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन के नाम पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध है। विभाग द्वारा पोषण आहार के राशन में गेहूं, चीनी, घी, चावल, फ्लेवर्ड दूध वितरित किया जाता है। लेकिन इस समय आंगनबाड़ी केंद्रों पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध है। वो भी बाकी चीजों के अभाव में वितरित नहीं किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना विभाग मुहैया नहीं करवा रहा राशन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए सूखा राशन वितरण करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा ही उन्हें सूखा राशन मुहैया करवाया जाता है। विभाग ही राशन नहीं दे रहा तो इसमें कार्यकर्ता कुछ भी नहीं कर सकती है।
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मैं कुछ नहीं बता सकती।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास सिरसा।
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वहीं विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण युक्त आहार भी मुहैया करवाया जाता है। लेकिन शहर के किसी भी केंद्र पर दो माह से विभाग द्वारा राशन ही मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें पीछे से ही राशन मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। जिसके कारण न ही बच्चों को और न ही गर्भवती महिलाओं का पोषण आहार मिल रहा है।
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कुपोषण मिटाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम जतन नाकाफी साबित हो रहे हैं। पिछले माह जिला प्रशासन द्वारा पोषण माह भी मनाया गया। लेकिन इसके बावजूद बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार वितरित नहीं किया जा रहा है। छोटे बच्चों को पोषण आहार के पैकेट का भी वितरण किया जाता है। इन पैकेटों में पोषक तत्व युक्त खिचड़ी, दलिया व दूध होता है। जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। पिछले दो महीने से क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ये पोषण आहार के पैकेट नहीं पहुंचे है। इस कारण कार्यकर्ता बच्चों को पोषण आहार के पैकेट उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
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सूखा राशन करती है वितरित
कोरोना माहमारी से पूर्व आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बच्चों को भोजन बनाकर खिलाया जाता था। जिसमें पौष्टिक तत्वों की मात्रा होती थी। लेकिन कोरोना के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद हो गए। जिसके दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के घर-घर जाकर सूखा राशन वितरित किया जाने लगा। लेकिन पिछले दो माह से सूखा राशन भी वितरित नहीं किया जा रहा है।
गर्भवती महिलाओं के लिए दी जाती है स्पेशल पंजीरी
गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार देने के लिए महिला एवं बाल विभाग की तरफ से स्पेशल पंजीरी दी जाती है। जिसमें पौष्टिक आहार युक्त चीजों का मिश्रण सम्मलित होता है। लेकिन विभाग द्वारा दो महीने से यह पंजीरी भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन के नाम पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध
जिले के अधिकतम आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन के नाम पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध है। विभाग द्वारा पोषण आहार के राशन में गेहूं, चीनी, घी, चावल, फ्लेवर्ड दूध वितरित किया जाता है। लेकिन इस समय आंगनबाड़ी केंद्रों पर सिर्फ चीनी ही उपलब्ध है। वो भी बाकी चीजों के अभाव में वितरित नहीं किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना विभाग मुहैया नहीं करवा रहा राशन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए सूखा राशन वितरण करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि विभाग द्वारा ही उन्हें सूखा राशन मुहैया करवाया जाता है। विभाग ही राशन नहीं दे रहा तो इसमें कार्यकर्ता कुछ भी नहीं कर सकती है।
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मैं कुछ नहीं बता सकती।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास सिरसा।