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Sirsa News: इंग्लैंड भेजने के नाम पर 35 लाख रुपये के एजुकेशन लोन में धोखाधड़ी
Thu, 09 Jul 2026 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:34 AM IST
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दो इमीग्रेशन एजेंटों और उनके सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। इंग्लैंड में पढ़ाई के लिए बेटी को भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो इमीग्रेशन एजेंटों और उनके सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कीर्ति नगर निवासी सुधीर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है।
सुधीर कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी खुशी को इंग्लैंड भेजने के लिए एक इमीग्रेशन फर्म से संपर्क किया था। फर्म संचालक अनुराग और उसके सहयोगी रोशन ने उनकी मुलाकात अभिनव नामक व्यक्ति से कराई। अभिनव ने एजुकेशन लोन की व्यवस्था करवाई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बेटी की फीस, एंबेसी शुल्क और बीमा सहित करीब 13.36 लाख रुपये का खर्च होना था। एजेंट से पैकेज के तहत अतिरिक्त दो लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। सुधीर कुमार ने अनुराग को पांच लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा, 35 लाख रुपये के एजुकेशन लोन की पूरी राशि नेट बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ली गई।
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सुधीर कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने दोबारा फीस जमा करने के लिए लोन खाते की जांच की, तो पता चला कि पूरी राशि निकाली जा चुकी है। विरोध करने पर एजेंटों ने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने सारा मामला अभिनव पर डाल दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस कार्य पर 15-16 लाख रुपये खर्च होने थे, उसके लिए उनसे करीब 22.50 लाख रुपये वसूल लिए गए। लोन की 35 लाख रुपये की राशि भी निकाल ली गई। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। इंग्लैंड में पढ़ाई के लिए बेटी को भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो इमीग्रेशन एजेंटों और उनके सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कीर्ति नगर निवासी सुधीर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है।
सुधीर कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी खुशी को इंग्लैंड भेजने के लिए एक इमीग्रेशन फर्म से संपर्क किया था। फर्म संचालक अनुराग और उसके सहयोगी रोशन ने उनकी मुलाकात अभिनव नामक व्यक्ति से कराई। अभिनव ने एजुकेशन लोन की व्यवस्था करवाई थी।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, बेटी की फीस, एंबेसी शुल्क और बीमा सहित करीब 13.36 लाख रुपये का खर्च होना था। एजेंट से पैकेज के तहत अतिरिक्त दो लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। सुधीर कुमार ने अनुराग को पांच लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा, 35 लाख रुपये के एजुकेशन लोन की पूरी राशि नेट बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ली गई।
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सुधीर कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने दोबारा फीस जमा करने के लिए लोन खाते की जांच की, तो पता चला कि पूरी राशि निकाली जा चुकी है। विरोध करने पर एजेंटों ने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने सारा मामला अभिनव पर डाल दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस कार्य पर 15-16 लाख रुपये खर्च होने थे, उसके लिए उनसे करीब 22.50 लाख रुपये वसूल लिए गए। लोन की 35 लाख रुपये की राशि भी निकाल ली गई। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।