फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Hooda, who had described Rajya Sabha as the house of wedding horses, sent his son to it: Digvijay

राज्यसभा को बरात के घोड़ों का सदन बता चुके हुड्डा ने अपने बेटे को इसी में भेजा : दिग्विजय

Sun, 07 Jul 2024 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 07 Jul 2024 10:45 PM IST
विज्ञापन
Hooda, who had described Rajya Sabha as the house of wedding horses, sent his son to it: Digvijay
सिरसा। दिग्विजय चौटाला ने राज्यसभा की सीट को लेकर भूपेंद्र हुड्डा को नसीहत देते हुए कहा है कि वे अपने परिवार के बारे में सोचें, न कि हमारे बारे में। उक्त बयान उस समय आया है जब नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दीपेंद्र के लोकसभा में चुने जाने पर खाली हुई राज्यसभा की सीट पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत के भाई जजपा के पूर्व प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला को खड़ा करने के प्रस्ताव पर आया है।
विज्ञापन

दिग्विजय ने कहा कि दीपेंद्र के सांसद चुना जाने पर खाली की गई राज्यसभा सीट पर भूपेंद्र हुड्डा को अपनी पत्नी आशा या फिर अपनी पुत्रवधू को चुनाव में उतारना चाहिए। राज्यसभा की इस सीट पर तो भूपेंद्र हुड्डा अपने परिवार का हक समझते हैं और इसीलिए उन्होंने कुमारी सैलजा की सीट छीनकर दीपेंद्र को दिलवाई थी। उन्होंने खुद को उम्मीदवार बनाए जाने की पेशकश पर भूपेंद्र हुड्डा का धन्यवाद जताया, साथ ही कहा कि हुड्डा को राजनीतिक चालबाजी करने के बजाय विपक्ष के नेता होने के नाते राज्यसभा चुनाव से पीठ दिखाकर भागना नहीं चाहिए। यह आश्चर्यजनक है कि सैलजा से राज्यसभा सीट छीनकर दीपेंद्र को देने वाले हुड्डा मुझ पर इतनी मेहरबानी कैसे दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सोच परिवारवाद से आगे नहीं है।
विज्ञापन

दिग्विजय ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को जनता द्वारा नकारने पर भूपेंद्र हुड्डा ने उनको 2020 में पिछले दरवाजे से राज्यसभा में भेजा था। उन्होंने तंज कसते हुए याद दिलाया कि राज्यसभा में 2014 में कुमारी सैलजा के जाने पर भूपेंद्र हुड्डा ने इसे बरात के घोड़ों का सदन बताया था और अपने बेटे की लोकसभा चुनाव में जीत पर उसे जंग का घोड़ा बताया था। लेकिन 6 साल बाद परिस्थितियां ऐसी बनी कि उन्हें कुमारी सैलजा का कार्यकाल खत्म होने पर उसी राज्यसभा में अपने बेटे दीपेंद्र को भेजना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दिग्विजय ने कहा कि अभी पिछले दरवाजे से राजनीति करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। जब भी अवसर मिलेगा, वे पार्टी के निर्देश पर जनता के समक्ष जाएंगे और जनता ही फैसला करेगी कि उन्हें किस समय क्या जिम्मेदारी देनी है। फिलहाल संगठन को फिर से खड़ा करना उनकी प्राथमिकता है।


उन्होंने कहा कि दूसरों का हक छीनकर अपने तक सीमित रखने वाले भूपेंद्र हुड्डा का प्रस्ताव भी मुझे संदिग्ध नजर आता है। राज्यसभा चुनावों में भूपेन्द्र हुड्डा का खेल किसी से छिपा नहीं है। वे एक बार बीजेपी से सेटिंग कर अपने बेटे को बिना मतदान राज्यसभा भेज चुके हैं और दो बार कांग्रेस हाइकमान के भेजे उम्मीदवार को राज्यसभा में हरवा चुके हैं। इस बार फिर भूपेंद्र हुड्डा ने यह सीट बीजेपी को गिफ्ट करने की योजना बना ली है और पूरा खेल धीरे-धीरे जनता के सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी शिक्षा, खेल जगत तथा किसी सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार या फिर किसी बड़े किसान नेता को राज्यसभा की टिकट देते है तो जेजेपी समर्थन को तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed