सिरसा। प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में गेस्ट टीचर्स ने सिरसा जिले के सभी विधायकों को खून से पत्र लिख मांगे पूरी करवाने की आवाज उठाई। गेस्ट टीचरों ने चार विधायकों के आवास पर पहुंचकर कार्यालय में मांग पत्र सौंपा। वहीं एक विधायक को खून से लिखा पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता तो वह इसके बाद जोरदार प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।
शनिवार को शहर के टाउन पार्क में सभी गेस्ट टीचर एकत्र हुए। इसके बाद खून से पत्र लिखकर रानियां के विधायक चौधरी रणजीत सिंह, ऐलनाबाद विधायक अभय सिंह चौटाला, कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला, सिरसा विधायक गोपाल कांडा के कार्यालयों में सौंपा। वहीं डबवाली विधायक अमित सिहाग के दिल्ली में होने के चलते उन्हें व्हाट्सएप पर ज्ञापन भेजा। गेस्ट टीचरों ने कहा कि सरकार की बार-बार की वादाखिलाफी के प्रति भारी रोष है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ गेस्ट टीचर संघर्ष समिति की बैठक 8 सितंबर को चंडीगढ़ में हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने गेस्ट टीचर को 30 अक्तूबर तक बेसिक वेतन, कैश लेस मेडिकल देने का कहा था, लेकिन आज तक इसका पत्र जारी नहीं हुआ। इसी के चलते 11 व 12 दिसंबर 2021 को पूरे हरियाणा के पक्ष व विपक्ष के सभी विधायकों को खून से लिखित ज्ञापन देने का निर्णय लिया। उसके बाद 19 दिसंबर 2021 को यमुनानगर में सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला फूंका जाएगा। वहीं संघर्ष समिति की राज्य प्रधान मैना यादव ने कहा कि सरकार समय रहते एक्ट में संशोधन करते हुए गेस्ट टीचर को नियमित करे नहीं तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस अवसर पर राधा कृष्ण झोरड़, हरदीप गिल, सुभाष खटाना, ज्योति भाटिया, पूजा वर्मा, पिंकी रानी, वंदना, गुरविंद्र कौर, रंजीत कौर आदि उपस्थित रहे।

खून से मांग पत्र लिखते गेस्ट टीचर ।- फोटो : Sirsa