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32 गांवों के किसानों को नहीं मिला मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
Updated Thu, 14 Jan 2016 12:36 AM IST
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सिरसा जिले के भीतर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर नौ को चार मार्गीय बनाने के लिए सरकार की ओर से करीब ढाई वर्ष पूर्व कई गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन अभी तक तक 32 गांवों के किसानों को भूमि अधिग्रहण की एवज में मुआवजा नहीं मिला है।
इसको लेकर किसान कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। इससे परेशान किसानों ने नागरिक परिषद के माध्यम से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
मुआवजा न मिलने से हताश और निराश किसानों की मांग पर नागरिक परिषद सिरसा और अन्य जागरूक नागरिकों ने केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को एक पत्र भेजा है। नागरिक परिषद के सचिव सुरेंद्र भाटिया, पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा, जिला भाजपा महामंत्री यतिंद्र सिंह एडवोकेट, आर्य समाज के प्रधान डॉ. आरएस सांगवान, प्रगतिशील किसान मंच सिरसा के प्रधान सुरेंद्र सिंह वैदवाला, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वेद बैनीवाल और बार एसोसिएशन सिरसा के पूर्व प्रधान रमेश मेहता एडवोकेट ने अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र में लिखा है कि हाईवे को चौड़ा करने के लिए करीब ढाई वर्ष पूर्व किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। हाईवे को चारमार्गीय बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।
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किला नंबरों की एंट्री न करने का आरोप
उन्होंने कहा है कि सरकार की ओर से अधिकतर किसानों को एक साल पूर्व ही मुआवजा वितरित कर दिया था, मगर अभी तक 32 गांवों के सैकड़ों किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा अनेक किसानों के किला नंबरों की एंट्री न करने के कारण हुई है। सरकार इनमें से अधिकतर किसानों की भूमि का अधिग्रहण भी कर चुकी है मगर उन्हें भुगतान नहीं मिला है। कुछ किसानों ने इसका विरोध करते हुए अदालतों में मामले भी दायर किए हैं।
उन्होंने नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री से कहा है कि वे इस मामले को तुरंत निपटाएं और जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, उन्हें देरी के लिए 18 प्रतिशत ब्याज सहित मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही मुआवजा वितरण में जिन अधिकारियों ने लापरवाही की है, उन पर कार्रवाई की जाए।
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इसको लेकर किसान कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। इससे परेशान किसानों ने नागरिक परिषद के माध्यम से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
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मुआवजा न मिलने से हताश और निराश किसानों की मांग पर नागरिक परिषद सिरसा और अन्य जागरूक नागरिकों ने केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को एक पत्र भेजा है। नागरिक परिषद के सचिव सुरेंद्र भाटिया, पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा, जिला भाजपा महामंत्री यतिंद्र सिंह एडवोकेट, आर्य समाज के प्रधान डॉ. आरएस सांगवान, प्रगतिशील किसान मंच सिरसा के प्रधान सुरेंद्र सिंह वैदवाला, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वेद बैनीवाल और बार एसोसिएशन सिरसा के पूर्व प्रधान रमेश मेहता एडवोकेट ने अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र में लिखा है कि हाईवे को चौड़ा करने के लिए करीब ढाई वर्ष पूर्व किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। हाईवे को चारमार्गीय बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।
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किला नंबरों की एंट्री न करने का आरोप
उन्होंने कहा है कि सरकार की ओर से अधिकतर किसानों को एक साल पूर्व ही मुआवजा वितरित कर दिया था, मगर अभी तक 32 गांवों के सैकड़ों किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा अनेक किसानों के किला नंबरों की एंट्री न करने के कारण हुई है। सरकार इनमें से अधिकतर किसानों की भूमि का अधिग्रहण भी कर चुकी है मगर उन्हें भुगतान नहीं मिला है। कुछ किसानों ने इसका विरोध करते हुए अदालतों में मामले भी दायर किए हैं।
उन्होंने नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री से कहा है कि वे इस मामले को तुरंत निपटाएं और जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है, उन्हें देरी के लिए 18 प्रतिशत ब्याज सहित मुआवजा राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही मुआवजा वितरण में जिन अधिकारियों ने लापरवाही की है, उन पर कार्रवाई की जाए।