फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   hindi story, exam, cdlu examinatin, sirsa

शाब्दिक त्रुटियों से भरा हिंदी का प्रश्न पत्र

Fri, 20 May 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा।
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा। Updated Fri, 20 May 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
hindi story, exam, cdlu examinatin, sirsa
लिखित परीक्षा
सीडीएलयू द्वारा ली जा रही वार्षिक परीक्षाओं में राष्ट्रीय भाषा हिंदी की एमए प्रथम वर्ष की परीक्षाओं में भयंकर गलतियां देखने को मिली हैं। परीक्षा दौरान परीक्षार्थियों को जो प्रश्न थमाए गए थे उसे देखकर विद्यार्थी अपना माथा ही पकड़कर बैठ गए। हालांकि अब परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं, लेकिन पेपर सेंटर तथा प्रश्न पत्र टाइप करने वाले की गलती से जो दर्द परीक्षार्थियों को मिला है, उसकी चोट परिणाम आने तक उन्हें सालती रहेगी।
विज्ञापन

 
परीक्षा दे रहे अनेक विद्यार्थियों ने को बताया कि हिंदी विषय के पेपर हिंदी साहित्य का इतिहास में जहां एक-एक नंबर के प्रश्नों में 12 नंबर के प्रश्न के उत्तर के अनुसार प्रश्न पूछे गए तो वहीं कर्मभूमि उपन्यास में 12 नंबर के प्रश्न में दो प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के पूछे गए। इतना ही नहीं आधुनिक हिंदी काव्य में तो शाब्दिक व व्याकरण की गलतियां ही इतनी अधिक थी पूरी परीक्षा के दौरान उन्हें कम से कम आधा घंटा तो प्रश्न को समझने में ही लग गया, जिस कारण वे अपनी तैयारियों के अनुसार परीक्षा में अपने उत्तर नहीं लिख पाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दो मई को हिंदी साहित्य का इतिहास विषय की परीक्षा हुई थी।
विज्ञापन


उसमें एक-एक नंबर के प्रश्नों के खंड में समकालीन कविता के कवियों के बारे में बताइये, कहानी के विभिन्न आंदोलन बताइये जैसे प्रश्न पूछे गए। पहले प्रश्न के तहत 22 कवि आते हैं और एक नंबर के लिए सभी के नाम लिखना कहां वाजिब है। इसी प्रकार दूसरे प्रश्न के उत्तर के तहत नौ आंदोलन हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई को हुए कर्मभूमि उपन्यास की परीक्षा में भी दो प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के थे। उन्होंने बताया कि 12 नंबर के प्रश्न में कुल छह प्रश्न होते हैं, जिनमें तीन खंडों से दो-दो प्रश्न आते हैं और उनमें से कोई तीन करने होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रश्नों के इस खंड में कर्मभूमि उपन्यास से जो दो प्रश्न पूछे गए वे दोनों ही सिलेबस से बाहर के थे। ऐसे में उनकी पास प्रतिशतता निम्न रह जाएगी। वहीं, 11 मई को आधुनिक हिंदी काव्य का जो पेपर हुई, इसमें बेहद शाब्दिक व व्याकरण की गलतियां थीं। उदाहरण स्वरूप लगभग सभी प्रश्नों में कविता की जगह काव्य लिखा हुआ था और कामाध्यात्म को कामाध्यात्मक लिखा हुआ था। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है और इसी परीक्षा में ऐसी त्रुटियां न तो विश्विद्यालय प्रशासन को शोभा देता है और न ही पेपर सेंटर या टाइप करने वाली कंपनी को।


 इस संबंध में यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर ने बताया कि यदि कोई शिकायत आई है तो वे इसे कमेटी के समक्ष रखेंगे जो प्रश्न पत्रों की समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोई भी शिकायत परीक्षा होने के एक हफ्ते के अंदर-अंदर करनी होती है, यदि शिकायत होगी तो वे इस पर संज्ञान लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed