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भाई कन्हैया आश्रम के प्रयासों से विदेशी पर्यटक पहुंचेगा अपने देश
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भाई कन्हैया आश्रम के संचालक और पुलिस कर्मचारियों के साथ फिनलैंड से आया व्यक्ति। संवाद
- फोटो : Sirsa
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भाई कन्हैया आश्रम के प्रयासों से एक विदेशी पर्यटक अपने घर पहुंच पाएगा। उसकी पहचान फिनलैंड निवासी जूसो कोंटलनेन के रूप में हुई है।
आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि 12 जुलाई को जाखल पुलिस एक व्यक्ति को आश्रम में छोड़ गई। उक्त व्यक्ति तनाव में था और फतेहाबाद में लावारिस हालत में मिला था। उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। आश्रम में आने पर उसकी देखभाल की गई, तो उसका मानसिक तनाव कम हो गया। उसने बताया कि वह करीब दो महीने पहले अपने दोस्तों के साथ भारत घूमने आया था।
अब कहानी याद आई, बताया पूरा मामला
उसने बताया कि एक दिन वह एक स्टेशन पर बैठा था वहा नींद आ गई, जिस दौरान किसी अनजान व्यक्ति ने उसका बैग चोरी कर लिया। एक अनजान देश में आकर ऐसा हादसा होने की वजह से डिप्रेशन में आ गया। बस यही सोच रहने लगी कि मैं अपने देश वापस जा पाऊंगा या नहीं। आश्रम के सेवादारों ने उसको हिम्मत दी और कहा कि तुम जल्दी ही अपने देश लौट जाओगे। आश्रम के सेवादारों द्वारा फिनलैंड एंबेसी में संपर्क किया गया। वहां के वर्कर ने पूरा सहयोग किया, जिसके चलते परिजनों से उसकी बात कराई गई। अब वह अपने घर वापस पहुंच जाएगा। जाखल पुलिस स्टेशन में समान की गुमशुदा की रिपोर्ट करवाई गई। अब आश्रम से सेवादार बलवंत सिंह व गुरजीत सिंह ( होमगार्ड हरियाणा पुलिस) के साथ दिल्ली रवाना हुए। वहां फिनलैंड एंबेसी में उसे पेश किया गया। वहां पर कागजी कार्यवाही के उपरांत उसे एंबेसी द्वारा पासपोर्ट दिया जाएगा।
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सिरसा। भाई कन्हैया आश्रम के प्रयासों से एक विदेशी पर्यटक अपने घर पहुंच पाएगा। उसकी पहचान फिनलैंड निवासी जूसो कोंटलनेन के रूप में हुई है।
आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि 12 जुलाई को जाखल पुलिस एक व्यक्ति को आश्रम में छोड़ गई। उक्त व्यक्ति तनाव में था और फतेहाबाद में लावारिस हालत में मिला था। उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। आश्रम में आने पर उसकी देखभाल की गई, तो उसका मानसिक तनाव कम हो गया। उसने बताया कि वह करीब दो महीने पहले अपने दोस्तों के साथ भारत घूमने आया था।
अब कहानी याद आई, बताया पूरा मामला
उसने बताया कि एक दिन वह एक स्टेशन पर बैठा था वहा नींद आ गई, जिस दौरान किसी अनजान व्यक्ति ने उसका बैग चोरी कर लिया। एक अनजान देश में आकर ऐसा हादसा होने की वजह से डिप्रेशन में आ गया। बस यही सोच रहने लगी कि मैं अपने देश वापस जा पाऊंगा या नहीं। आश्रम के सेवादारों ने उसको हिम्मत दी और कहा कि तुम जल्दी ही अपने देश लौट जाओगे। आश्रम के सेवादारों द्वारा फिनलैंड एंबेसी में संपर्क किया गया। वहां के वर्कर ने पूरा सहयोग किया, जिसके चलते परिजनों से उसकी बात कराई गई। अब वह अपने घर वापस पहुंच जाएगा। जाखल पुलिस स्टेशन में समान की गुमशुदा की रिपोर्ट करवाई गई। अब आश्रम से सेवादार बलवंत सिंह व गुरजीत सिंह ( होमगार्ड हरियाणा पुलिस) के साथ दिल्ली रवाना हुए। वहां फिनलैंड एंबेसी में उसे पेश किया गया। वहां पर कागजी कार्यवाही के उपरांत उसे एंबेसी द्वारा पासपोर्ट दिया जाएगा।
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