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Sirsa News: जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती, हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी श्रीसालासर धम
Tue, 23 Apr 2024 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 23 Apr 2024 11:03 PM IST
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श्रीसालासर धाम मंदिर में हनुमान जयंती के मौके पर महाआरती करते श्रद्धालु।
सिरसा। जिलेभर में मंगलवार को हनुमान जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। शहर के टाउन पार्क स्थित श्रीसालासर धाम मंदिर में हनुमान जयंती का मुख्य कार्यक्रम हुआ। जिसमें जिले के साथ राजस्थान व पंजाब के श्रद्धालुओं ने भी हनुमान महोत्सव में हिस्सा लिया। मंदिर में सुबह से लेकर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा।जिले के सभी हनुमान मंदिरों में सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गए। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
इस अवसर पर मंदिर को भव्य ढंग से सजाया गया था। ग्रामीण आंचल से पैदल आकर श्रद्धालुओं ने बाबा को माथा टेका। मुख्य कार्यक्रम सालासर धाम मंदिर में हुआ। दिनभर श्रद्धालुओं ने शहर को बाबा के जयकारों से गुंजायमान किया। मंदिर को फूलों से सजाया गया। लोगों ने बाबा के समक्ष माथा टेक कर प्रसाद चढ़ाया। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कमेटी द्वारा लगाया गया लंगर दिन भर चलता रहा जिसमें श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण किया। मंदिर में सेवादारों ने बढ़चढ़ कर सेवा में भाग लिया। इस समारोह के आयोजन के लिए एक सप्ताह पूर्व ही तैयारियों शुरू कर दी गई थी। पुलिस द्वारा भीड़ व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष तौर पर ड्यूटी दी गई। हनुमान जयंती को लेकर आज रात भर कार्यक्रम जारी रहेगा। इसी प्रकार शहर के 33 केवी बिजली धर प्राचीन हनुमान मंदिर,गोशाला रोड हनुमान मंदिर, नोहरिया बाजार स्थित श्री इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माथा टेका।
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हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है
पुजारी पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि हनुमान जी का जन्म चौत्र माह के पूर्णिमा को हुआ था। इस दिन देशभर में महाबली हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है। एक बार हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव के तौर पर मनाई जाती है, जबकि दूसरी बार हनुमान जयंती विजय अभिनंदन समारोह के तौर पर मनाई जाती है। हनुमान जी दयालु हैं। मान्यता है कि हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से और व्रत रखने से हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
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जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान हैं हनुमान
चैत्र माह की पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार यानि श्री हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान की पूजा करने से दो गुना फल मिलेगा। साथ ही हनुमान जी की उपासना करने से व्यक्ति को हर प्रकार के भय से मुक्ति दिलाकर सुरक्षा प्रदान करती है और हर प्रकार के सुख-साधनों से फलीभूत करती है। हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाले भगवान हैं। इनकी पूजा विधि विधान करने से भगवान खुश होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
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हनुमंत फाउंडेशन ने भी मनाई हनुमान जयंती
जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध संस्था श्री हनुमंत फाउंडेशन द्वारा श्री हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्य परियोजना संयोजक सुमन मित्तल ने बताया कि हनुमान जी की कृपा से गठित संस्था उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए उन्हीं के आशीर्वाद से पिछले 26 वर्षों से मानवता की सेवा में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि लंका जाने के लिए सागर लांघते समय मैनाक पर्वत का हनुमान जी से विश्राम के लिए आग्रह पर उनका मना करना हमारे लिए संकेत है कि अपने लक्ष्य प्राप्ति तक हमें बिना रुके मेहनत व प्रयास करते रहना चाहिए। हनुमान के जीवन से हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि असंभव लगने वाला काम भी बिना चिंता या निराशा के निष्ठा, तन्मयता, लगन व साहस से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। पंडित पुरुषोत्तम शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक पूजा आरती करवाई। इस मौके पर संरक्षक एमपी गर्ग, डाॅ. राज कुमार गुप्ता, डाॅ. पूनम असीजा, डाॅ. मोनिका अरोड़ा, मनमोहन धींगड़ा, संतोष, राजेश भाटी, तरुण मौजूद रहे।
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इस अवसर पर मंदिर को भव्य ढंग से सजाया गया था। ग्रामीण आंचल से पैदल आकर श्रद्धालुओं ने बाबा को माथा टेका। मुख्य कार्यक्रम सालासर धाम मंदिर में हुआ। दिनभर श्रद्धालुओं ने शहर को बाबा के जयकारों से गुंजायमान किया। मंदिर को फूलों से सजाया गया। लोगों ने बाबा के समक्ष माथा टेक कर प्रसाद चढ़ाया। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कमेटी द्वारा लगाया गया लंगर दिन भर चलता रहा जिसमें श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण किया। मंदिर में सेवादारों ने बढ़चढ़ कर सेवा में भाग लिया। इस समारोह के आयोजन के लिए एक सप्ताह पूर्व ही तैयारियों शुरू कर दी गई थी। पुलिस द्वारा भीड़ व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष तौर पर ड्यूटी दी गई। हनुमान जयंती को लेकर आज रात भर कार्यक्रम जारी रहेगा। इसी प्रकार शहर के 33 केवी बिजली धर प्राचीन हनुमान मंदिर,गोशाला रोड हनुमान मंदिर, नोहरिया बाजार स्थित श्री इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माथा टेका।
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हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है
पुजारी पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि हनुमान जी का जन्म चौत्र माह के पूर्णिमा को हुआ था। इस दिन देशभर में महाबली हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है। एक बार हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव के तौर पर मनाई जाती है, जबकि दूसरी बार हनुमान जयंती विजय अभिनंदन समारोह के तौर पर मनाई जाती है। हनुमान जी दयालु हैं। मान्यता है कि हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से और व्रत रखने से हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं और हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
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जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान हैं हनुमान
चैत्र माह की पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार यानि श्री हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान की पूजा करने से दो गुना फल मिलेगा। साथ ही हनुमान जी की उपासना करने से व्यक्ति को हर प्रकार के भय से मुक्ति दिलाकर सुरक्षा प्रदान करती है और हर प्रकार के सुख-साधनों से फलीभूत करती है। हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाले भगवान हैं। इनकी पूजा विधि विधान करने से भगवान खुश होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
हनुमंत फाउंडेशन ने भी मनाई हनुमान जयंती
जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध संस्था श्री हनुमंत फाउंडेशन द्वारा श्री हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्य परियोजना संयोजक सुमन मित्तल ने बताया कि हनुमान जी की कृपा से गठित संस्था उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए उन्हीं के आशीर्वाद से पिछले 26 वर्षों से मानवता की सेवा में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि लंका जाने के लिए सागर लांघते समय मैनाक पर्वत का हनुमान जी से विश्राम के लिए आग्रह पर उनका मना करना हमारे लिए संकेत है कि अपने लक्ष्य प्राप्ति तक हमें बिना रुके मेहनत व प्रयास करते रहना चाहिए। हनुमान के जीवन से हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि असंभव लगने वाला काम भी बिना चिंता या निराशा के निष्ठा, तन्मयता, लगन व साहस से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। पंडित पुरुषोत्तम शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक पूजा आरती करवाई। इस मौके पर संरक्षक एमपी गर्ग, डाॅ. राज कुमार गुप्ता, डाॅ. पूनम असीजा, डाॅ. मोनिका अरोड़ा, मनमोहन धींगड़ा, संतोष, राजेश भाटी, तरुण मौजूद रहे।