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Sirsa News: बेटियों का स्कूल अपग्रेड करवाने के लिए देवीलाल से भिड़ गए थे पूर्व सरपंच खूबराम

Thu, 25 Apr 2024 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 25 Apr 2024 01:24 AM IST
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Former sarpanch Khubram had clashed with Devi Lal for upgrading his daughters' school.
सिरसा। गांव चौटाला जिले का पहला ऐसा गांव है, जहां पर लड़कियों और लड़कों के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। लड़कियों को 12वीं तक की शिक्षा गांव में मुहैया करवाने के लिए तत्कालीन सरपंच खूबराम जाखड़ पूर्व प्रधानमंत्री देवीलाल तक से भिड़ गए थे। उन्होंने कहा था कि लड़कों को 12वीं तक की शिक्षा आसानी से मिल सकती है, लेकिन लड़कियों को 12वीं तक पढ़ाना बेहद जरूरी है। इसलिए गांव में लड़कों के स्कूल को अपग्रेड करने से पहले लड़कियों के स्कूल को भी अपग्रेड किया जाना जरूरी है।
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जिसके बाद देवीलाल ने पहले 1989 में लड़कियों और फिर 1991 में लड़कों के स्कूल को अपग्रेड कर सीनियर सेकेंडरी बनाया। जिसका परिणाम है कि आज लड़के और लड़कियों को 12वीं तक की शिक्षा गांव में बेहतर तरीके से मिल पाती है। लोकभलाई कार्यों के चलते खूबराम गांव के लोगों के बीच सम्मानित रहे हैं। वह गांव में निर्विवाद 1952 से लेकर 2005 तक 48 साल तक सरपंच रहे हैं। बीच में एक बार पांच साल के लिए वह सरपंच नहीं रह पाए। इतना ही नहीं, चौधरी देवीलाल के साथ चलकर गांव के विकास करवाने वाले चौधरी खूबराम ने आखिरी इनेलो सरकार 1999 से 2004 तक का सफर तय किया।
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पेशे से अध्यापक थे चौधरी खूबराम
बता दें कि चौधरी खूबराम जाखड़ का जन्म 1910 में गांव चौटाला में हुआ था। चार भाईयों में वह सबसे छोटे थे। वह स्वयं एक अध्यापक रहे। अध्यापन के क्षेत्र में 1978 में राज्य पुरस्कार व 1982 में राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में उन्होंने बढ़चढ़ कर भाग लिया। चौधरी देवीलाल आंदोलन में उनके साथ रहे। आंदोलन के दौरान उन्हें मुल्तान जेल भेजा गया था। वर्तमान बिजली मंत्री एवं हिसार से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी चौधरी रणजीत सिंह भी उनके घर पर पढ़ने के लिए जाते थे। उनकी मृत्यु 26 जून 2013 को 102 साल की उम्र में हुई।
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लाइन लगाकर चुना गया था सरपंच
देश में 1952 में पहली बार पंचायत चुनाव हुआ था। उस दौरान सरपंच बेहद रोचक तरीके से चुना गया था। सरपंच प्रत्याशियों को खड़ा कर दिया गया और लोगों का कहा गया कि जिसको वह सरपंच बनाना चाहते हैं, उसके पीछे जाकर खड़े हो जाएं। ऐसे में चौधरी खूबराम के पीछे एक लंबी लाइन देखने को मिली और पहली बार गांव चौटाला के सरपंच बने।

सरपंच रहते यह किए थे यह कार्य
1. महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 12वीं तक स्कूल अपग्रेड करवाया।
2. उनके कार्यकाल में जोहड़ की जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया गया।
3. उनके कार्यकाल में गलियों में कभी अवैध कब्जे नहीं हुए।


दादाजी ने गांव के विकास में अनेक कार्य करवाए थे। उनका गांव में अलग रुतबा था। शिक्षा ग्रहण करने के बाद व गांव के मुखिया होने के नाते उन्होंने हमेशा से गांव के विकास की ओर ध्यान दिया। जिले में वह पहले ऐसे सरपंच थे, जिन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया।
कुलदीप जाखड़, (दिवंगत खूबराम पूर्व सरपंच के पोते)
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