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वर्तमान कमेटी को तुरंत भंग कर नई कमेटी का गठन करे सरकार : नलवी
Fri, 10 Feb 2023 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 10 Feb 2023 11:36 PM IST
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प्रबंधक कमेटी के सदस्य पत्रकारों को संबोधित करते हुए। संवाद
सिरसा। हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरेआम अवहेलना कर रही है। सरकार द्वारा गठित हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गैरकानूनी तरीके से बनाई गई है। सरकार को इस कमेटी को भंग कर तुरंत प्रभाव से नई कमेटी का गठन करना चाहिए। अगर सरकार ने नई कमेटी का गठन नहीं किया तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उक्त बातें हरियाणा सिख समाज के प्रधान व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य दीदार सिंह नलवी ने रानियां रोड स्थित गुरद्वारा चिल्ला साहिब में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कही।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर माह में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में फैसला दिया था। 22 सालों की लड़ाई के बाद हरियाणा सरकार ने एक 38 सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जोकि बिना सिख समाज से सलाह मशविरा किए बना दी गई। उन्होंने कहा कि उक्त कमेटी के चुनाव का एजेंडा विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके कुछ शर्तें भी रखी गई थी। शर्तों के मुताबिक कमेटी का प्रधान किसी महंत को नहीं बनाया जा सकता। इसका सदस्य वही व्यक्ति बन सकता है, जो अमृतधारी सिख हो, किसी प्रकार का नशा न करता हो और वह पंजाबी गुरुमखी का अच्छा ज्ञाता हो। लेकिन यहां सरकार ने सभी नियमों व कानून को ताक पर रखकर जो नई कमेटी बनाई है, उसमें शामिल सदस्य इस कमेटी के सदस्य बनने लायक नहीं है, क्योंकि इनमें से अधिकतर सदस्य सरकारी सोच के हैं और न ही एक्ट की शर्तों के मुताबिक हैं। और तो और कुछ सदस्यों पर तो अलग-अलग प्रकार का नशा करने के आरोप हैं, जोकि सरेआम सिख धर्म के साथ खिलवाड़ है। दीदार सिंह नलवी ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर सिख धर्म का अपमान करवाकर सोए हुए शेरों को जगाने का काम कर रही है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के गुल्लक में हर माह 8 से 9 करोड़ की राशि एकत्रित होती है, लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक सरकार हरियाणा के गुरुद्वारों का चार्ज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से नहीं ले पाई है। अगर प्रदेश सरकार उनसे गुरुद्वारों का चार्ज नहीं ले सकती तो फिर बादल परिवार से इस लड़ाई को लड़ने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस कमेटी को भंग कर 6 माह में चुनाव करवाकर नई कमेटी का गठन किया जाए। अन्यथा सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस मौके पर जगविंद्र सिंह माखां हरियाणा सिख समाज सीनियर मीत प्रधान, सदस्य हरचरण सिंह, मनजीत सिंह ओढां, जसविंद्र सिंह ओढां, भोला सिंह चोरमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर माह में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में फैसला दिया था। 22 सालों की लड़ाई के बाद हरियाणा सरकार ने एक 38 सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जोकि बिना सिख समाज से सलाह मशविरा किए बना दी गई। उन्होंने कहा कि उक्त कमेटी के चुनाव का एजेंडा विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके कुछ शर्तें भी रखी गई थी। शर्तों के मुताबिक कमेटी का प्रधान किसी महंत को नहीं बनाया जा सकता। इसका सदस्य वही व्यक्ति बन सकता है, जो अमृतधारी सिख हो, किसी प्रकार का नशा न करता हो और वह पंजाबी गुरुमखी का अच्छा ज्ञाता हो। लेकिन यहां सरकार ने सभी नियमों व कानून को ताक पर रखकर जो नई कमेटी बनाई है, उसमें शामिल सदस्य इस कमेटी के सदस्य बनने लायक नहीं है, क्योंकि इनमें से अधिकतर सदस्य सरकारी सोच के हैं और न ही एक्ट की शर्तों के मुताबिक हैं। और तो और कुछ सदस्यों पर तो अलग-अलग प्रकार का नशा करने के आरोप हैं, जोकि सरेआम सिख धर्म के साथ खिलवाड़ है। दीदार सिंह नलवी ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर सिख धर्म का अपमान करवाकर सोए हुए शेरों को जगाने का काम कर रही है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के गुल्लक में हर माह 8 से 9 करोड़ की राशि एकत्रित होती है, लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक सरकार हरियाणा के गुरुद्वारों का चार्ज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से नहीं ले पाई है। अगर प्रदेश सरकार उनसे गुरुद्वारों का चार्ज नहीं ले सकती तो फिर बादल परिवार से इस लड़ाई को लड़ने का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस कमेटी को भंग कर 6 माह में चुनाव करवाकर नई कमेटी का गठन किया जाए। अन्यथा सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस मौके पर जगविंद्र सिंह माखां हरियाणा सिख समाज सीनियर मीत प्रधान, सदस्य हरचरण सिंह, मनजीत सिंह ओढां, जसविंद्र सिंह ओढां, भोला सिंह चोरमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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