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जिले में हैफेड ने 22908 मीट्रिक टन धान खरीदा, अभी तक नहीं पहुंचे किसानों के खाते में पैसे
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अनाज मंडी में धान की सफाई करते मजदूर। फाइल फोटो
- फोटो : Sirsa
जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हैफेड ने जिले में अब तक 22908.5 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली है। लेकिन पोर्टल में समस्या होने के कारण अभी तक एक भी किसान के खाते में पैसे नहीं पहुंचे हैं। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दि आढ़तियान एसोसिएशन भी इस बात को लेकर सरकार और हैफेड पर नाराजगी जाहिर कर रहा है।
धान की खरीद शुरू होते ही किसानों ने अपने टोकन कटवाने शुरू कर दिए थे। जिस पर टोकन कटने वाले किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आने लगे। किसान को आश्वासन दिया गया कि उनकी फसल खरीद के सात दिन बाद उनके खाते में पैसे पहुंचा दिए जाएंगे। लेकिन आज किसानों की फसल खरीद शुरू हुए 19 दिन हो गए हैं। इस दौरान जिले की मंडियों में 22908.5 मीट्रिक टन धान पहुंच गया है। लेकिन इसकी पेमेंट अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची है। क्योंकि किसानों के खातों में पैसे डालने वाला पोर्टल ही अभी तक बंद पड़ा है। जिससे किसानों में रोष भी है और परेशानी भी। क्योंकि किसानों का कहना है कि जब उन्होंने सरकार को अपनी फसल बेच दी तो उसकी राशि उन्हें मिलनी चाहिए, जिससे किसान अपने काम कर सके। लेकिन समय पर पैसे न आने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दि आढ़तियान एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि सरकार बैंकों और आढ़तियों के साथ मिलकर किसानों को ठगने का काम कर रही है। सरकार को मार्केट कमेटी में बैठे अपने अधिकारियों पर ही भरोसा नहीं है तो किसान किस पर भरोसा करें। क्योंकि इनका एक दिन पोर्टल बंद होता है तो एक दिन चलता है।
इन मंडियों में हुई इतनी खरीद
शनिवार तक जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 22908.5 मीट्रिक टन धान व 1418.05 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की जा चुकी है। अबूबशहर मंडी में धान की 282 मीट्रिक टन खरीद, डबवाली मंडी में 5388 मीट्रिक टन, दड़बी मंडी में 2045 मीट्रिक टन, देसूजोधा मंडी में 43 मीट्रिक टन, डिंग मंडी में 141 मीट्रिक टन, ऐलनाबाद मंडी में 478 मीट्रिक टन, कालांवाली मंडी में 3301 मीट्रिक टन, लोहगढ़ मंडी में 559 मीट्रिक टन, मौजगढ़ मंडी में 112 मीट्रिक टन, रानियां मंडी में 2196 मीट्रिक टन, रोड़ी मंडी में 2059 मीट्रिक टन, सिरसा मंडी में 5381.5 मीट्रिक टन, सुरतिया में 737 मीट्रिक टन तथा थिराज में 186 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। जिला में बाजरा की खरीद भी खरीद केंद्रों पर सुचारु रुप से जारी है। नाथूसरी चोपटा खरीद केंद्र पर 404 मीट्रिक टन, रानियां खरीद केंद्र में 115 मीट्रिक टन, रोड़ी खरीद केंद्र पर 62 मीट्रिक टन, गोरीवाला खरीद केंद्र पर 79 मीट्रिक टन, सिरसा खरीद केंद्र में 495.2 मीट्रिक टन तथा ऐलनाबाद खरीद केंद्र में 226.85 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की है।
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सीसीआई ने दो लाख 38 हजार 333 क्विंटल नरमा खरीदा
जिले में सीसीआई ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक दो लाख 38 हजार 333 क्विंटल नरमे की खरीद कर ली है। वहीं सीसीआई किसानों के सातवें दिन खातों में पैसे डाल रही है। सीसीआई में अपनी फसल बेचने आने वाले किसानों की संख्या बढ़ने के बाद किसानों को आगे दो से तीन दिन का समय दिया जा रहा है।
कोट
पोर्टल बंद होने के कारण अभी तक जितने भी किसानों से धान की फसल खरीदी गई है। उनमें किसी भी किसान के खाते में पैसे नहीं भेजे गए हैं। रविवार को पोर्टल सही हो गया है, जिससे करीब दो से तीन दिन में किसानों को पैसे भेज दिए जाएंगे।
-अमित कुमार, डीएम, हैफेड।
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धान की खरीद शुरू होते ही किसानों ने अपने टोकन कटवाने शुरू कर दिए थे। जिस पर टोकन कटने वाले किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आने लगे। किसान को आश्वासन दिया गया कि उनकी फसल खरीद के सात दिन बाद उनके खाते में पैसे पहुंचा दिए जाएंगे। लेकिन आज किसानों की फसल खरीद शुरू हुए 19 दिन हो गए हैं। इस दौरान जिले की मंडियों में 22908.5 मीट्रिक टन धान पहुंच गया है। लेकिन इसकी पेमेंट अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची है। क्योंकि किसानों के खातों में पैसे डालने वाला पोर्टल ही अभी तक बंद पड़ा है। जिससे किसानों में रोष भी है और परेशानी भी। क्योंकि किसानों का कहना है कि जब उन्होंने सरकार को अपनी फसल बेच दी तो उसकी राशि उन्हें मिलनी चाहिए, जिससे किसान अपने काम कर सके। लेकिन समय पर पैसे न आने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दि आढ़तियान एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि सरकार बैंकों और आढ़तियों के साथ मिलकर किसानों को ठगने का काम कर रही है। सरकार को मार्केट कमेटी में बैठे अपने अधिकारियों पर ही भरोसा नहीं है तो किसान किस पर भरोसा करें। क्योंकि इनका एक दिन पोर्टल बंद होता है तो एक दिन चलता है।
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इन मंडियों में हुई इतनी खरीद
शनिवार तक जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 22908.5 मीट्रिक टन धान व 1418.05 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की जा चुकी है। अबूबशहर मंडी में धान की 282 मीट्रिक टन खरीद, डबवाली मंडी में 5388 मीट्रिक टन, दड़बी मंडी में 2045 मीट्रिक टन, देसूजोधा मंडी में 43 मीट्रिक टन, डिंग मंडी में 141 मीट्रिक टन, ऐलनाबाद मंडी में 478 मीट्रिक टन, कालांवाली मंडी में 3301 मीट्रिक टन, लोहगढ़ मंडी में 559 मीट्रिक टन, मौजगढ़ मंडी में 112 मीट्रिक टन, रानियां मंडी में 2196 मीट्रिक टन, रोड़ी मंडी में 2059 मीट्रिक टन, सिरसा मंडी में 5381.5 मीट्रिक टन, सुरतिया में 737 मीट्रिक टन तथा थिराज में 186 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। जिला में बाजरा की खरीद भी खरीद केंद्रों पर सुचारु रुप से जारी है। नाथूसरी चोपटा खरीद केंद्र पर 404 मीट्रिक टन, रानियां खरीद केंद्र में 115 मीट्रिक टन, रोड़ी खरीद केंद्र पर 62 मीट्रिक टन, गोरीवाला खरीद केंद्र पर 79 मीट्रिक टन, सिरसा खरीद केंद्र में 495.2 मीट्रिक टन तथा ऐलनाबाद खरीद केंद्र में 226.85 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की है।
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सीसीआई ने दो लाख 38 हजार 333 क्विंटल नरमा खरीदा
जिले में सीसीआई ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक दो लाख 38 हजार 333 क्विंटल नरमे की खरीद कर ली है। वहीं सीसीआई किसानों के सातवें दिन खातों में पैसे डाल रही है। सीसीआई में अपनी फसल बेचने आने वाले किसानों की संख्या बढ़ने के बाद किसानों को आगे दो से तीन दिन का समय दिया जा रहा है।
कोट
पोर्टल बंद होने के कारण अभी तक जितने भी किसानों से धान की फसल खरीदी गई है। उनमें किसी भी किसान के खाते में पैसे नहीं भेजे गए हैं। रविवार को पोर्टल सही हो गया है, जिससे करीब दो से तीन दिन में किसानों को पैसे भेज दिए जाएंगे।
-अमित कुमार, डीएम, हैफेड।