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मनुष्य के कर्म और धर्म का ज्ञान है गीता
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:08 AM IST
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प्रदेश के राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता हमारी आस्था है, श्रद्धा है, भावना एवं गौरव है, साथ ही जीवन जीने की बहुत मधुर अनूठी पद्धति है।
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जिसमें सतयुग से कलयुग तक मनुष्य के कर्म एवं धर्म का ज्ञान हैं। गीता के श्लोकों में मनुष्य जाति का आधार छिपा हैं। मनुष्य के लिए क्या कर्म हैं उसका क्या धर्म हैं यह भी बताया गया है।
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वे शनिवार को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के प्रथम दिवस उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पूर्व उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गीता का जन्म आज से लगभग 5140 वर्ष पूर्व हुआ।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता जयंती हिंदू सभ्यता का मार्ग दर्शन नहीं देती बल्कि यह जातिवाद से कहीं ऊपर मानवता का ज्ञान देती है।
उन्होंने कहा कि गीता के अठ्ठारह अध्यायों में मनुष्य के सभी धर्म एवं कर्म का ब्योरा हैं। इसमें सतयुग से कलियुग तक मनुष्य के कर्म एवं धर्म का ज्ञान हैं।
गीता के श्लोकों में मनुष्य जाति का आधार छिपा हैं। मनुष्य के लिए क्या कर्म हैं उसका क्या धर्म हैं। इसका विस्तार स्वयं कृष्ण ने अपने मुख से कुरुक्षेत्र की उस पावन धरती पर किया था। उसी ज्ञान को गीता के पन्नों में लिखा गया हैं।
यह सबसे पवित्र और मानव जाति का उद्धार करने वाला ग्रंथ हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से सरस्वती नदी को फिर से धरा पर बहाने का प्रयास किया जा रहा है।
रदेश सरकार द्वारा गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है ताकि छात्र गीता के ज्ञान को प्राप्त कर सके। उन्होंने इस मौके पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा अन्य विभागों द्वारा लगाई स्टॉल का अवलोकन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, जिलाध्यक्ष भाजपा अमीरचंद मेहता, उपायुक्त निखिल गजराज, अतिरिक्त उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, प्रशासनिक अधिकारी अनीश यादव, एसडीएम ऐलनाबाद प्रदीप दहिया, एसडीएम डबवाली अजय कुमार, एसडीएम सिरसा परमजीत सिंह चहल, नगराधीश बिजेंद्र सिंह, चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार असीम मिगलानी, महाप्रबंधक रोडवेज सुरेश कसवां, रत्नलाल बामणिया, युवा भाजपा नेता मनीष सिंगला, विनीत गोयल, रेणू शर्मा, गुरुदेव सिंह राही, सुरेंद्र नेहरा, राजवीर गोदारा आदि उपस्थित थे।
जीवन की हर समस्या का हल है गीता में
इस अवसर पर भाजपा अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रो. गणेशीलाल ने कहा कि छोटी-छोटी बातों से दुनियां बंट गई है। आज के मनुष्य जीवन में अहंकार आ गया है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद् गीता की शिक्षा का आज के युग में बहुत महत्व है। इसकी शिक्षा से मनुष्य में अहम की समाप्ति होती है तथा विचार शुद्ध होते हैं।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति ज्ञानी नहीं होता उसका सादा जीवन और शुद्ध विचार उसे ज्ञानी बनाते हैं, हर मनुष्य चाहें कोई डाक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, वकील, अध्यापक, किसी भी ओहदे पर हो वे अपने क्षेत्र से संबंधी कर्तव्यों का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि हम आम भाषा में सबको समझाते हैं कि नेकी कर दरिया में डाल, इसका अर्थ यह है कि अच्छे कार्य करो और उसे भूल जाओ।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार गीता में मनुष्य जीवन से जुड़े कई तथ्य आधारित है जो हर मनुष्य के जीवन में दुख एवं सुख में आते हैं तथा उनका हल भी गीता में ही मिलता है।
इस अवसर पर ब्रह्म कुमारी आश्रम से आई बीके बिंदू, ऋषिकेश शास्त्री ने विचार व्यक्त किए। श्रीराम पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने लोक नृत्य तथा विभिन्न पार्टियों द्वारा नगाड़ा, जंगम, बीण वादन व डेरु आदि प्रस्तुत किए गए।